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गुरु को झटका: कांग्रेस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नवजोत सिद्धू की अनदेखी, चन्नी-रंधावा को मिली तरजीह
Mon, 21 Aug 2023 07:58 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 21 Aug 2023 07:58 AM IST
सार
कांग्रेस की नई कार्यकारी समिति में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जगह मिलने के साथ ही यह साफ हो गया है कि पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पार्टी हाईकमान ने चन्नी पर ही भरोसा जताया है। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सबसे करीबी रहे नवजोत सिंह सिद्धू को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है।
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नवजोत सिद्धू
- फोटो : फाइल
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विस्तार
अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी ने रविवार को नई कार्यकारी समिति (सीडब्ल्यूसी) का एलान कर दिया। पार्टी हाईकमान ने इस बार कार्यकारी समिति में पंजाब से पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को सदस्य के रूप में शामिल किया है, साथ ही पंजाब से पूर्व सांसद अंबिका सोनी और सांसद मनीष तिवारी और सीनियर नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा को भी कार्यकारी समिति में स्थान दिया गया है। नई कार्यकारी समिति का एलान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने किया।
यह भी पढ़ें: Haryana: तीन लोकसभा सीटों पर भाजपा का विशेष फोकस, रोहतक, सिरसा व सोनीपत के लिए तैयार किया मास्टर प्लान
24 फरवरी को रायपुर में खरगे को सीडब्ल्यूसी में सदस्य नामित करने के लिए अधिकृत किए जाने के करीब छह माह बाद नई कार्यकारी समिति का एलान किया गया है। पिछली कार्यकारी समिति में जहां पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल थे, वहीं इस बार पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को जगह दी है। कैप्टन अमरिंदर पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। मनीष तिवारी को स्थायी सदस्य के रूप में समिति में स्थान मिला है।
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चन्नी पर भरोसा, सिद्धू की अनदेखी
कांग्रेस की नई कार्यकारी समिति में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जगह मिलने के साथ ही यह साफ हो गया है कि पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पार्टी हाईकमान ने चन्नी पर ही भरोसा जताया है। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सबसे करीबी रहे नवजोत सिंह सिद्धू को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है। हाईकमान ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद सिद्धू से प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा ले लिया था। हालांकि तब यही कहा जा रहा था कि पार्टी सिद्धू को राष्ट्रीय राजनीति में उतारना चाहती है, लेकिन ताजा सीडब्ल्यूसी घोषित होने के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी को अब सिद्धू से ज्यादा उम्मीद नहीं रह गई। इससे पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की प्रधानी में गठित की गई पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी सिद्धू को जगह नहीं दी गई थी।
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24 फरवरी को रायपुर में खरगे को सीडब्ल्यूसी में सदस्य नामित करने के लिए अधिकृत किए जाने के करीब छह माह बाद नई कार्यकारी समिति का एलान किया गया है। पिछली कार्यकारी समिति में जहां पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शामिल थे, वहीं इस बार पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को जगह दी है। कैप्टन अमरिंदर पार्टी छोड़कर भाजपा में जा चुके हैं। मनीष तिवारी को स्थायी सदस्य के रूप में समिति में स्थान मिला है।
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चन्नी पर भरोसा, सिद्धू की अनदेखी
कांग्रेस की नई कार्यकारी समिति में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को जगह मिलने के साथ ही यह साफ हो गया है कि पंजाब में पिछले विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद पार्टी हाईकमान ने चन्नी पर ही भरोसा जताया है। वहीं, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के सबसे करीबी रहे नवजोत सिंह सिद्धू को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया है। हाईकमान ने पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार के बाद सिद्धू से प्रदेश प्रधान पद से इस्तीफा ले लिया था। हालांकि तब यही कहा जा रहा था कि पार्टी सिद्धू को राष्ट्रीय राजनीति में उतारना चाहती है, लेकिन ताजा सीडब्ल्यूसी घोषित होने के बाद यह माना जा रहा है कि पार्टी को अब सिद्धू से ज्यादा उम्मीद नहीं रह गई। इससे पहले अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की प्रधानी में गठित की गई पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में भी सिद्धू को जगह नहीं दी गई थी।