श्री अमरनाथ यात्रा शुरू: श्रद्धालुओं का आंकड़ा चौंकाने वाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री अमरनाथ यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकृत कराने की प्रक्रिया बंद करने और मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने की सख्त शर्तों के चलते इस बार श्रद्धालुओं का आंकड़ा चौंकाने वाला है।
इस बार कम लोगों का पंजीकरण हुआ है। करीब दो लाख भक्तों का पंजीकरण हुआ है। वीरवार को बालटाल में लगभग साढ़े तीन हजार श्रद्धालु पहुंचे, जिन्हें पवित्र गुफा के दर्शन के लिए रवाना किया।
श्री अमरनाथ बर्फानी लंगर आर्गेनाइजेशन (एसएबीएलओ) के महासचिव राजन गुप्ता ने बालटाल से टेलीफोन कर बताया कि पिछले साल की तुलना में इस बार यात्रा में श्रद्धालुओं की भीड़ बहुत कम है और उनमें खास उत्साह नहीं है।
इस बार मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने की शर्तें भी सख्त
बालटाल के रास्ते पहले दिन साढ़े तीन हजार श्रद्धालु पहुंचे जबकि बालटाल से पवित्र गुफा के दर्शन के लिए एक दिन में साढ़े सात हजार श्रद्धालुओं को रवाना किया जाता है।
गुप्ता ने बताया कि इस बार श्राइन बोर्ड ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने की सुविधा भी बंद कर दी है। इसके अलावा मेडिकल सर्टिफिकेट हासिल करने की शर्तें भी बहुत कठिन कर दी हैं। इस कारण इस बार करीब दो लाख लोग ही यात्रा के लिए पंजीकरण करवा सके हैं।
गुप्ता ने बताया कि श्राइन बोर्ड के अधिकारियों को आर्गेनाइजेशन ने सुझाव दिया था कि बालटाल, पहलगाम, सोनमार्ग व अन्य जगहों पर भी आन दा स्पॉट पंजीकरण कराने की सुविधा प्रदान की जाए लेकिन ऐसा नहीं किया।
सिर्फ श्रीनगर और जम्मू में यह सुविधा दी है। गुप्ता ने बताया है कि 2013 में साढ़े तीन लाख भक्तों ने पवित्र गुफा के दर्शन किए थे जबकि 2014 में 3.79 लाख ने गुफा में माथा टेका था।
अब करीब दो लाख श्रद्धालुओं ने पंजीकरण करवाया है। श्रद्धालुओं की संख्या हर साल कम होती जा रही है, इसका मुख्य कारण श्राइन बोर्ड नियमों में सख्ती करता जा रहा है, जोकि धार्मिक स्थलों के लिए ऐसा नहीं होना चाहिए।