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Amritpal Singh: डिब्रूगढ़ जेल में साथियों संग भूख हड़ताल पर अमृतपाल, पत्नी किरणदीप कौर ने बताई वजह

Fri, 30 Jun 2023 12:06 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Fri, 30 Jun 2023 12:06 AM IST
सार

अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर ने कहा कि अगर फोन से बातचीत की सुविधा मुहैया करा दी जाए तो एक मुलाकात पर 20 से 25 हजार रुपये एक व्यक्ति को खर्च नहीं करने पड़े। हर परिवार यह खर्च सहन नहीं कर सकता है।

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Amritpal Singh in hunger strike with associates in Dibrugarh Jail
अमृतपाल सिंह। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख एवं खालिस्तान समर्थक अमृतपाल सिंह की पत्नी किरणदीप कौर ने जेल में उससे मुलाकात की। इसके बाद किरणदीप कौर ने कहा कि अमृतपाल सिंह अन्य कैदियों के साथ असम की डिब्रूगढ़ जेल में भूख हड़ताल पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार डिब्रूगढ़ जेल से उन्हें फोन करने की अनुमति नहीं दे रही है। जेल का खाना खाने लायक नहीं है।

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किरणदीप कौर ने कहा कि वह हर हफ्ते अमृतपाल सिंह से मिलने असम की डिब्रूगढ़ जेल जाती है। हर हफ्ते की तरह आज की मुलाकात का समय भी बहुत जल्दी बीत गया। यहां मुझे पता चला कि अमृतपाल सिंह अन्य साथियों के साथ भूख हड़ताल पर है। इसके कुछ कारण हैं। उनमें से एक कारण यह है कि पंजाब सरकार उन्हें डिब्रूगढ़ जेल में टेलीफोन की अनुमति नहीं दे रही है। 
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उन्होंने कहा कि अगर यह सुविधा मुहैया करा दी जाए तो एक मुलाकात के लिए 20-25 हजार रुपये एक व्यक्ति को खर्च नहीं करने पड़े। हर परिवार यह खर्च सहन नहीं कर सकता है। 
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उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यह है कि फोन की सुविधा नहीं मिलने के कारण वकीलों से भी बात नहीं हो पाती है। इस वजह से वकीलों से न तो कुछ कहा जा सकता है और न ही कुछ पूछा जा सकता है। इससे केस लड़ने में काफी बाधा आती है और सही गलत का पता नहीं चल पाता। दूसरी बात यह है कि जेल में खाने-पीने की व्यवस्था अच्छी नहीं है। कभी दाल सब्जी में नमक नहीं डालते तो कभी रोटी में तंबाकू मिला होता है। खाना खाने लायक नहीं होता है। 


कभी-कभी संक्षेप में यह कहते हैं कि हम आपको नहीं समझते, न ही कोई दुभाषिया है... जो समझा सके। इस वजह से कुछ साथी मानसिक समस्याओं से भी जूझ रहे हैं। सरकार को जल्द से जल्द इन मुद्दों का समाधान करना चाहिए। यह केवल सामान्य सुविधाओं की मांग है और कुछ भी नहीं। उन्होंने कहा कि वह अपने पति के साथ इस भूख हड़ताल में भाग ले रही हैं।

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