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Chandigarh News: एलोवेरा और सहजन का लेप टमाटरों को रखेगा लंबे समय तक ताजा

Fri, 23 Oct 2026 02:28 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:28 AM IST
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An application of aloe vera and drumstick (moringa) will keep tomatoes fresh for a longer time.
फोटो सहित
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मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन के फूड साइंस विभाग का शोध, बैक्टीरिया कम करने में सहजन के अर्क का असर बेहतर
जिलेटिन और ग्लिसरॉल से तैयार किया खाने योग्य लेप, सात दिन तक टमाटरों पर किया परीक्षण
मोनिका नागर
चंडीगढ़। खेत से बाजार तक पहुंचने के दौरान टमाटर और अन्य सब्जियां जल्दी खराब होने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। सब्जियों की बर्बादी कम करने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर विमेन के फूड साइंस विभाग ने एलोवेरा और सहजन (मोरिंगा) के अर्क से खाने योग्य लेप तैयार करने पर शोध किया है। शुरुआती नतीजों में इन प्राकृतिक अर्क से बैक्टीरिया की मात्रा कम करने में मदद मिलने की बात सामने आई है।
डॉ. वंदना शर्मा, डॉ. संदीप कौर और डॉ. दीपिका मलिक के मार्गदर्शन में किए गए शोध का उद्देश्य टमाटरों पर बैक्टीरिया के असर को कम करने और उनकी गुणवत्ता बनाए रखने की संभावना तलाशना था। भविष्य में इस तकनीक का इस्तेमाल अन्य फल-सब्जियों को सुरक्षित रखने में भी किया जा सकता है।
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जिलेटिन और ग्लिसरॉल से तैयार किया लेप
डॉ. संदीप कौर ने बताया कि शोध के दौरान जिलेटिन से लेप तैयार किया गया। इसमें ग्लिसरॉल मिलाया गया, ताकि लेप लचीला रहे। इसके बाद दो मिश्रण तैयार किए गए। पहले में एलोवेरा और दूसरे में सहजन की पत्तियों का अर्क मिलाया गया। इन दोनों लेपों से टमाटरों को ढककर सात दिनों तक उनकी जांच की गई। परिणामों की तुलना बिना लेप वाले टमाटरों से भी की गई।
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सहजन के अर्क का असर बेहतर
शोध में पाया गया कि दोनों प्राकृतिक अर्क वाले लेप बैक्टीरिया की मात्रा कम करने में मददगार रहे। सहजन के अर्क वाले लेप का असर सबसे बेहतर रहा, जबकि एलोवेरा के लेप से भी सकारात्मक परिणाम मिले। डॉ. वंदना शर्मा के अनुसार, आगे के परीक्षण सफल रहने पर यह तकनीक टमाटर और अन्य सब्जियों की बर्बादी कम करने में उपयोगी हो सकती है। इससे किसानों, विक्रेताओं और उपभोक्ताओं को लाभ मिलने की संभावना है।
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