'एयरफोर्स में यूपी के बाद सबसे ज्यादा हरियाणा के अफसर, अभिभावक साथ दें तो हम हों नंबर-1'
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मैं हरियाणा का हूं और खेल और फौज का गुण मेरे हरियाणा के युवाओं के डीएनए में हैं। यही वजह है कि दोनों में हम आगे रहते हैं। एयरफोर्स में भी यूपी के बाद सबसे ज्यादा हरियाणा के अफसर हैं, लेकिन अगर अभिभावक प्रयास करें और साथ दें तो यहां भी हम नंबर-1 हो सकते हैं। यह कहना है कि एयर वाइस मार्शल एलएन शर्मा का। उन्होंने कहा कि हरियाणा के ज्यादा से ज्यादा युवा सेना में जाएं।
माता-पिता को भी बच्चों को इसके लिए मोटिवेट करना चाहिए। भर्ती परीक्षाओं में एग्जाम दिलाएं। उन्हें फौज में अफसर बनने का सपना अभिभावकों को खुद दिखाना होगा। राष्ट्रपति से अति विशिष्ट सेवा मेडल मिलने पर करनाल की सामाजिक संस्थाओं द्वारा कार्यक्रम में उन्हें भी सम्मानित किया गया। एलएन शर्मा ने कहा कि भारतीय सेना दुश्मन देश के हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। आज सेना के पास हर वो तकनीक व हथियार हैं जो किसी सक्षम देश के पास होने चाहिए। उन्होंने कहा की हरियाणा वीर सैनिकों की भूमि है।
मैं किसान का बेटा हूं, पिता ने मेहनत कर मुझे पढ़ाया
पलवल के छज्जूनगर गांव में रहने वाले एलएन शर्मा बोले, मैं किसान का बेटा हूं। पिता पंडित ओमप्रकाश शर्मा और मां रामदेवी ने मेहनत से उन्हें पढ़ाया। उन्हीं की प्रेरणा थी जो आज इस मुकाम तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि 1984 में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से उन्होंने एमए इंग्लिश की पढ़ाई की थी। इसके बाद 1985 में एयरफोर्स ज्वाइन किया। 1986 में पायलट अफसर की ट्रेनिंग हुई। इसके बाद प्रमोट होते हुए अब करीब 35 साल की सेवाओं आज एयर वाइस मार्शल हैं।
प्रिंसिपल रहते हुए सैनिक स्कूल को मिली रक्षा मंत्री ट्रॉफी
एयर वाइस मार्शल एलएन शर्मा वर्ष 2011 से 2014 तक कुंजपुरा सैनिक स्कूल में भी बतौर प्रिंसिपल कार्य कर चुके हैं। उनके कार्यकाल में वर्ष 2014 में स्कूल को रक्षा मंत्री ट्रॉफी मिली थी। करनाल से शुरू से ही नाता रहा। अब पांच साल बाद करनाल के लोगों से मिलना हुआ।
बच्चे सपने देखें और पूरा करने के लिए करें मेहनत
एलएन शर्मा ने कहा कि मुझे जो उपलब्धि मिली है ये अंतिम लक्ष्य नहीं अपितु एक पड़ाव है, अभी और काम करना है। उन्होंने बताया कि वे एक किसान परिवार से हैं और जमीन से जुड़े लोगों की भावनाओं को अच्छे से समझता हूं। मैं बच्चों से कहना चाहता हूं कि वे जो सपना देखते है उसे कड़ी मेहनत से पाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि पांच किलोमीटर पैदल चलकर उन्होंने स्कूल की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज पहुंचे तो उन्हें पिता ने साइकिल दिलाया। हरियाणा सैनिकों की भूमि है, युवाओं को सेना में जाना अवश्य चाहिए इस मे सर्विस सुविधाओं के अलावा देश सेवा का मौका मिलता है।