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Chandigarh News: गरीबी के फैसलों की कीमत चुकाती रही पूरी पीढ़ी
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चंडीगढ़। सेक्टर-16 स्थित पंजाब कला भवन में शनिवार को सात दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव ''''13 शगूफे–2026'''' का शुभारंभ हुआ। संस्कृति मंत्रालय, नार्थ जोन कल्चरल सेंटर, हरियाणा कला परिषद, पंजाब आर्ट्स काउंसिल और एमपैकट आर्ट्स के सहयोग से आयोजित महोत्सव के पहले दिन अजमेर सिंह औलख लिखित नाटक ''''सलवान'''' का मंचन किया गया। इसका निर्देशन गुरप्रीत सिंह बैंस ने किया।
नाटक में गरीबी, रिश्तों की जटिलता, प्रेम, त्याग और सामाजिक विडंबनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कहानी सलवान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गरीबी के कारण अपनी गर्भवती पत्नी अच्छरो को छोड़कर अपराध की दुनिया में चला जाता है। वर्षों बाद लौटने पर उसे अपने फैसलों के दूरगामी और दर्दनाक परिणामों का सामना करना पड़ता है। नाटक ने संदेश दिया कि आर्थिक मजबूरी में लिए गए गलत निर्णय केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का भविष्य प्रभावित कर सकते हैं। कलाकारों के सशक्त अभिनय और प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
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नाटक में गरीबी, रिश्तों की जटिलता, प्रेम, त्याग और सामाजिक विडंबनाओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। कहानी सलवान के इर्द-गिर्द घूमती है, जो गरीबी के कारण अपनी गर्भवती पत्नी अच्छरो को छोड़कर अपराध की दुनिया में चला जाता है। वर्षों बाद लौटने पर उसे अपने फैसलों के दूरगामी और दर्दनाक परिणामों का सामना करना पड़ता है। नाटक ने संदेश दिया कि आर्थिक मजबूरी में लिए गए गलत निर्णय केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी का भविष्य प्रभावित कर सकते हैं। कलाकारों के सशक्त अभिनय और प्रभावी प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
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