वोट और 'नोट' दोनों के लिए जनता दरबार पहुंच रहे नेताजी, झोली फैलाकर मांगेंगे चंदा
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हरियाणा में लोकसभा चुनाव के दौरान विभिन्न पार्टियों के नेता व वर्कर वोट ही नहीं बल्कि ‘नोट’ के लिए भी जनता के द्वार पहुंच रहे हैं। इसके लिए अधिकतर राजनीतिक दल टारगेट के साथ अपने अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। कुछ पार्टियां तो झोली फैलाकर लोगों से चंदे के लिए अपील करेंगी। चंदे एकत्रित करने को लेकर सभी सियासी दलों के एजेंडे भी अलग-अलग हैं।
कारोबारियों, उद्यमियों संग बैठकें शुरू
हरियाणा के सभी सियासी दल आमजन के साथ-साथ प्रदेश के बड़े कारोबारियों व उद्यमियों से भी चुनाव में आर्थिक मदद की तैयारी में है। इसके लिए राजनीतिक पार्टियों ने विशेष तौर पर कुछ खास प्रभावशाली पदाधिकारियों की हर जिले में नियुक्तियां की हैं। ये पदाधिकारी पार्टी स्तर पर इन उद्यमियों व कारोबारियों से चुनावी चंदा स्वरूप आर्थिक मदद मांगेंगे।
पार्टियों के पदाधिकारियों ने व्यवसायियों के साथ बैठकें भी शुरू कर दी है। एक पार्टी के नेता ने बताया कि चुनावी चंदे के लिए वे हर वर्ग के पास जाते हैं। राजनीतिक मामलों के जानकार प्रोफेसर जेएस नैन बताते हैं बड़ी व मध्यम औद्योगिक इकाइयां और कारोबारी हर चुनाव में अमूमन उन दो पार्टियों को तो चंदा देते ही हैं, जिनके बीच उन्हें कड़ा मुकाबला लगता है।
हर बूथ पर 11 हजार चंदे की बुकलेट दी है। बूथ वर्कर चाहें तो और बुकलेट ले सकते हैं। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशों पर ही चंदा एकत्रित अभियान हरियाणा भर में चल रहा है। 100, 500 व 1000 रुपये की पर्चियां तो छपी है। इससे ज्यादा धनराशि चेक के माध्यम से एकत्रित की जा रही है। - तरुण भंडारी, कोषाध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस
हरियाणा में विभिन्न लोकसभा सीटों पर 1 करोड़ से 10 करोड़ चंदा एकत्रित करने का टारगेट रखा गया है। टारगेट लगभग पूरा हो चुका है। बीजेपी जनता की पार्टी है, इसलिए हमेशा लोगों से चंदा मांगकर ही चुनाव लड़ती है। - डा. संजय शर्मा, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा
आम आदमी पार्टी ‘जनता का पैसा, जनता के काम’ अभियान के तहत चुनावी चंदा एकत्रित कर रही है। आप वर्कर लोगों के सामने झोली फैलाकर चंदा मांग रहे हैं, ताकि जनता इस बात का अहसास करे कि आप वाकई आम आदमी की ही पार्टी है। - नवीन जयहिंद, प्रदेश संयोजक, आप
हमारी पार्टी इस तरह से चंदा एकत्रित करने के खिलाफ है। हमारे प्रत्याशियों को लोग पूरे उत्साह के साथ खुद ही चंदा देकर उनकी चुनाव में मदद करेंगे। लेकिन अन्य दलों की तरह सोशल मीडिया के जरिए और सार्वजनिक मंचों से लोगों से चंदे की अपील करना, यह जजपा का सिद्धांत नहीं है। - निशान सिंह, प्रदेशाध्यक्ष, जननायक जनता पार्टी
इनेलो इस तरह चंदा एकत्रित नहीं करता, न ही इनेलो की यह परंपरा रही है। इनेलो प्रत्याशी घोषित होने के बाद प्रत्याशी के चाहने वाले, उनके सगे, संबंधी, मित्र, प्यारे और वर्कर खुद ही उसकी हर तरह से मदद करते हैं। - अशोक अरोड़ा, प्रदेशाध्यक्ष, इंडियन नेशनल लोकदल