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Chandigarh News: आकाशदीप का निकला पाकिस्तान कनेक्शन, आतंकी रिंदा के साथ पुराना नाता
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चंडीगढ़। सेक्टर-10 स्थित कोठी नंबर 575 में हैंड ग्रेनेड हमले में अमृतसर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए आरोपी आकाशदीप सिंह और अमरजीत सिंह ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। अमृतसर का रहने वाला आकाशदीप पिछले लंबे समय से पाकिस्तान में बैठे आतंकवादी हरविंदर सिंह रिंदा और यूएसए बेस्ड हैप्पी पाशिया के संपर्क में था। पाकिस्तान से रिंदा की ओर से भेजे गए हथियारों और हैंड ग्रेनेड से पंजाब पुलिस के पूर्व एसपी की हत्या की योजना बनाई गई थी।
बीते सितंबर महीने में ऑटो में आए दो अज्ञात युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंककर विस्फोट किया था। इस मामले में यूटी पुलिस सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी थी लेकिन इस घटना को पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने महज 72 घंटे में सुलझाकर दो आरोपियों रोहन व विशाल मसीह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले की जांच एनआईए को ट्रांसफर हो गई थी। इसके बाद एनआईए ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी थी।
30 अगस्त को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आए थे हथियार व बम
इस मामले में एनआईए ने 25 अक्तूबर को अमृतसर जेल से आकाशदीप सिंह और अमरजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे। इनका तीन दिन का रिमांड लिया गया था। आरोपियों ने रिमांड में खुलासा किया कि आकाशदीप पिछले लंबे समय से पाकिस्तान में हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में था। रिंदा ने ही 30 अगस्त को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पाकिस्तान बॉर्डर के पास धनोआ गांव में हथियार भेजे थे। इस खेप में करीब 8 से 10 पिस्टल, जिंदा कारतूस, आईईईडी सहित हैंड ग्रेनेड शामिल थे। इसके बाद रोहन अपने दो अन्य दोस्तों के साथ अमृतसर के गांव हरदो रत्न निवासी आकाशदीप व अमरजीत से मिलने के लिए गया था। वहां इन दोनों ने उसे दो पिस्टल, कुछ कारतूस, हैंड ग्रेनेड एचजी-84 व कुछ अन्य सामान और करीब 20 हजार रुपये की नकदी दी थी। इसके अलावा पाकिस्तान से आई खेप का बकाया सामान आकाशदीप और अमरजीत के ही पास था। जांच में सामने आया कि आकाशदीप पर इससे पहले भी पाकिस्तान से ड्रग की बड़ी-बड़ी खेप व हथियारों की सप्लाई करने से संबंधित पंजाब में कई मामले दर्ज हैं।
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यूएपीए की धारा 180 दिनों तक बढ़वाने के लिए आवेदन
आकाशदीप सिंह और अमरजीत सिंह को एनआईए ने रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इस मामले में एनआईए ने गिरफ्तार आरोपियों पर लगाई गई यूएपीए की धारा 43 डी 2 (बी) के प्रावधानों के तहत जांच की समय सीमा को 90 दिनों से आगे बढ़ाकर 180 दिनों तक करने के लिए एनआईए की स्पेशल कोर्ट में एक और आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन पर पांच दिसंबर को आरोपी पक्ष जवाब देगा, जिसके बाद आरोपियों पर यूएपीए की धारा अवधि आगे बढ़ाने को लेकर फैसला किया जाएगा। उसी दिन इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों कुलदीप कुमार, रोहन मसीह और विशाल मसीह उर्फ शालू को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। ये सभी आरोपी ब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होंगे।
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बीते सितंबर महीने में ऑटो में आए दो अज्ञात युवकों ने हैंड ग्रेनेड फेंककर विस्फोट किया था। इस मामले में यूटी पुलिस सहित केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी थी लेकिन इस घटना को पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स ने महज 72 घंटे में सुलझाकर दो आरोपियों रोहन व विशाल मसीह को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद मामले की जांच एनआईए को ट्रांसफर हो गई थी। इसके बाद एनआईए ने नए सिरे से जांच शुरू कर दी थी।
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30 अगस्त को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए आए थे हथियार व बम
इस मामले में एनआईए ने 25 अक्तूबर को अमृतसर जेल से आकाशदीप सिंह और अमरजीत सिंह को प्रोडक्शन वारंट पर लाए थे। इनका तीन दिन का रिमांड लिया गया था। आरोपियों ने रिमांड में खुलासा किया कि आकाशदीप पिछले लंबे समय से पाकिस्तान में हरविंदर सिंह रिंदा के संपर्क में था। रिंदा ने ही 30 अगस्त को पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए पाकिस्तान बॉर्डर के पास धनोआ गांव में हथियार भेजे थे। इस खेप में करीब 8 से 10 पिस्टल, जिंदा कारतूस, आईईईडी सहित हैंड ग्रेनेड शामिल थे। इसके बाद रोहन अपने दो अन्य दोस्तों के साथ अमृतसर के गांव हरदो रत्न निवासी आकाशदीप व अमरजीत से मिलने के लिए गया था। वहां इन दोनों ने उसे दो पिस्टल, कुछ कारतूस, हैंड ग्रेनेड एचजी-84 व कुछ अन्य सामान और करीब 20 हजार रुपये की नकदी दी थी। इसके अलावा पाकिस्तान से आई खेप का बकाया सामान आकाशदीप और अमरजीत के ही पास था। जांच में सामने आया कि आकाशदीप पर इससे पहले भी पाकिस्तान से ड्रग की बड़ी-बड़ी खेप व हथियारों की सप्लाई करने से संबंधित पंजाब में कई मामले दर्ज हैं।
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यूएपीए की धारा 180 दिनों तक बढ़वाने के लिए आवेदन
आकाशदीप सिंह और अमरजीत सिंह को एनआईए ने रिमांड खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, इस मामले में एनआईए ने गिरफ्तार आरोपियों पर लगाई गई यूएपीए की धारा 43 डी 2 (बी) के प्रावधानों के तहत जांच की समय सीमा को 90 दिनों से आगे बढ़ाकर 180 दिनों तक करने के लिए एनआईए की स्पेशल कोर्ट में एक और आवेदन दाखिल किया है। इस आवेदन पर पांच दिसंबर को आरोपी पक्ष जवाब देगा, जिसके बाद आरोपियों पर यूएपीए की धारा अवधि आगे बढ़ाने को लेकर फैसला किया जाएगा। उसी दिन इस मामले में गिरफ्तार अन्य आरोपियों कुलदीप कुमार, रोहन मसीह और विशाल मसीह उर्फ शालू को पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है। ये सभी आरोपी ब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश होंगे।