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शिअद-भाजपा ने सौंपा राज्यपाल को ज्ञापन, कहा- पंजाब को काले दिनों में धकेलना चाहते हैं कैप्टन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 16 Oct 2018 08:50 PM IST
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सुखबीर बादल
- फोटो : फाइल फोटो
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शिअद-भाजपा ने आरोप लगाया कि सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह कट्टरपंथियों की पीठ थपथपा कर सूबे को काले दिनों में धकेलना चाहते हैं। उन्होंने राज्यपाल से मांग की कि सीएम को ऐसा करने से रोकें। क्योंकि कट्टरपंथी राज्य की शांति और भाईचारा को खत्म करना चाहते हैं। शिअद प्रधान सुखबीर बादल और प्रदेश भाजपा प्रधान श्वेत मलिक की अगुवाई में राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर को ज्ञापन दिया गया।
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गठबंधन नेताओं ने राज्यपाल को पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल को मारने की साजिश के खुलासे समेत कई घटनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यह सब कांग्रेस द्वारा कट्टरपंथियों को दिए प्रोत्साहन का नतीजा है। राष्ट्र विरोधी ताकतें बादल को खामोश करना चाहती हैं क्योंकि वह हिंदू-सिख एकता के समर्थक हैं। वहीं, शिअद और इसके नेताओं के खिलाफ कट्टरपंथियों के प्रदर्शन का समर्थन कर उनके हाथों की कठपुतली बन गई है। हाल ही में गुरदासपुर के गांव निक्के घुम्मी में धार्मिक समागम के दौरान कांग्रेस ने प्रदर्शनकारी भेजे हैं, उन्हें पुलिस को सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। मलिक ने कहा कि कांग्रेस उसी तरह आग से खेल रही है, जैसे 1980 में किया था। जिस कारण पंजाब में आतंकवाद ने सिर उठाया था।
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यूटी कर रहा पक्षपात
शिअद-भाजपा नेताओं ने राज्यपाल से कहा कि यूटी प्रशासन ने जेबीटी टीचरों की नियुक्ति में पंजाबी योग्यता की शर्त हटा कर चयन प्रक्रिया को बदला है। पूर्व शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा ने कहा कि नए नियमों के तहत उम्मीदवार को सिर्फ हिंदी और अंग्रेजी का ज्ञान होना जरूरी है। जबकि, इस नौकरी में उन्हें पंजाबी भी पढ़ानी पड़ती है। उन्होंने मांग की कि इस मामले में दखल दें। साथ ही कर्मचारियों की भरती में पंजाब व हरियाणा के 60-40 का अनुपात भी बहाल किया जाए।
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