अंबाला कैंप में गंवाई आंखों की रोशनी PGI चंडीगढ़ ने लौटाई
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अंबाला में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी गंवा चुके 15 में से 14 मरीजों की रोशनी बचाने में पीजीआई कामयाब हुआ है। डॉक्टरों का दावा है कि एक मरीज जिसकी हालत थोड़ी गंभीर है उसकी रोशनी आने में थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता है। इंफेक्शन के कारण मरीज की पुतली काफी गल चुकी थी। 12 मरीजों को मंगलवार शाम तक डिस्चार्ज भी कर दिया गया।
एडवांस आई सेंटर के एचओडी जगतराम व एसोसिएट प्रोफेसर रमनदीप सिंह ने बताया कि उनके पास 26 नवंबर को 14 मरीज आए थे, जबकि एक को 27 नवंबर को दाखिल कराया गया। जब इन्हें लाया गया तो उस वक्त उनकी आंखों में गंभीर इंफेक्शन था। सबसे पहले तो आंखों में बैक्टीरिया का पता लगाया गया।
जांच में आंखों में ग्राम निगेटिव बेसिलाइ बैक्टीरिया पाया गया। मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं दी गईं। 11 मरीजों के आपरेशन भी किए गए। दो ही दिन में इंफेक्शन कंट्रोल हो गया। इंफेक्शन की वजह से आंखों की रोशनी चली गई थी।
उन्होंने आशंका जताई कि सर्जरी के दौरान डाले गए मिलावटी फ्लूड से आंखों में इंफेक्शन हुआ है, क्योंकि सभी आपरेशन कैंप में नहीं, बल्कि अस्पताल में किए गए हैं।
संस्था उठाएगी इलाज का खर्च
15 मरीजों के आंखों के आपरेशन 24 नवंबर को अंबाला के सर्व कल्याण आई चैरिटेबल अस्पताल में हुए थे। आपरेशन करने वाले डॉक्टर चरणजीत सिंह ने बताया कि वह 15 साल से इलाके में मरीजों के आपरेशन कर रहे हैं। अब तक 45 हजार सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने माना सर्जरी के दौरान कहीं न कहीं इंफेक्शन था। इन मरीजों के इलाज का खर्च चैरिटेबल अस्पताल उठा रहा है।
क्या हुआ था
24 नवंबर को अंबाला कैंट के महेश नगर स्थित सर्व कल्याण आई चैरिटेबल अस्पताल में 15 मरीजों के आपरेशन करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। 25 नवंबर को जब वे वापस अस्पताल में आए और उनकी पट्टी खोली गई तो मरीजों ने बताया कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा। उसके बाद 26 नवंबर को मरीजों को पीजीआई में दाखिल कराया गया।
स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जाना मरीजों का हाल
मरीजों को देखने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी एडवांस आई सेंटर पहुंचे और उनका हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी गई है। यदि कोई लापरवाही बरती गई है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
छापे के बाद चैरिटेबल अस्पताल सील, रिकॉर्ड जब्त
प्राइवेट संस्था सर्वकल्याण आई एंड चैरिटेबल अस्पताल की ओर से ऑपरेशन के बाद पंद्रह मरीजों की आंखों की रोशनी बुझने के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है।
मंगलवार को प्रशासन ने अस्पताल पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। एसडीएम, एसीपी और सीएमओ की स्पेशल टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड और दवाइयां जब्त कर ली है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना।
स्वास्थ्य मंत्री ने अंबाला के डीसी व चीफ मेडिकल ऑफिसर को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के दोबारा ऑपरेशन और उपचार में जो भी खर्च आएगा, उसे सरकार वहन करेगी।
स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद महेशनगर इलाके में स्थित चैरिटेबल अस्पताल पर डीसी की ओर से गठित एसडीएम शक्ति सिंह व नायब तहसीलदार अनिल कौशिक की टीम के साथ एसीपी जदगीश दून व महेशनगर एसएचओ सुनील कुमार के अलावा स्वास्थ्य महकमे की ओर से सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीबी लाल की टीम ने चैरिटेबल अस्पताल पर छापामार कर उसे सील कर दिया।
मिलावटी फ्लूइड से हुआ था आंखों में इंफेक्शन
रोशनी गंवा चुके 15 में से 14 मरीजों की रोशनी पूरी तरह से बचाने में पीजीआई कामयाब हुआ है। आशंका जताई है कि सर्जरी के दौरान डाले गए मिलावटी फ्लूइड से आंखों में इंफेक्शन हुआ है।
मामला बहुत गंभीर है। सरकार अपने खर्च पर इन मरीजों की आंखों का इलाज करवाएगी और ये कोशिश की जाएगी कि सभी की आंखों की रोशनी वापस लौटे। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
-अनिल विज
धीरे-धीरे वापस आएगी रोशनी
डॉ. जगतराम ने बताया कि इंफेक्शन के बाद आंखों की रिकवरी में काफी समय लगता है। कई बार तो आंखें बचती नहीं हैं, लेकिन इस केस में इंफेक्शन में जल्दी कंट्रोल कर दिया गया। धीरे-धीरे मरीजों की रोशनी वापस आएगी, एक सप्ताह बाद इन्हें फिर से बुलाया गया है।