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यूजीसी के खिलाफ छात्रों में गुस्सा, पीयू में प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन
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चंडीगढ़। यूजीसी की ओर से परीक्षाएं करवाने की घोषणा करने के बाद छात्रों में आक्रोश पनप रहा है। पीयू में कुछ छात्र संगठनों ने प्रदर्शन करके अधिकारियों को ज्ञापन दिया। उन्होंने कहा कि परीक्षाएं न कराई जाएं क्योंकि छात्रों के सामने सबसे बड़ा खतरा कोरोना बनेगा। इसके अलावा कुछ छात्र संगठनों के नेताओं ने भी पीयू के वीसी व चांसलर को पत्र लिखे हैं।
आइसा से अमन रतिया, अमन तामकोट, यूथ फॉर स्वराज से अंकुर आदि ने पीयू वीसी को ज्ञापन दिया। छात्रों ने कहा कि कोरोना का लगातार प्रसार हो रहा है। इस बीच अगर छात्रों को परीक्षा आयोजित की गई तो उन्हें कोरोना होने का खतरा होगा। पीयू परीक्षाएं किसी हाल में आयोजित न करे। इसके साथ ही देशभर में परीक्षाएं नहीं होनी चाहिएं। सभी छात्रों को बिना परीक्षाओं के प्रमोट किया जाए। यूजीसी के फैसले से फाइनल ईयर के छात्र घबराए हुए हैं। परीक्षा कराने का फैसला निंदनीय है।
एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा, पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह माहल आदि ने पीयू वीसी समेत चांसलर आदि को पत्र लिखा और छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यूूजीसी की ओर से जो निर्णय लिया गया है, वह गलत है। इसे वापस लिया जाए अन्यथा छात्रों की जान पर बन आएगी। सभी छात्र अपने-अपने राज्यों में चले गए। वहां से परीक्षा देने के लिए वे नहीं आ सकेंगे क्योंकि यातायात के साधनों की अभी दिक्कतें हैैं।
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आइसा से अमन रतिया, अमन तामकोट, यूथ फॉर स्वराज से अंकुर आदि ने पीयू वीसी को ज्ञापन दिया। छात्रों ने कहा कि कोरोना का लगातार प्रसार हो रहा है। इस बीच अगर छात्रों को परीक्षा आयोजित की गई तो उन्हें कोरोना होने का खतरा होगा। पीयू परीक्षाएं किसी हाल में आयोजित न करे। इसके साथ ही देशभर में परीक्षाएं नहीं होनी चाहिएं। सभी छात्रों को बिना परीक्षाओं के प्रमोट किया जाए। यूजीसी के फैसले से फाइनल ईयर के छात्र घबराए हुए हैं। परीक्षा कराने का फैसला निंदनीय है।
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एनएसयूआई के अध्यक्ष निखिल नरमेटा, पूर्व ज्वाइंट सेक्रेटरी मनप्रीत सिंह माहल आदि ने पीयू वीसी समेत चांसलर आदि को पत्र लिखा और छात्रों की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि यूूजीसी की ओर से जो निर्णय लिया गया है, वह गलत है। इसे वापस लिया जाए अन्यथा छात्रों की जान पर बन आएगी। सभी छात्र अपने-अपने राज्यों में चले गए। वहां से परीक्षा देने के लिए वे नहीं आ सकेंगे क्योंकि यातायात के साधनों की अभी दिक्कतें हैैं।
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