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अमृतसर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना निगम चुनाव दिसंबर में, तैयारियां शुरू
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 27 Sep 2017 09:16 AM IST
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पंजाब सरकार इस साल दिसंबर में चार प्रमुख नगर निगमों और 28 नगर काउंसिलों के चुनाव कराएगी। इन सभी का कार्यकाल पूरा हो गया है। इसके बाद निकाय विभाग ने इनमें प्रशासक नियुक्त कर दिए हैं। निगमों में कमिश्नर और काउंसिलों में संबंधित एसडीएम को प्रशासक बनाया गया है।
निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि अमृतसर, जालंधर, पटियाला व लुधियाना निगमों व काउंसिलों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। बढ़ रही आबादी को देखते हुए वार्डबंदी के लिए नया फॉर्मूला बनाया गया है, वार्डों की संख्या बढ़ाई गई है। अमृतसर में वार्ड 65 से बढ़ा कर 85, जालंधर में 60 से 80, पटियाला में 50 से 60 और लुधियाना में 75 से बढ़ा कर 95 किए गए हैं।
वार्डों का रेशनलाइजेशन किया जा रहा है। हर वार्ड में 11 से 13 हजार वोटर रखे जाएंगे। अगर कोई वार्ड दो हलकों में पड़ रहा है तो उसे भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लुधियाना को छोड़ कर सभी जगह वार्डबंदी का काम पूरा हो चुका है। एतराज लेने के बाद फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा दो साल में किए जाने वाले कामों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
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निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने प्रेस कांफ्रेंस में दावा किया कि अमृतसर, जालंधर, पटियाला व लुधियाना निगमों व काउंसिलों में विकास कार्य प्रभावित नहीं होने दिए जाएंगे। बढ़ रही आबादी को देखते हुए वार्डबंदी के लिए नया फॉर्मूला बनाया गया है, वार्डों की संख्या बढ़ाई गई है। अमृतसर में वार्ड 65 से बढ़ा कर 85, जालंधर में 60 से 80, पटियाला में 50 से 60 और लुधियाना में 75 से बढ़ा कर 95 किए गए हैं।
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वार्डों का रेशनलाइजेशन किया जा रहा है। हर वार्ड में 11 से 13 हजार वोटर रखे जाएंगे। अगर कोई वार्ड दो हलकों में पड़ रहा है तो उसे भी ठीक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि लुधियाना को छोड़ कर सभी जगह वार्डबंदी का काम पूरा हो चुका है। एतराज लेने के बाद फाइनल नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा। विभाग द्वारा दो साल में किए जाने वाले कामों का रोडमैप तैयार किया जा रहा है।
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चुनाव से पहले होंगे विकास कार्य
चुनाव से पहले होंगे विकास कार्य
निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने माना कि अभी तक फंड की किल्लत के कारण विकास कार्य नहीं हुए हैं। पार्टी विधायक भी इसकी शिकायत कर चुके हैं कि पहले विकास कार्य कराए जाएं, फिर चुनाव हो। इसलिए विभाग ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
अमृतसर में 125 करोड़ के टेंडर लग चुके है, जिनमें से 75 करोड़ रुपये पीआईडीबी से आए हैं। लुधियाना में भी पीआईडीबी के फंड से 135 करोड़ के काम कराए जा रहे हैं। बाकी शहरों में भी जल्द टेंडर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग को वैट व अन्य सोर्स से 1600 करोड़ रुपये आते हैं। लेकिन इस बार अब तक जीएसटी का हिस्सा नहीं मिला है। जिसकी वजह से विकास कार्य प्रभावित हुए।
फिर पीआईडीबी का सहारा
कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट मीटिंग में पिछली सरकार के फैसले रिव्यू करने का प्रस्ताव पास किया था। साथ ही पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (पीआईडीबी) के जरिए शहरों व कस्बों में विकास कार्य करवाने पर रोक लगा दी थी। पीआईडीबी द्वारा पहले जारी फंड के ऑडिट के भी आदेश दिए थे। लेकिन आखिर छह माह बाद कांग्रेस को फिर फंड के लिए पीआईडीबी की तरफ ही लौटना पड़ा।
निकायमंत्री नवजोत सिद्धू ने माना कि अभी तक फंड की किल्लत के कारण विकास कार्य नहीं हुए हैं। पार्टी विधायक भी इसकी शिकायत कर चुके हैं कि पहले विकास कार्य कराए जाएं, फिर चुनाव हो। इसलिए विभाग ने इस पर तेजी से काम शुरू कर दिया है।
अमृतसर में 125 करोड़ के टेंडर लग चुके है, जिनमें से 75 करोड़ रुपये पीआईडीबी से आए हैं। लुधियाना में भी पीआईडीबी के फंड से 135 करोड़ के काम कराए जा रहे हैं। बाकी शहरों में भी जल्द टेंडर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि विभाग को वैट व अन्य सोर्स से 1600 करोड़ रुपये आते हैं। लेकिन इस बार अब तक जीएसटी का हिस्सा नहीं मिला है। जिसकी वजह से विकास कार्य प्रभावित हुए।
फिर पीआईडीबी का सहारा
कांग्रेस सरकार ने पहली ही कैबिनेट मीटिंग में पिछली सरकार के फैसले रिव्यू करने का प्रस्ताव पास किया था। साथ ही पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (पीआईडीबी) के जरिए शहरों व कस्बों में विकास कार्य करवाने पर रोक लगा दी थी। पीआईडीबी द्वारा पहले जारी फंड के ऑडिट के भी आदेश दिए थे। लेकिन आखिर छह माह बाद कांग्रेस को फिर फंड के लिए पीआईडीबी की तरफ ही लौटना पड़ा।