पंजाब में सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट भंग: नई नियुक्तियों तक डीसी देखेंगे कामकाज, बोर्ड-निगमों के कई पदाधिकारियों ने भी पद छोड़े
पीआरटीसी के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसकी पुष्टि पीआरटीसी की एमडी परनीत कौर शेरगिल ने की।
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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने प्रदेश के सभी इंप्रूवमेंट ट्रस्ट भंग कर दिए हैं। इसके साथ ही पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान नियुक्ति किए गए सभी चेयरमैन और ट्रस्टियों की भी छुट्टी हो गई है। नए चेयरमैन और ट्रस्टियों की नियुक्तियों तक संबंधित जिलों को डिप्टी कमिश्नरों को ट्रस्ट का कामकाज देखने को कहा गया है। डिप्टी कमिश्नरों को चेयरमैन के रूप में ही इंप्रूवमेंट ट्रस्टों का जिम्मा सौंपा गया है।
इस बीच प्रदेश सरकार के विभिन्न बोर्ड व निगमों के तीन चेयरमैन, एक वाइस चेयरमैन, चार निदेशकों ने भी पद छोड़ दिए हैं। इन पदाधिकारियों की नियुक्ति भी पिछली कांग्रेस सरकार के समय हुई थी। इसके अलावा बोर्ड-निगमों के कई गैर सरकारी अधिकारी भी इस्तीफा दे चुके हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि बोर्डों और कॉर्पोरेशनों से इस्तीफा दे चुके अधिकारियों में मंडी बोर्ड के अध्यक्ष लाल सिंह, पनकोफेड के चेयरमैन अवतार सिंह और पीआरटीसी के चेयरमैन सतविंदर सिंह शामिल हैं। इनके अलावा पंजाब लघु उद्योग एवं निर्यात निगम (पीएसआईईसी) के निदेशक हरमेश चंद्र, इंफोटेक के उपाध्यक्ष कार्तिक वडेरा, निदेशक मनजीत सिंह सरोआ, सतीश कांसल, सुरजीत सिंह भून और डॉ. नरेश परूथी ने भी इस्तीफा दे दिया है।
सरकार बदलने के बाद अब तक काबिज थे पदों पर
पंजाब में करीब 40 बोर्ड, 12 निगम और 28 इंप्रूवमेंट ट्रस्ट हैं। इनमें चेयरमैन और ट्रस्टी पदों पर पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा अपने सीनियर नेताओं को नियुक्त किया गया था। 28 इंप्रूवमेंट ट्रस्टों में जालंधर, लुधियाना, अमृतसर और पटियाला हमेशा अंदरूनी उठापटक और विवादों के चलते सुर्खियों में रहे हैं जबकि बोर्ड-निगमों में मार्कफेड, मिल्कफेड, कोआपरेटिव बैंक आदि ऐसे मलाईदार संस्थान हैं, जहां पिछली सभी सरकारें अपनी पार्टी के सक्रिय और सीनियर नेताओं को पदाधिकारी बनाती रही हैं।
इन्हें भारी-भरकम वेतन के साथ-साथ भत्ते, सरकारी आवास, वाहन, कार्यालय, सुरक्षाकर्मी तक दिए जाते हैं। कैप्टन सरकार के समय ऐसे पदाधिकारियों में से कई नेताओं को कैबिनेट रैंक तक दिया गया था। इस बीच, माना जा रहा है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार अपने 92 विधायकों में से 18 को कैबिनेट मंत्री बना सकती है लेकिन बाकी विधायकों को एडजस्ट करने के लिए बोर्ड और निगमों का सहारा लिया जा सकता है।
चेयरमैन समेत पीआरटीसी के नौ पदाधिकारी ने दिया इस्तीफा
पीआरटीसी के चेयरमैन, वाइस चेयरमैन और सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इसकी पुष्टि पीआरटीसी की एमडी परनीत कौर शेरगिल ने की। उन्होंने कहा कि सभी ने इस्तीफे उन्हें भेज दिए हैं। इसकी जानकारी उन्होंने अपने विभाग के उच्चाधिकारियों को दे दी है। इस्तीफा देने वालों में पीआरटीसी के चेयरमैन सतविंदर सिंह जैलदार चैड़ियां, वाइस चेयरमैन गुरिंदर सिंह दुआ के अलावा सात बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में मनजीत सिंह पायल, कमलदेव जोशी, बलविंदर सिंह संधू, पुश्पिंदर अत्री, सुभाष सूद, कपिल देव गर्ग, पुरुषोत्तम लाल खलीफा शामिल हैं।
गौरतलब है कि पंजाब में चन्नी की सरकार बनने के बाद उनके करीबी माने-जाने वाले सतविंदर सिंह जैलदार चैड़ियां को पीआरटीसी का चेयरमैन लगाया गया था। इससे पहले इस पद पर कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी केके शर्मा तैनात थे। सितंबर में कैप्टन के इस्तीफा देने के कुछ दिनों बाद केके शर्मा ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था।