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एंबुलेंस चालक ने अस्पताल ले जाने से किया इंकार, घायल युवती की मौत

Fri, 16 Dec 2016 01:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली Updated Fri, 16 Dec 2016 01:03 PM IST
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ambulence driver refused to take injured girl at hospital and she died
मृत देहअ - फोटो : डेमो फोटो
एंबुलेंस चालक ने बेहद अजीब सा कारण बताते हुए घायल युवती को अस्पताल ले जाने से इंकार कर दिया और उसकी मौत हो गई। मामला मोहाली का है। लांडरां के गांव स्नेटा में वीरवार शाम को ट्राले ने ओवर टेक करने के दौरान ऑल्टो कार में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में गांव सैदखेड़ी, राजपुरा निवासी राजदीप कौर (25) की मौके पर ही मौत हो गई। युवती ज्ञान सागर इंस्टीट्यूट के ब्लड बैंक में काम करती थी। सैदखेड़ी निवासी बलकार ने बताया कि वह अपनी बहन राजदीप के साथ आल्टो कार से बढू साहिब में पढ़ाई कर रही छोटी बहन को लेने के लिए चंडीगढ़ जा रहा था। जब वे लोग स्नेटा के नजदीक पहुंचे तो पीछे आ रहे एक ट्राले ने ओवर टेक करने के चक्कर में आल्टो कार को टक्कर मार दी। हादसे में राजदीप की गर्दन शरीर से अलग होकर लटक गई थी। हादसा 5:54 बजे हुआ था, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं आई और न ही पुलिस वाले मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने बताया कि जब रैपिड एक्शन फोर्स की टीम आई तो उस समय बहन की सांस चल रही थी। जब कोई सहायता नहीं मिली तो वह बहन को फेज-6 स्थित अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने  ट्राले को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद उन्होंने 108 नंबर पर फोन किया, लेकिन एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। इसके बाद 100 नंबर पर फोन किया तो रैपिड एक्शन फोर्स की टीम मौके पर पहुंची। बलकार का आरोप है कि जब आरएएफ की टीम से घायल को अस्पताल पहुंचाने के लिए कहा गया तो उन्होंने गाड़ी में खून लग जाने की बात कहकर ले जाने से इंकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने खुद बहन को अस्पताल पहुंचाया। मृतका के शव को फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल की मॉर्चरी में रखवा दिया है।
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खुद ट्राले को पीछा कर रोका
बलकार ने बताया कि हादसे के बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। उन्होंने काफी देर तक उसका पीछा किया। इसके बाद ट्राला चालक मौके से फरार हो गया। जबकि ट्राला को उन्होंने घेर लिया। बलकार ने बताया कि ट्राला तो पकड़ लिया, लेकिन अपनी बहन को नहीं बचा पाया।
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