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अब दुश्मन पर जमीन और आसमान से एक साथ बरसेगी आफत, अभ्यास में दिखी दो सेनाओं की ताकत
Thu, 06 Jun 2019 11:32 AM IST
खुशबू गोयल
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Thu, 06 Jun 2019 11:32 AM IST
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सेना और वायुसेना का संयुक्त अभ्यास
- फोटो : अमर उजाला
दुश्मनों के दांत खट्टे करने के लिए एक खास युद्ध नीति के तहत भारतीय सेना और वायुसेना की घातक फॉरमेशन बेहद कारगर साबित होगी। इस फॉरमेशन के तहत सेना की टैंक रेजीमेंट के साथ एयरफोर्स के लड़ाकू हैलीकाप्टर की जुगलबंदी दुश्मन पर भारी पड़ेंगी। इसी के चलते युद्ध के दौरान जमीन ही नहीं, आसमान से भी दुश्मन पर आफत बरसेगी।
सेना और वायुसेना ने इस फॉरमेशन के तहत जमकर प्रयास भी किया है। इससे दुश्मन के खिलाफ सैन्य ऑपरेशंस को भी और धार मिलेगी। दरअसल, हरियाणा और पंजाब के दुर्गम इलाके में वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ अंबाला आर्मी बेस कैंप की सबसे घातक खड्गा टू कोर ने एयरफोर्स के साथ वॉर एक्सरसाइज की है।
इस एक्सरसाइज में सेना में शामिल नए हथियारों और उपकरणों की दक्षता का परीक्षण भी किया गया है। जिसमें युद्ध के दौरान दुश्मन के खिलाफ कई तरह की नई रणनीतियां बनाकर सेना और वायुसेना ने मिलकर काम किया। युद्ध जैसा माहौल बनाकर कर दोनों सेनाओं ने कई ऑपरेशंस को अंजाम दिया।
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मौजूदा हालात और खतरों को देखते हुए दोनों सेनाओं ने इस युद्ध अभ्यास के दौरान अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन किया है।
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सेना और वायुसेना ने इस फॉरमेशन के तहत जमकर प्रयास भी किया है। इससे दुश्मन के खिलाफ सैन्य ऑपरेशंस को भी और धार मिलेगी। दरअसल, हरियाणा और पंजाब के दुर्गम इलाके में वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ अंबाला आर्मी बेस कैंप की सबसे घातक खड्गा टू कोर ने एयरफोर्स के साथ वॉर एक्सरसाइज की है।
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इस एक्सरसाइज में सेना में शामिल नए हथियारों और उपकरणों की दक्षता का परीक्षण भी किया गया है। जिसमें युद्ध के दौरान दुश्मन के खिलाफ कई तरह की नई रणनीतियां बनाकर सेना और वायुसेना ने मिलकर काम किया। युद्ध जैसा माहौल बनाकर कर दोनों सेनाओं ने कई ऑपरेशंस को अंजाम दिया।
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मौजूदा हालात और खतरों को देखते हुए दोनों सेनाओं ने इस युद्ध अभ्यास के दौरान अपनी पूरी ताकत का प्रदर्शन किया है।
जब एयर स्ट्राइक से छूटे दुश्मन के पसीने
इस वॉर एक्सरसाइज में सेना के साथ-साथ वायुसेना ने एयर स्ट्राइक का भी खास रणनीति के तहत जबरदस्त ढंग से अभ्यास किया। जिससे दुश्मन के पसीने छूटना लाजिमी है। इसके अंतर्गत जवानों को भारतीय वायुसेना की मदद से पैरा ड्रॉप भी करवाया गया। इसके चलते इन जवानों को दुर्गम क्षेत्र में उतारा गया और वहां उतरते ही जवानों ने दुश्मन से लोहा लिया।
जमीन पर लड़ रहे सैन्य बलों के समर्थन में वायु सेना द्वारा घातक एयर स्ट्राइक भी की गई और इस बहाने दुश्मन को कड़ा दंडात्मक संदेश दिया गया। सेना का दावा है कि यह यह अभ्यास कई महत्वपूर्ण परिचालन पहलुओं को मान्य करने में सफल रहा और इससे कई बहुमूल्य सबक भी मिले।
साथ ही इससे युद्ध के दौरान सेना की उच्च स्तरीय परिचालन तैयारियों को बल मिला। इस अभ्यास के दौरान अवसर पर कई आला अफसर भी मौजूद रहे।
जमीन पर लड़ रहे सैन्य बलों के समर्थन में वायु सेना द्वारा घातक एयर स्ट्राइक भी की गई और इस बहाने दुश्मन को कड़ा दंडात्मक संदेश दिया गया। सेना का दावा है कि यह यह अभ्यास कई महत्वपूर्ण परिचालन पहलुओं को मान्य करने में सफल रहा और इससे कई बहुमूल्य सबक भी मिले।
साथ ही इससे युद्ध के दौरान सेना की उच्च स्तरीय परिचालन तैयारियों को बल मिला। इस अभ्यास के दौरान अवसर पर कई आला अफसर भी मौजूद रहे।