कैप्टन बोले- नेताओं और गैंगस्टरों के संबधों की तह तक होगी जांच, डीजीपी को दिए सख्त आदेश
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पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सियासी नेताओं और गैंगस्टरों के दरमियान सांठ-गांठ की मीडिया रिपोर्टों के संदर्भ में दिए गए जांच के आदेश पर कहा है कि वे अकालियों की नौटंकियों के आगे नहीं झुकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की पूरी छानबीन की जायेगी और गुनाहगार पाए जाने वालों को भागने नहीं दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल के शीर्ष नेतृत्व के खतरनाक अपराधियों व गैंगस्टरों के साथ संबंधों को स्पष्ट दिखाती तस्वीरें हासिल करने के बाद उन्होंने डीजीपी को इसकी जांच करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जांच के आदेश देने से पहले उन्होंने इन तस्वीरों संबंधी राज्यपाल को अवगत करवाया था और यदि यह सही साबित हो गईं तो इससे राज्य में अपराधियों और गैंगस्टरों को संरक्षण देने में अकालियों की शमुलियत बेनकाब हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि यह सबूत बहुत गंभीर हैं और इनकी पुलिस पड़ताल करवाने की जरूरत है जिस कारण उन्होंने डीजीपी को आदेश दिए हैं कि इस जांच को जल्द से जल्द मुकम्मल करने में कोई कसर बाकी न छोड़ी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि दस्तावेजों और तस्वीर के रूप में उनको हासिल हुए सबूत बादलों और अन्य अकाली नेताओं की स्पष्ट संबंध दिखाते हैं जबकि अकाली नेता जेल मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को निशाना बनाकर अपनी शमुलियत से ध्यान हटाने के लिए हाथ-पैर मार रहे हैं।
कैप्टन ने कहा कि अकाली दल के पास तो रंधावा या अन्य कांग्रेसी मंत्रियों /नेताओं के गैंगस्टरों और अपराधियों के साथ किसी तरह का संबंध होने का कोई सबूत नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके उलट अकालियों के खिलाफ दस्तावेजी सबूत हैं जिसकी तह तक जांच करवाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में ऐसी सांठ-गांठ का कोई भी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध कानून के मुताबिक कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने कहा कि ऐसे गुनाह में शामिल लोगों को किसी भी कीमत पर माफ नहीं किया जा सकता।
राजनैतिक हितों के लिए अकालियों द्वारा गैंगस्टरों और अपराधियों से सांठ-गांठ करने पर मुख्यमंत्री ने उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इनके 10 वर्षों के कुशासन के दौरान पंजाब और पंजाबियों को असुरक्षित और डरावने माहौल से गुजरना पड़ा। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री को प्राप्त हुई तस्वीरों में हरजिन्दर सिंह बिट्टू उर्फ बिट्टू सरपंच सीनियर अकाली राजनीतिज्ञों प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल, हरसिमरत बादल और बिक्रम मजीठिया को सम्मानित करता हुआ नजर आता है। पुलिस को प्राप्त हुई जानकारी के मुताबिक बिट्टू की तलवंडी साबो हलके से पूर्व अकाली विधायक जीत मोहिन्दर सिंह सिद्धू के साथ भी कथित नजदीकी है।
अकालियों संग नजर आए बिट्टू पर दर्ज हैं यह एफआईआर
डीजीपी दिनकर गुप्ता ने बताया कि ऑर्गेनाईज्ड क्राइम कंट्रोल यूनिट पंजाब को हासिल जानकारी में खुलासा हुआ है कि बीते समय में बिट्टू बदनाम गुरप्रीत सेखों गैंग के सदस्यों को शरण दिलाता रहा है। गुप्ता के अनुसार, बिट्टू नशे, कत्ल, डकैती, आर्म्स एक्ट जैसे कई आपराधिक मामलों में नामजद है। ओसीसीयू पंजाब के पास मौजूदा जानकारी के अनुसार हरजिन्दर सिंह उर्फ बिट्टू पुत्र समन्दर सिंह निवासी राम तीर्थ के खिलाफ दर्ज एफआईआर के विवरण इस प्रकार हैं-
- पुलिस थाना तलवंडी साबो में आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468 अधीन एफआईआर (नंबर 207 तिथि 3 अक्तूबर, 2013)
- जिला सोलन (हिमाचल प्रदेश) के पुलिस थाना अरकी में आईपीसी की धारा 341, 506, 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 अधीन एफआईआर (नंबर 103 तिथि 4 अक्तूबर, 2010)
- जिला भिवानी (हरियाणा) के पुलिस थाना सिवानी में एनडीपीएस की धारा 15 अधीन एफआईआर (नंबर 4 तिथि 16 जनवरी, 2006)
- पुलिस थाना मुनक में आईपीसी की धारा 379, 341 अधीन एफआईआर (नंबर 112 तिथि 8 नवंबर, 2008)
- जिला हनूमानगढ़ (राजस्थान) के पुलिस थाना संगरिया में आईपीसी की धारा 452, 323, 325 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 अधीन एफआईआर (नंबर 649 तिथि 25 नवंबर, 2014)
- जिला हनूमानगढ़ (राजस्थान) के पुलिस थाना संगरिया में आईपीसी की धारा 452, 323, 325 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 अधीन एफआईआर (नंबर 647 तिथि 23 नवंबर, 2014)
- पुलिस थाना तलवंडी साबो में आईपीसी की धारा 341, 427, 506, 148, 149 अधीन एफआईआर (नंबर 168 तिथि 26 नवंबर, 2011)
अब तक 2127 गैंगस्टरों को किया गिरफ्तार: डीजीपी
डीजीपी गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री की तरफ से पंजाब पुलिस को राज्य में सक्रिय अपराधियों और गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के सख्त और स्पष्ट आदेश दिए गए हैं। कैटेगरी-ए के 8 गैंगस्टरों समेत अब तक 2127 गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया गया है और 10 गैंगस्टरों (इनमें से पाँच ए-कैटेगरी) के खिलाफ उचित कार्यवाही की गई है।
इन गैंगस्टरों से कुल 1040 हथियार और 468 व्हीकल जब्त किये गए हैं। दिनकर गुप्ता ने आगे बताया कि मौजूदा कार्यकाल के दौरान राज्य सरकार नाभा जेल तोड़ने के मामले के मास्टरमाइंड और आतंकवादियों/गैंगस्टरों के केंद्र बिंदु रमनजीत सिंह उर्फ रोमी का हांगकांग से प्रत्यर्पण कराने में सफल रही है। रोमी नशा/हथियार तस्करी में भी शामिल था। इसके अलावा राज्य सरकार बम्बीहा गिरोह के प्रमुख सुखप्रीत सिंह धालीवाल उर्फ बुढ्ढा का अर्मीनिया से प्रत्यर्पण कराने में भी सफल रही है।