फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Ambulance mafia in PGI, complains to police and UT administration

पीजीआई में एंबुलेंस माफिया फिर सक्रिय, पुलिस व यूटी प्रशासन को शिकायत

Tue, 25 Apr 2017 09:32 AM IST
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 25 Apr 2017 09:32 AM IST
विज्ञापन
Ambulance mafia in PGI, complains to police and UT administration
पीजीआई चंडीगढ़ - फोटो : demo pics
पीजीआई में एंबुलेंस के नाम पर ओवर चार्जिंग और दुर्व्यवहार का मामला फिर सामने आया है। हिमाचल और सारंगपुर से आए दो मरीजों के परिजनों ने एंबुलेंस संचालकों पर गुंडागर्दी, ओवर चार्जिंग की शिकायत पीयू प्रशासन से की है। इसके बाद पीजीआई प्रशासन की ओर से पुलिस व यूटी प्रशासन को पत्र लिखा है। एक तरफ चौकी पुलिस इस मामले की जांच में लगी है जबकि दूसरी ओर 11 महीने  पहले हुए एंबुलेंस स्कैम में शामिल दूसरे आरोपी संचालक की तलाश भी पुलिस कर रही है। 
विज्ञापन


पीजीआई के सिक्योरिटी विभाग की ओर से पुलिस को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अवैध वसूली करने, मरीजों के परिजनों के साथ अवैधानिक तरीके से धक्काशाही करने वाले प्राइवेट एंबुलेंस संचालक दोबारा से परिसर में सक्रिय होने लगे है। पुलिस अपने स्तर पर इस मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। सूत्रों के अनुसार पीजीआई की ओर से अलग-अलग तारीख में आई हिमाचल निवासी पीड़ित परिजन व सारंगपुर निवासी पीड़ित परिजनों के मामले का जिक्र किया गया है। जिसमें एंबुलेंस संचालकों ने हिमाचल निवासी परिजनों को शव लेकर जाने में दोगुना चार्ज मांग रहे थे। 
विज्ञापन


पुलिस के पास भी पहुंचा था हिमाचल के पीड़ितों का मामला 
पीजीआई चौकी पुलिस के अनुसार मार्च में हिमाचल से आए पीड़ित परिजनों ने पुलिस चौकी में शिकायत दी। उनका आरोप था कि उन्हें अपने परिवार के मृत सदस्य का शव लेकर जाना था जिसके लिए उसके छोटे भाई ने परिसर में खड़े एक प्राइवेट एंबुलेंस चालक से बातचीत की। इसी बीच हिमाचल जाने वाली एक एंबुलेंस के चालक ने मरीज को ट्रामा सेंटर में छोड़ा और उन्हीं परिजनों के पास आकर रुके। इसी बीच परिवार के एक सदस्य से बातचीत में हिमाचल के एंबुलेंस चालक ने कहा कि उसको दोबारा से हिमाचल जाना है तो आप आधे पैसे में ही चले सकते है। पीड़ित परिवार द्वारा लोकल एंबुलेंस चालक को मना करने के बाद वह गुस्से में मारपीट पर उतारू हो गया। परिजनों का आरोप था कि एंबुलेंस चालक ने कहा जाओ चाहे मत जाओ किराया वह पूरा लेगा। इसके बाद सूचना पाकर पुलिस के पहुंचने के बाद प्राइवेट एंबुलेंस चालक समझौता कर वहां से निकल गया। इस मामले में पीड़ित परिजनों ने लिखकर पुलिस को सौंपा कि वह इस मामले में किसी तरह की कार्रवाई नहीं चाहते है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 2016 में पहली बार सामने आया था मामला

Ambulance mafia in PGI, complains to police and UT administration
आरोपियों की तलाश जारी-
पीजीआई चौकी इंचार्ज ईरम रिजवी ने बताया कि पीजीआई प्रशासन की ओर से अवैध संचालकों की सक्रियता का लेटर मिलने के बाद पुलिस काफी मुस्तैदी से आरोपियों की तलाश में लगी है। हालांकि उनकी शिकायत के आधार पर जांच में अभी तक कोई आरोपी नहीं मिला है। लेकिन अगर किसी को इस तरह की घटना का सामना करना पड़ता है तो तुरंत पुलिस को सूचना दे।  

 2016 में पहली बार सामने आया था मामला
2 जून 2016 को सेक्टर-11 थाना पुलिस के पास प्राइवेट एंबुलेंस चालकों के खिलाफ गुंडागर्दी करने, जबरन 5-5 गुना ज्यादा किराया वसूलने व ट्रस्ट और अन्य टैक्सी चालकों को गाड़ी नहीं लगने देने की शिकायत आई थी। 2 प्राइवेट ग्रुप के सदस्यों का नेटवर्क इतना तेज था कि जैसे ही किसी मरीज की मौत होती थी या पोस्टमार्टम होता था तो ये तुरंत उसके पास पहुंच जाते थे। मामले का खुलासा होने पर पुलिस ने 3 दिन में कुल 12 फर्जी एंबुलेंस जब्त की थी। साथ ही पीजीआई के सात कर्मचारियों जिनमें सिक्योरिटी गार्ड के पद पर तैनात शव बांधने वाले तीन कर्मचारी भी गिरफ्तार हुए। इन पर फर्जी एंबुलेंस चालकों को सूचना देने और बदले में उनसे कमीशन लेने का आरोप था। इस मामले में 2 प्राइवेट संचालकों में एक की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगी हुई है।

पीजीआई की ओर से प्राइवेट एंबुलेंस संचालकों के मनमानी किराया वसूली, मरीजों के परिजनों से बदसलूकी के अलावा एंबुलेंस के किराए तय करने की शिकायत प्रशासन को लिख कर दिया गया है। इसके अलावा टैक्सी स्टैंड व एंबुलेंस चालकों को मानक के हिसाब से दायरा तय किया जाए ताकि किसी भी मरीज और उनके परिजनों को मुश्किल का सामना नहीं करना पड़े। 
मंजू वाडवालकर , पीजीआई प्रवक्ता 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed