फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   ambala eye camp patients eye sight returned back

अंबाला कैंप में गंवाई आंखों की रोशनी PGI चंडीगढ़ ने लौटाई

Wed, 02 Dec 2015 08:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला/चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला/चंडीगढ़ Updated Wed, 02 Dec 2015 08:54 AM IST
विज्ञापन
ambala eye camp patients eye sight returned back

अंबाला में मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद आंखों की रोशनी गंवा चुके 15 में से 14 मरीजों की रोशनी बचाने में पीजीआई कामयाब हुआ है। डॉक्टरों का दावा है कि एक मरीज जिसकी हालत थोड़ी गंभीर है उसकी रोशनी आने में थोड़ा ज्यादा वक्त लग सकता है। इंफेक्शन के कारण मरीज की पुतली काफी गल चुकी थी। 12 मरीजों को मंगलवार शाम तक डिस्चार्ज भी कर दिया गया।

विज्ञापन


एडवांस आई सेंटर के एचओडी जगतराम व एसोसिएट प्रोफेसर रमनदीप सिंह ने बताया कि उनके पास 26 नवंबर को 14 मरीज आए थे, जबकि एक को 27 नवंबर को दाखिल कराया गया। जब इन्हें लाया गया तो उस वक्त उनकी आंखों में गंभीर इंफेक्शन था। सबसे पहले तो आंखों में बैक्टीरिया का पता लगाया गया।
विज्ञापन


जांच में आंखों में ग्राम निगेटिव बेसिलाइ बैक्टीरिया पाया गया। मरीजों को एंटीबायोटिक दवाएं दी गईं। 11 मरीजों के आपरेशन भी किए गए। दो ही दिन में इंफेक्शन कंट्रोल हो गया। इंफेक्शन की वजह से आंखों की रोशनी चली गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने आशंका जताई कि सर्जरी के दौरान डाले गए मिलावटी फ्लूड से आंखों में इंफेक्शन हुआ है, क्योंकि सभी आपरेशन कैंप में नहीं, बल्कि अस्पताल में किए गए हैं।

संस्था उठाएगी इलाज का खर्च

ambala eye camp patients eye sight returned back

15 मरीजों के आंखों के आपरेशन 24 नवंबर को अंबाला के सर्व कल्याण आई चैरिटेबल अस्पताल में हुए थे। आपरेशन करने वाले डॉक्टर चरणजीत सिंह ने बताया कि वह 15 साल से इलाके में मरीजों के आपरेशन कर रहे हैं। अब तक 45 हजार सर्जरी कर चुके हैं। उन्होंने माना सर्जरी के दौरान कहीं न कहीं इंफेक्शन था। इन मरीजों के इलाज का खर्च चैरिटेबल अस्पताल उठा रहा है।

क्या हुआ था
24 नवंबर को अंबाला कैंट के महेश नगर स्थित सर्व कल्याण आई चैरिटेबल अस्पताल में 15 मरीजों के आपरेशन करने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। 25 नवंबर को जब वे वापस अस्पताल में आए और उनकी पट्टी खोली गई तो मरीजों ने बताया कि उन्हें दिखाई नहीं दे रहा। उसके बाद 26 नवंबर को मरीजों को पीजीआई में दाखिल कराया गया।

स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने जाना मरीजों का हाल
मरीजों को देखने हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज भी एडवांस आई सेंटर पहुंचे और उनका हालचाल पूछा। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज का खर्च सरकार उठाएगी। पूरे प्रकरण की जांच के लिए तीन सदस्यों की एक कमेटी गठित कर दी गई है। यदि कोई लापरवाही बरती गई है तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।

छापे के बाद चैरिटेबल अस्पताल सील, रिकॉर्ड जब्त

ambala eye camp patients eye sight returned back

प्राइवेट संस्था सर्वकल्याण आई एंड चैरिटेबल अस्पताल की ओर से ऑपरेशन के बाद पंद्रह मरीजों की आंखों की रोशनी बुझने के मामले में राज्य सरकार ने सख्त रुख अख्तियार किया है।

मंगलवार को प्रशासन ने अस्पताल पर छापा मारकर उसे सील कर दिया। एसडीएम, एसीपी और सीएमओ की स्पेशल टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड और दवाइयां जब्त कर ली है। वहीं, स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने मंगलवार को पीजीआई चंडीगढ़ पहुंचकर मरीजों का हालचाल जाना।

स्वास्थ्य मंत्री ने अंबाला के डीसी व चीफ मेडिकल ऑफिसर को इस मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मरीजों के दोबारा ऑपरेशन और उपचार में जो भी खर्च आएगा, उसे सरकार वहन करेगी।

स्वास्थ्य मंत्री के आदेश के बाद महेशनगर इलाके में स्थित चैरिटेबल अस्पताल पर डीसी की ओर से गठित एसडीएम शक्ति सिंह व नायब तहसीलदार अनिल कौशिक की टीम के साथ एसीपी जदगीश दून व महेशनगर एसएचओ सुनील कुमार के अलावा स्वास्थ्य महकमे की ओर से सीएमओ डॉ. विनोद गुप्ता व डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. बीबी लाल की टीम ने चैरिटेबल अस्पताल पर छापामार कर उसे सील कर दिया।

मिलावटी फ्लूइड से हुआ था आंखों में इंफेक्शन

ambala eye camp patients eye sight returned back

रोशनी गंवा चुके 15 में से 14 मरीजों की रोशनी पूरी तरह से बचाने में पीजीआई कामयाब हुआ है। आशंका जताई है कि सर्जरी के दौरान डाले गए मिलावटी फ्लूइड से आंखों में इंफेक्शन हुआ है।

मामला बहुत गंभीर है। सरकार अपने खर्च पर इन मरीजों की आंखों का इलाज करवाएगी और ये कोशिश की जाएगी कि सभी की आंखों की रोशनी वापस लौटे। जांच के आदेश दे दिए गए हैं।
-अनिल विज

धीरे-धीरे वापस आएगी रोशनी
डॉ. जगतराम ने बताया कि इंफेक्शन के बाद आंखों की रिकवरी में काफी समय लगता है। कई बार तो आंखें बचती नहीं हैं, लेकिन इस केस में इंफेक्शन में जल्दी कंट्रोल कर दिया गया। धीरे-धीरे मरीजों की रोशनी वापस आएगी, एक सप्ताह बाद इन्हें फिर से बुलाया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed