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अमृतसर बस हादसा: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को जारी किया नोटिस

Tue, 18 Oct 2016 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 18 Oct 2016 09:32 AM IST
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Amritsar bus accident The High Court has issued notice to the Punjab government
school bus accident in amritsar - फोटो : File Photo
अमृतसर के अटारी में गत 21 सितंबर को एक स्कूली बस के नाले में गिरने से हुई सात बच्चों की मौत के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। अदालत ने मोहाली निवासी एक व्यक्ति द्वारा भेजे गए पत्र को याचिका के रूप में स्वीकार कर लिया है। सोमवार को इसी याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने पंजाब सरकार से आठ नवंबर तक जवाब मांगा है। 
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उल्लेखनीय है कि हादसे में स्कूली बच्चों की मौत के अलावा कई बच्चे गंभीर रूप से घायल भी हुए थे। हादसे का मुख्य कारण नाले के पुल पर कोई रेलिंग न होना था। मोहाली निवासी रामकुमार की ओर से हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजे गए पत्र में पंजाब में रेलिंग रहित पुलों व पुलियों के कारण हुए कई हादसों का जिक्त्रस् किया गया है। पत्र में कहा गया कि पंजाब में कई और पुल ऐसे हैं, जहां सुरक्षा के लिए रेलिंग नहीं है। 
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रामकुमार ने पत्र में कहा है कि अमृतसर जिला प्रशासन ने दो साल पहले भी ऐसे ही एक हादसे के बाद किए सर्वें में पाया था कि पूरे जिले में 86 ऐसे पुल ऐसे हैं, जिन पर रेलिंग नहीं है। तब तत्कालीन डीसी ने पीडब्ल्यूडी को ऐसे सभी पुलों की मरम्मत करने और वहां रेलिंग लगाने के निर्देश दिए थे, इन निर्देशों पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और अधिकांश पुल आज भी रेलिंग के बिना ही उपयोग किए जा रहे हैं। पत्र में उन्होंने सड़कों की खस्ता हालत का भी जिक्र किया है, जिसे हादसों की वजह भी करार दिया है।
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पुलों पर नहीं लगी है रेलिंग, मोहाली निवासी के पत्र को बनाई याचिका

Amritsar bus accident The High Court has issued notice to the Punjab government
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh - फोटो : File Photo
रामकुमार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि वर्ष 2014 में खरड़-अंबाला मार्ग पर एक दुर्घटना में चार लोग मारे गए थे, क्योंकि सड़कों पर इतने बड़े गड्ढे हैं कि कोई भी वाहन कभी भी अनियंत्रित होकर दुर्घटना का शिकार हो जाता है।

रामकुमार का कहना है कि उन्होंने इस मामले को लेकर जिला अदालत में भी केस किया था, जिस पर जिला अदालत ने पंजाब सरकार को सभी सड़कों की मरम्मत के आदेश जारी किए थे, लेकिन सरकार ने सिर्फ मोहाली जिले की सड़कों को ही ठीक कराया। 

इंफ्रास्ट्रक्टर सेस का उपयोग सड़कों पर नहीं
राम कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि पंजाब सरकार राज्य में संपत्ति की रजिस्ट्री के समय एक फीसदी इंफ्रास्ट्रक्चर सेस वसूलती है, लेकिन इस मद में मिलने वाली राशि का इस्तेमाल सड़कों को बेहतर बनाने के लिए नहीं किया जा रहा। रामकुमार ने अपने पत्र में हाईकोर्ट से यह भी मांग की है कि अटारी स्कूल बस हादसे से दोषियों की जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए। जिनके कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ, उन्हें सजा दी जानी चाहिए। इसके साथ ही राम कुमार ने प्रदेश की सभी सड़कों और पुलों की पहचान करने और उनकी मरम्मत व रेलिंग लगाने का काम पूरा कराने की मांग भी की है। 
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