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वल्टोहा के बड़े बोल, आरोप सही साबित हुए तो राजनीति छोड़ दूंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 15 Sep 2016 04:38 PM IST
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अकाली दल विधायक विरसा सिंह वल्टोहा
- फोटो : फाइल फोटो
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जातिसूचक शब्द कहने के विधायक तरलोचन सूंड के आरोपों का जवाब देते हुए शिअद विधायक वल्टोहा ने बड़ बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि यदि उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों के प्रयोग का आरोप साबित हो गया तो वह हमेशा के लिए राजनीति छोड़ देंगे। विधानसभा के बाहर पत्रकारों से बातचीत में वल्टोहा ने कहा कि यदि आरोप सही नहीं हुए तो कांग्रेस को पूरे पंजाब के लोगों से माफी मांगनी होगी।
इसके अलावा तरलोचन सूंड और चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी से बाहर निकालना होगा। सदन में जूता उछालने वाले विधायक ने आरोप लगाया था कि वल्टोहा ने उनके प्रति जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया, जिसके बाद ही उन्होंने जूता उछाला।
वल्टोहा ने कांग्रेसी विधायक को झूठा करार देते हुए कहा कि सदन में बिना माइक ही उनकी आवाज जोर की होती है। यदि उन्होंने अपशब्द कहे होंगे तो वह सदन के रिकार्ड में भी दर्ज हुए होंगे। उनकी रिकार्डिंग कांग्रेस देख ले। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जूता उछालने के बाद कांग्रेसी विधायक 15 मिनट तक छिपते फिर रहे थे। उसके बाद कुछ कांग्रेसी विधायकों की सलाह पर उन्होंने जातिसूचक शब्दों का आरोप लगाया। उसके पहले तक उन्होंने एक बार भी कुछ नहीं कहा। जूता उछलने के बाद कांग्रेस विधायक भी शांत हो गए थे।
उन्होंने कहा कि यदि जूता उन पर उछाला होता तो वह उनके आसपास गिरता, लेकिन वह उस ओर गिरा, जहां मंत्री मजीठिया, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और कई वरिष्ठ मंत्री बैठे थे। वल्टोहा ने कहा कि उनसे काफी दूरी पर उनकी कुर्सी है। यह एक साजिश थी, ताकि अकाली भड़कें और मामला गड़बड़ाए।
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इसके अलावा तरलोचन सूंड और चरणजीत सिंह चन्नी को पार्टी से बाहर निकालना होगा। सदन में जूता उछालने वाले विधायक ने आरोप लगाया था कि वल्टोहा ने उनके प्रति जातिसूचक शब्द का प्रयोग किया, जिसके बाद ही उन्होंने जूता उछाला।
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वल्टोहा ने कांग्रेसी विधायक को झूठा करार देते हुए कहा कि सदन में बिना माइक ही उनकी आवाज जोर की होती है। यदि उन्होंने अपशब्द कहे होंगे तो वह सदन के रिकार्ड में भी दर्ज हुए होंगे। उनकी रिकार्डिंग कांग्रेस देख ले। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
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उन्होंने कहा कि जूता उछालने के बाद कांग्रेसी विधायक 15 मिनट तक छिपते फिर रहे थे। उसके बाद कुछ कांग्रेसी विधायकों की सलाह पर उन्होंने जातिसूचक शब्दों का आरोप लगाया। उसके पहले तक उन्होंने एक बार भी कुछ नहीं कहा। जूता उछलने के बाद कांग्रेस विधायक भी शांत हो गए थे।
उन्होंने कहा कि यदि जूता उन पर उछाला होता तो वह उनके आसपास गिरता, लेकिन वह उस ओर गिरा, जहां मंत्री मजीठिया, मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल, उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल और कई वरिष्ठ मंत्री बैठे थे। वल्टोहा ने कहा कि उनसे काफी दूरी पर उनकी कुर्सी है। यह एक साजिश थी, ताकि अकाली भड़कें और मामला गड़बड़ाए।