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पुलिस कार्रवाई से हुआ साबित, जेलमंत्री सुखजिंदर रंधावा की गैंगस्टरों से मिलीभगत: अकाली दल
Wed, 04 Mar 2020 01:09 AM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 04 Mar 2020 01:09 AM IST
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बिक्रम सिंह मजीठिया
- फोटो : अमर उजाला
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विधायक दल ने आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा दो आपराधिक मामलों में की गई कार्रवाई में जेलमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा की गैंगस्टरों के साथ मिलीभगत साबित हो चुकी है, जिसे राज्य के डीजीपी ने भी माना है। विधायक दल ने मांग की है कि मंत्री को तत्काल बर्खास्त किया जाए और मंत्री-गैंगस्टर गठजोड़ की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
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विधानसभा में मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान दो पुलिस केसों के बारे जानकारी देते हुए बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि डीजीपी दिनकर गुप्ता ने सोमवार को घोषणा की थी कि अकाली सरपंच बाबा गुरदीप सिंह का कत्ल एक राजनीतिक दुश्मनी के कारण गैंगस्टर हरमन भूल्लर द्वारा किया गया था।
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उन्होंने कहा कि भूल्लर गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया से जुड़ा था, जिसे सुखजिंदर रंधावा द्वारा लगातार संरक्षण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हरमन की माता को जेलमंत्री द्वारा बाबा गुरदीप सिंह के खिलाफ पार्टी उम्मीदवार बनाया गया था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा गैंगस्टरों को प्रोत्साहित करके राजनीतिक मुख्य धारा में लाना इस बात का सबूत है कि वह एक दूसरे से मिले हुए हैं।
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भगवानपुरिया से जुड़े दूसरे केस के बारे में मजीठिया ने कहा कि पंजाब पुलिस ने हाल ही में अकाली दल की इस दलील की पुष्टि की है कि एनआरआई गुरविंदर बैंस पर भगवानपुरिया गैंग द्वारा हमला किया गया था। उन्होंने कहा कि हमने इस संबधी कुछ महीने पहले डीजीपी के पास एक शिकायत दी थी। विभिन्न कबड्डी फेडरेशनों ने भी शिकायतें की थी कि भगवानपुरिया गैंग कबड्डी खिलाड़ियों को धमका रहा था और उन्होंने जेलमंत्री के दो खास आदमियों कंवल और मनजोत को इसीलिए जिम्मेदार ठहराया था।
इसके बारे में उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई, पर फायरिंग संबधी दर्ज की एफआईआर में कंवल व मनजोत का नाम लिखा है। मजीठिया ने कहा कि पुलिस के अनुसार दोषी शाहबाज सिंह उर्फ सोनी ने बयान दिया है कि उसने जग्गू भगवानपुरिया और बिनी गुजर के कहने पर कंवल व मनजोत के आदेश न मानने के लिए एनआरआई पर हमला किया था।