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राज्यसभा चुनाव: हरियाणा में बाहरी बनाम धरतीपुत्र के बीच फंसे अजय माकन, कार्तिकेय शर्मा इसे बनाएंगे मुख्य मुद्दा
Wed, 01 Jun 2022 03:03 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Wed, 01 Jun 2022 03:03 PM IST
सार
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के काफी करीबी रहे हैं। 2005 में हुड्डा सरकार के पहले कार्यकाल में उनकी तूती बोली। दूसरे कार्यकाल के अंतिम समय में हुड्डा के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई।
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कांग्रेस नेता अजय माकन
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
हरियाणा में दो सीटों के लिए होने जा रहे राज्यसभा चुनाव में बाहरी बनाम धरतीपुत्र का मुद्दा गरमाएगा। निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा और उनके पिता पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा इसे भुनाने की तैयारी में हैं। उन्होंने मंगलवार को साफ तौर पर इसका जिक्र भी कर दिया। कार्तिकेय पहली बार ही चुनाव लड़ने जा रहे हैं। उनका अपना कोई राजनीतिक इतिहास नहीं है, वह पारिवारिक बिजनेस ही देखते आ रहे हैं।
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विनोद शर्मा ने उन्हें राजनीति में सीधे राज्यसभा चुनाव से लांच किया है। मंगलवार को उन्होंने दोपहर 2:40 पर अपना नामांकन दाखिल किया। उनसे पहले कांग्रेस प्रत्याशी अजय माकन 12 बजे से पहले और भाजपा उम्मीदवार कृष्ण लाल पंवार एक बजे से पहले पर्चा भर चुके थे। उन्होंने नामांकन भरने के बाद कहा कि जीत के लिए सभी विधायकों से समर्थन मांगेंगे।
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जीत का आंकड़ा हासिल किया जाएगा। पार्टी विशेष की कोई बात नहीं, सभी विधायकों से वोट के लिए संपर्क किया जाएगा। उनके पिता विनोद शर्मा ने कहा कि हम जीतने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जीत का पूरा विश्वास है। कांग्रेस का उम्मीदवार बाहरी है, वह हरियाणा के मुद्दे नहीं उठा सकता। उन्हें यहां के मुद्दों की समझ ही नहीं। इसलिए ही कार्तिकेय ने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया।
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हरियाणा के विकास में विश्वास रखने वाले सभी विधायकों का समर्थन लेंगे। विनोद का बाहरी का दांव माकन के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकता है। चूंकि, उनका हरियाणा से कोई नाता नहीं। वह दिल्ली की राजनीति में रहे हैं। दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भी रह चुके और आजकल पार्टी के राजस्थान मामलों के प्रभारी हैं। ऐसे में बाहरी बनाम धरतीपुत्र का मुद्दा उछलने पर चुनाव और दिलचस्प होगा।
पूर्व केंद्रीय मंत्री विनोद शर्मा पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के काफी करीबी रहे हैं। 2005 में हुड्डा सरकार के पहले कार्यकाल में उनकी तूती बोली। दूसरे कार्यकाल के अंतिम समय में हुड्डा के साथ उनके रिश्तों में खटास आ गई। उन्होंने हरियाणा जनविकास पार्टी बनाई और 2014 में हरियाणा जनहित कांग्रेस के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सके। उसके बाद विनोद शर्मा की विभिन्न दलों में जाने की अटकलें जारी रहीं लेकिन उन्होंने खुद को अंबाला और अपने बिजनेस तक सीमित कर लिया। उनकी पत्नी शक्ति रानी शर्मा अंबाला नगर निगम की मेयर हैं। विनोद का जलवा नगर निगम में पूरी तरह से बरकरार है।