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चंडीगढ़ निगम में पहली बार होगा ऑडिट: वित्तीय संकट के बीच कर्मचारियों पर लटकी छंटनी की तलवार
Sat, 25 Jan 2025 02:11 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jan 2025 02:11 AM IST
सार
नगर निगम के आयुक्त अमित कुमार नई भर्ती और 60 साल से ज्यादा उम्र के कर्मचारियों को लेकर काफी ज्यादा सख्त है। उन्होंने सभी ब्रांच व विंग के प्रमुखों को सख्त हिदायत दी है कि वह कोई भी नई भर्ती न करें और उनके ब्रांच में कोई भी कर्मचारी 60 साल से ज्यादा उम्र का न हो।
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- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
चंडीगढ़ नगर निगम अपने खर्चों में कटौती के लिए कर्मचारियों की आवश्यक संख्या का आकलन कराने जा रहा है। इसके लिए पहली बार नई दिल्ली स्थित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (आईआईपीए) से ऑडिट कराने की तैयारी की जा रही है।
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ऑडिट के बाद अगर कर्मचारी ज्यादा निकलते हैं तो कई कर्मचारियों पर छंटनी की तलवार लटक सकती है। उधर, 60 वर्ष से अधिक उम्र के कर्मियों को हटाने की प्रक्रिया भी जारी है। पिछले दो महीनों में 50 से अधिक कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।
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पहली बार कर्मचारियों की संख्या का ऑडिट
नगर निगम में पहली बार कर्मचारियों की संख्या और उनकी आवश्यकताओं का ऑडिट कराने की तैयारी की जा रही है। निगम पर लगातार जरूरत से ज्यादा कर्मचारियों को भर्ती करने का आरोप लग रहा है। कई पार्षद भी इसे लेकर सवाल उठा चुके हैं और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठकों में बोल चुके हैं कि निगम में आउटसोर्स पर ज्यादा कर्मी हैं। कहा था कि निगम को यह जानने की जरूरत है कि उसे वास्तव में कितने कर्मचारियों की आवश्यकता है ताकि अनावश्यक खर्चों को रोका जा सके। इस वजह से ही ऑडिट कराने के लिए नई दिल्ली के आईआईपीए से संपर्क साधा गया और उनसे कोटेशन मांगी गई।आईआईपीए ने ऑडिट करने के लिए हामी भरी है और छह महीने का समय मांगा है। साथ ही बताया कि इसके लिए उनकी फीस करीब 25 लाख रुपये होगी। अब निगम की तरफ से इस पर फैसला लिया जाना है। बता दें कि आईआईपीए, प्रशासनिक दक्षता और संसाधनों के उचित उपयोग में विशेषज्ञता रखता है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार इस प्रक्रिया से वास्तविक जरूरतों का पता लगाया जाएगा और बेवजह के खर्चों को कम किया जा सकेगा।
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