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शिअद विधायक एनके शर्मा और भाजपा नेता विनीत जोशी के खिलाफ आरोप तय
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 24 May 2017 09:24 AM IST
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NK Sharma And Vineet Joshi
- फोटो : File Photo
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डेराबस्सी से शिअद विधायक एनके शर्मा और भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी के खिलाफ 9 साल पुराने मामले में मंगलवार को जिला अदालत ने आरोप तय कर दिए। दोनों के खिलाफ कई धाराओं के तहत केस चलेगा। मंगलवार को दोनों आरोपी अदालत में पेश भी हुए। केस का ट्रायल तीन जुलाई से शुरू होगा। मामला 2008 में सेक्टर-17 में महंगाई के खिलाफ रैली निकालने के दौरान का है।
23 जून 2008 को भाजपा और शिअद संयुक्त रूप से तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। करीब 300 प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए पंजाब गवर्नर हाउस की ओर जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सेक्टर-17 स्थित शिवालिक व्यू के पास रोक लिया।
रैली का नेतृत्व तत्कालीन भाजपा यूथ विंग के सदस्य विनीत जोशी और एनके शर्मा कर रहे थे। कुछ देर बाद प्रदर्शन में भाजपा के तत्कालीन सांसद नवजोत सिंह सिद्ध भी शामिल हो गए। प्रदर्शन की अनुमति यूटी प्रशासन से नहीं ली गई थी। पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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साथ ही पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया। इससे कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। साथ ही सरकारी वाहनों को भी क्षति पहुंची। इस मामले में पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू समेत 21 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उक्त सभी को एसडीएम के समक्ष पेश कर रिहा कर दिया था।
वहीं, मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस टीम पर पथराव करने समेत अन्य आईपीसी की धाराओं के तहत अलग से दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने एनके शर्मा और विनीत जोशी को मामले में आरोपी बनाया था। कुछ समय पहले ही दोनों आरोपियों ने अदालत में पेश होकर मामले में जमानत ले ली थी।
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23 जून 2008 को भाजपा और शिअद संयुक्त रूप से तत्कालीन कांग्रेस सरकार के खिलाफ महंगाई के विरोध में प्रदर्शन कर रहे थे। करीब 300 प्रदर्शनकारी रैली निकालते हुए पंजाब गवर्नर हाउस की ओर जा रहे थे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सेक्टर-17 स्थित शिवालिक व्यू के पास रोक लिया।
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रैली का नेतृत्व तत्कालीन भाजपा यूथ विंग के सदस्य विनीत जोशी और एनके शर्मा कर रहे थे। कुछ देर बाद प्रदर्शन में भाजपा के तत्कालीन सांसद नवजोत सिंह सिद्ध भी शामिल हो गए। प्रदर्शन की अनुमति यूटी प्रशासन से नहीं ली गई थी। पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारियों ने तोड़फोड़ शुरू कर दी।
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साथ ही पुलिस पार्टी पर पथराव कर दिया। इससे कई पुलिसकर्मी जख्मी हो गए। साथ ही सरकारी वाहनों को भी क्षति पहुंची। इस मामले में पुलिस ने नवजोत सिंह सिद्धू समेत 21 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उक्त सभी को एसडीएम के समक्ष पेश कर रिहा कर दिया था।
वहीं, मामले में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पुलिस टीम पर पथराव करने समेत अन्य आईपीसी की धाराओं के तहत अलग से दर्ज किया गया था। जांच के बाद पुलिस ने एनके शर्मा और विनीत जोशी को मामले में आरोपी बनाया था। कुछ समय पहले ही दोनों आरोपियों ने अदालत में पेश होकर मामले में जमानत ले ली थी।