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शिअद अमृतसर के सिमरनजीत मान बोले- हम भारत-पाकिस्तान में जंग नहीं, आपसी सुलह चाहते हैं
Thu, 13 Feb 2020 11:25 AM IST
खुशबू गोयल
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहगढ़ साहिब
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 13 Feb 2020 11:25 AM IST
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सिमरणजीत सिंह मान
- फोटो : अमर उजाला
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शिरोमणि अकाली दल अमृतसर प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान कहते हैं कि हम भारत-पाकिस्तान में जंग नहीं, आपसी सुलह चाहते हैं। उनके नेतृत्व में गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब के सामने बड़े पंडाल में जरनैल सिंह भिंडरावाला का 73वां वार्षिक जन्मदिवस मनाया गया। समारोह में सरबत खालसा द्वारा स्थापित श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ध्यान सिंह मंड समेत पंजाब के हर जिले से भारी संख्या में सिख संगत समेत मुस्लिम समुदाय के नेताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
रैलीनुमा समारोह में शुरू से लेकर आखिर तक पंडाल अलगाववादी नारों से गूंजता रहा। मंच से शिअद अमृतसर ने अपने 19 प्रस्ताव पेश किए और उसकी कापियां संगत में मुफ्त बांटी गईं। वहीं विभिन्न सिख संस्थाओं के नेताओं ने संगत को संबोधित कर खालिस्तान की मांग की और देश भर में आपसी भाईचारक सांझ बनाए रखने सहित हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय को एकता बनाए रखने तथा मौकापरस्त ताकतों से चौकन्ना रहने की अपील की।
मंच से कई नेताओं ने दिल्ली में हुई आम आदमी पार्टी की जीत को आरएसएस की बी टीम का टैग देते कहा कि पंजाब में आप की राजनीति कभी भी सफल नहीं होने देंगे, क्योंकि पंजाब गुरुओं व महान शहीदों की धरती है, जहां की पंथक सोच सरबत के भले की बात करती है। नेताओं ने सरकारों की चालों को समझने तथा उनके इरादों को विफल करने की अपील की।
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रैलीनुमा समारोह में शुरू से लेकर आखिर तक पंडाल अलगाववादी नारों से गूंजता रहा। मंच से शिअद अमृतसर ने अपने 19 प्रस्ताव पेश किए और उसकी कापियां संगत में मुफ्त बांटी गईं। वहीं विभिन्न सिख संस्थाओं के नेताओं ने संगत को संबोधित कर खालिस्तान की मांग की और देश भर में आपसी भाईचारक सांझ बनाए रखने सहित हिंदू, सिख और मुस्लिम समुदाय को एकता बनाए रखने तथा मौकापरस्त ताकतों से चौकन्ना रहने की अपील की।
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मंच से कई नेताओं ने दिल्ली में हुई आम आदमी पार्टी की जीत को आरएसएस की बी टीम का टैग देते कहा कि पंजाब में आप की राजनीति कभी भी सफल नहीं होने देंगे, क्योंकि पंजाब गुरुओं व महान शहीदों की धरती है, जहां की पंथक सोच सरबत के भले की बात करती है। नेताओं ने सरकारों की चालों को समझने तथा उनके इरादों को विफल करने की अपील की।
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आपसी सुलह की बैठकर बात भी करना चाहते हैं
मंच को संबोधित करते पार्टी प्रमुख सिमरनजीत सिंह मान ने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी से पहले तथा बाद में सबसे ज्यादा संताप भोगा, जब कभी भी भारत-पाक जंग हुई तो सबसे पहले ज्यादा नुकसान पंजाब का हुआ।
लाखों निर्दोष लोग जंग में शहीद हुए। हम भारत-पाक से जंग नहीं आपसी सुलह चाहते हैं और इस पर दोनों देशों की सरकारों से आपसी सुलह की बैठकर बात भी करना चाहते हैं। मान ने मंच से भारत, चीन और पाकिस्तान के मध्य खालिस्तान बनाने के लिए फिर से अलग जगह देने की मांग दुहराई और मंच से अपनी पार्टी की ओर से सर्वसम्मति से पास किए 19 प्रस्ताव भी पढ़े।
समारोह में यूनाइटेड अकाली दल प्रधान गुरदीप सिंह बठिंडा, दल खालसा के प्रधान हरपाल सिंह चीमा, मुख्य वक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू, परमजीत सिंह सहोली प्रधान स्वतंत्र अकाली दल, संसार सिंह दिल्ली प्रधान, जसकरन सिंह काहन सिंह वाला, मास्टर करनैल सिंह नारीके, प्रो. महिंदरपाल सिंह, हरभजन कश्मीरी, कुलदीप सिंह पहलवान, धर्म सिंह कलौड़, जसवंत सिंह चीमा, शिंगारा सिंह बडला समेत भारी संख्या में संगत मौजूद थी।
लाखों निर्दोष लोग जंग में शहीद हुए। हम भारत-पाक से जंग नहीं आपसी सुलह चाहते हैं और इस पर दोनों देशों की सरकारों से आपसी सुलह की बैठकर बात भी करना चाहते हैं। मान ने मंच से भारत, चीन और पाकिस्तान के मध्य खालिस्तान बनाने के लिए फिर से अलग जगह देने की मांग दुहराई और मंच से अपनी पार्टी की ओर से सर्वसम्मति से पास किए 19 प्रस्ताव भी पढ़े।
समारोह में यूनाइटेड अकाली दल प्रधान गुरदीप सिंह बठिंडा, दल खालसा के प्रधान हरपाल सिंह चीमा, मुख्य वक्ता कंवरपाल सिंह बिट्टू, परमजीत सिंह सहोली प्रधान स्वतंत्र अकाली दल, संसार सिंह दिल्ली प्रधान, जसकरन सिंह काहन सिंह वाला, मास्टर करनैल सिंह नारीके, प्रो. महिंदरपाल सिंह, हरभजन कश्मीरी, कुलदीप सिंह पहलवान, धर्म सिंह कलौड़, जसवंत सिंह चीमा, शिंगारा सिंह बडला समेत भारी संख्या में संगत मौजूद थी।
मंच से पास किए 19 प्रस्तावों में रखी मांगें
कानून के जरिये अस्तित्व में आई शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव शीघ्र करवाने, एसजीपीसी की ओर से पुरातन धार्मिक स्थानों व विरासतों को तोड़कर उनका कायाकल्प करना। भारत की नई जनगणना के कॉलम में सिख कौम जाति का उल्लेख करवाने, पंजाब के अलावा बाहरी राज्यों में विरोधी भाव से ढहाए गए सिख एतिहासिक गुरुघरों को बनाने व मुस्लिमों पर किए जा रहे हमले रोकने, केंद्रीय भाजपा के मंत्री अनुराग ठाकुर व प्रवेश वर्मा द्वारा अपशब्द बोलने पर सुप्रीम कोर्ट व चुनाव कमीशन द्वारा कार्रवाई करने, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान से जंग के हालात पैदा करने के बयान का विरोध करने, श्री करतापुर साहिब कॉरिडोर खुलवाने में पीएम नरेंद्र मोदी व पाक पीएम इमरान खान का धन्यवाद करने तथा करतारपुर जाने वाली संगत को इमिग्रेसन विभाग द्वारा चेकिंग के नाम पर तंग करने पर रोक लगाने, सजा पूरी कर चुके सिख कैदियों को रिहा करने, एनआरसी और सीएए, एनपीआर कानून को रद्द करने, धारा-370 और 35ए को खत्म करने का विरोध, ट्रेवल एजेंटों द्वारा पंजाबी नौजवानों से की जा रही लूट को बंद करवाने, हरियाणा में पंजाबी भाषा के स्थान पर तेलगू भाषा को दूसरी भाषा के रूप में लागू करने का विरोध, देश के चुनाव कमीशन से ईवीएम की जगह बैलेट पेपर्स से चुनाव कराने, किसानों की आत्महत्याएं रोकने तथा किसानों के कर्ज माफ करने तथा कृषि प्रयोग की वस्तुओं पर टैक्स छूट देने की मांग सहित, सिखों का नाम काली सूचियों से बाहर निकालने की मांग सहित अन्य प्रस्ताव पास किए गए।