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अमृतसर ट्रेन हादसाः जिंदा बच निकला 13 साल का बच्चा, मां-बाप ने सोचा नहीं रहा, पर ऐसे मिला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 25 Oct 2018 09:04 AM IST
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अमृतसर हादसे में गुम हुआ अर्शदीप सिंह
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अमृतसर ट्रेन हादसे में 59 लोगों की जान चली गई, लेकिन 13 साल का बच्चा करिश्माई तरीके से बच गया, जबकि मां-बाप सोच रहे थे कि वह अब नहीं रहा। लेकिन वह जिंदा था और घरवालों से बिछड़कर दिल्ली पहुंच गया था। किस्मत से उन्हें भी वह मिल गया।
अमृतसर के गांव नौशहरा पन्नुआं निवासी फूल सिंह का 13 साल का बेटा अर्शदीप सिंह दशहरा देखने के लिए निकला था, लेकिन वह घर नहीं लौटा। मां-बाप को लगा कि बेटा भी ट्रेन की चपेट में आ गया। वे उसे लाशों की ढेर में ढूंढते रहे, लेकिन उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें पता चला कि अर्शदीप जिंदा है और दिल्ली में है।
फिर वे तुरंत दिल्ली पहुंचे और बेटे को संभाला। उनके बेटे तक पहुंचने की कहानी भी दिलचस्प है।
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अमृतसर के गांव नौशहरा पन्नुआं निवासी फूल सिंह का 13 साल का बेटा अर्शदीप सिंह दशहरा देखने के लिए निकला था, लेकिन वह घर नहीं लौटा। मां-बाप को लगा कि बेटा भी ट्रेन की चपेट में आ गया। वे उसे लाशों की ढेर में ढूंढते रहे, लेकिन उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा, जब उन्हें पता चला कि अर्शदीप जिंदा है और दिल्ली में है।
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फिर वे तुरंत दिल्ली पहुंचे और बेटे को संभाला। उनके बेटे तक पहुंचने की कहानी भी दिलचस्प है।
इस तरह पता चला अर्शदीप का
अर्शदीप सिंह का परिवार
अर्शदीप के पिता फूल सिंह ने बताया कि वे जोड़ा फाटक के पास ही रहते हैं। अर्शदीप शाम को घर से निकला था। कुछ देर बार उन्हें फाटक पर हादसे की खबर मिली, तो उनके होश उड़ गए। अनहोनी की आशंका से वे तुंरत घटनास्थल पर पहुंचे। बेटे को इधर उधर तलाशा, दोस्तों से पता किया लेकिन वह नहीं मिला। न ही वह खुद घर लौटा।
फूल सिंह ने बताया कि वे अर्शदीप को तलाशन के लिए अस्पताल भी गए, लेकिन वह नहीं मिला। न ही किसी तरह की बात सुनने में आई। इस बीच मंजू गुप्ता नाम की लड़की का फोन आया। उसने अर्शदीप को तलाशने में मदद करने को कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अर्शदीप की फोटो अपलोड कर दी।
दिल्ली में काम करने वाली साथ नाम की एक संस्था ने अर्शदीप की फोटो देखी और मंजू से संपर्क करके उसे बच्चे के जिंदा और सही सलामत होने की खबर दी। मंजू ने फूल सिंह को बताया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंगलवार को वे और मंजू जाकर अर्शदीप को वापस ले आए।
फूल सिंह ने बताया कि वे अर्शदीप को तलाशन के लिए अस्पताल भी गए, लेकिन वह नहीं मिला। न ही किसी तरह की बात सुनने में आई। इस बीच मंजू गुप्ता नाम की लड़की का फोन आया। उसने अर्शदीप को तलाशने में मदद करने को कहा। उन्होंने सोशल मीडिया पर अर्शदीप की फोटो अपलोड कर दी।
दिल्ली में काम करने वाली साथ नाम की एक संस्था ने अर्शदीप की फोटो देखी और मंजू से संपर्क करके उसे बच्चे के जिंदा और सही सलामत होने की खबर दी। मंजू ने फूल सिंह को बताया तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। मंगलवार को वे और मंजू जाकर अर्शदीप को वापस ले आए।