किस सवाल पर तिलमिला उठे सांसद कटारिया? देखें वीडियो में
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सूबे में भाजपा के दिग्गज मंत्रियों, विधायकों व सांसदों में दूरियां बढ़ती जा रही हैं। पहले कुरुक्षेत्र के सांसद राजकुमार सैनी ने जाट आरक्षण के मसले पर सरकार को चुनौती दी। फिर करनाल के सांसद अश्वनी चोपड़ा ने सीएम खट्टर पर शब्द बाण मारे। अब अंबाला के सांसद रतनलाल कटारिया ने भी विज का खुलकर विरोध कर दिया।
उन्होंने शुक्रवार को कहा था कि जो मेरे सामने विज की बात करेगा, समझो वो अंबाला के विकास का हितैषी नहीं। इसके अलावा भी अंबाला में ही भाजपा के चारों विधायकों में से तीन विधायकों और चौथे स्वास्थ्य मंत्री ने एक-दूसरे से खासी दूरियां बना ली हैं।
विधानसभा चुनाव जीतने के बाद से ही ये दूरियां बढ़नी शुरू हुई और आज स्थिति यह है कि एक ही शहर में और एक ही पार्टी का हिस्सा होने के बावजूद भी न तो अनिल विज तीनों विधायकों असीम गोयल, नायब सैनी और संतोष सारवान के किसी सार्वजनिक कार्यक्रम पर बुलावे पर जाते हैं और न ही तीनों विधायक स्वास्थ्य मंत्री के किसी कार्यक्रम में शिरकत करते हैं।
जिससे आपसी गुटबाजी और फूट को फिर से हवा मिलने लगी है। क्योंकि अपने-अपने आकाओं की इस दूरियों की वजह से इन दिग्गजों के वर्करों में फिर से खेमेबाजी शुरू हो गई है।
परिणिती के मुद्दे पर ही उलझ गए दिग्गज
भाजपा के दिग्गजों में सियासी खींचतान तो पहले से ही थी, मगर अब बॉलीवुड एक्टर परिणिती चोपड़ा को हरियाणा में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाने पर फिर से भाजपा दिग्गजों में रार हो गई है। यह मसला सेहत मंत्री अनिल विज, महिला एवं बाल विकास मंत्री कविता जैन के साथ-साथ सीएम मनोहर लाल खट्टर के लिए भी सियासी उलझन बन गया है।
विज इस मसले पर इतने नाराज हुए कि उन्होंने सीएम तक को महाबली तक कह दिया, जिन्हें कोई भी फैसला लेने के लिए मंत्रियों से सलाह की जरूरत नहीं। हालात यह है कि अब भी विज इस मसले के विरोध में अपनी बात पर अड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि 21 जुलाई को गुड़गांव में होने वाले कार्यक्रम में विज जाते हैं या नहीं।
कार्यक्रम में परिणिती चोपड़ा को इस अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाने की सरकार औपचारिक घोषणा करेगी। इसी मसले पर ही शुक्रवार को सांसद कटारिया ने विज पर तंज कसा था।
सीएम के कार्यक्रमों में भी नहीं हो रहे शामिल
इसी सियासी उलझन को स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का मिजाज कई बार और उलझा देता है। विज इन दिनों सीएम खट्टर के कार्यक्रमों से ही दूरियां बना रहे हैं। अंबाला में ही दो बार ऐसा हो चुका है। नारायणगढ़ में सीएम की रैली हुई, तब विज मंत्री नहीं गए।
सिटी में अनाज मंडी में पिछले दिनों ही सिटी के विधायक असीम गोयल के कार्यक्रम में सीएम आए, तब भी बुलावे के बावजूद विज नहीं गए। कुछ दिन पहले अंबाला लोकसभा क्षेत्र के छछरौली में राज्यस्तरीय वन महोत्सव में सीएम आए, वहां भी विज नहीं पहुंचे।
अब देखना यह है कि 20 जुलाई को अंबाला के साहा में सीएम खट्टर और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहुंच रहे हैं, तो इस कार्यक्रम को लेकर विज का क्या नजरिया रहता है?