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आम्रपाली ग्रुप के सीएमडी को भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Sep 2017 03:20 PM IST
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नोएडा सेक्टर-62 स्थित आम्रपाली लेजर वैली प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा को भगोड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश जिला अदालत ने दिए हैं। इससे पहले चेक बाउंस के चार अलग-अलग मामलों में सीएमडी समेत दो डायरेक्टरों के जिला अदालत से ही गैर जमानती वारंट जारी हो चुके थे। यूटी पुलिस उनकी सर्च के लिए नोएडा, दिल्ली गई थी, लेकिन वह मिले नहीं। पुलिस के अनुसार वह फरार बताए जा रहे हैं। इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ पीओ प्रोसिडिंग शुरू करने के आदेश दिए हैं।
मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-46 निवासी परमजीत सिंह हैं। उन्होंने कुछ समय पहले आम्रपाली ग्रुप के नोएडा स्थित एक रियल इस्टेट प्रोजेक्ट में 14 लाख रुपये निवेश किए थे। हालांकि इसके बाद उन्हें पता चला कि यह प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने कई जरूरी अनुमति नहीं ली हैं। इस पर उन्होंने दिल्ली स्थित बिल्डर्स अथॉरिटी में शिकायत दायर की। वहां दोनों पक्षों में समझौता हो गया और आम्रपाली ग्रुप को परमजीत को 13 लाख रुपये देने के आदेश दिए गए।
ग्रुप की ओर से उन्हें शुरुआत में चार लाख रुपये दे दिए गए और शेष के चार अलग-अलग राशि के चेक दिए गए। ये चेक परमजीत सिंह ने बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। इस पर उन्होंने जिला अदालत में एनआई एक्ट 138, 141, 142 के तहत अलग-अलग केस दायर किया।
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मामले में शिकायतकर्ता सेक्टर-46 निवासी परमजीत सिंह हैं। उन्होंने कुछ समय पहले आम्रपाली ग्रुप के नोएडा स्थित एक रियल इस्टेट प्रोजेक्ट में 14 लाख रुपये निवेश किए थे। हालांकि इसके बाद उन्हें पता चला कि यह प्रोजेक्ट के लिए कंपनी ने कई जरूरी अनुमति नहीं ली हैं। इस पर उन्होंने दिल्ली स्थित बिल्डर्स अथॉरिटी में शिकायत दायर की। वहां दोनों पक्षों में समझौता हो गया और आम्रपाली ग्रुप को परमजीत को 13 लाख रुपये देने के आदेश दिए गए।
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ग्रुप की ओर से उन्हें शुरुआत में चार लाख रुपये दे दिए गए और शेष के चार अलग-अलग राशि के चेक दिए गए। ये चेक परमजीत सिंह ने बैंक में लगाए तो वह बाउंस हो गए। इस पर उन्होंने जिला अदालत में एनआई एक्ट 138, 141, 142 के तहत अलग-अलग केस दायर किया।
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court
दायर केस में चेक पर दस्तख्त करने वाले कंपनी के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा, के अलावा अजय कुमार, सुभाष चंद्र कुमार, शिव प्रिया और अनिल कुमार सुरेखा को पार्टी बनाया गया था। लेकिन, बाद में कोर्ट ने केवल सीएमडी अनिल कुमार शर्मा और दो डायरेक्टरों सुभाष कुमार और शिव प्रिया को केस में समन किया था। समन के बावजूद वह पेश नहीं हुए।
इस पर अदालत ने उन्के जमानती वारंट जारी किए। इसके बावजूद वह पेश नहीं हुए। कई बार समन और जमानती वारंट जारी करने के बावजूद उनके कोर्ट में पेश न होने पर जिला अदालत ने पिछली सुनवाई पर उनके 16 सितंबर के निए गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
इस पर शनिवार को पुलिस की ओर से भेजी रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी तलाश मेंपुलिस ने कई जगह दबिश दी, लेकिन उनकी आरोपियों के फरार होने पर उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने फिलहाल ग्रुप के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा को भगौड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।
इस पर अदालत ने उन्के जमानती वारंट जारी किए। इसके बावजूद वह पेश नहीं हुए। कई बार समन और जमानती वारंट जारी करने के बावजूद उनके कोर्ट में पेश न होने पर जिला अदालत ने पिछली सुनवाई पर उनके 16 सितंबर के निए गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
इस पर शनिवार को पुलिस की ओर से भेजी रिपोर्ट में कहा गया कि उनकी तलाश मेंपुलिस ने कई जगह दबिश दी, लेकिन उनकी आरोपियों के फरार होने पर उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इस पर अदालत ने फिलहाल ग्रुप के सीएमडी अनिल कुमार शर्मा को भगौड़ा करार देने की प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए हैं।