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चंडीगढ़ की आबोहवा हुई 'जहरीली', जानिए क्यों और कैसे करें बचाव?

Fri, 10 Nov 2017 09:53 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 10 Nov 2017 09:53 AM IST
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air pollution in chandigarh
रेलवे स्टेशन पर लोग
चंडीगढ़वासियों और सैलानियों को यह खबर निराश कर सकती है। दरअसल शहर की आबोहवा 'जहरीली' हो गई है, जिसके चलते लोगों को परेशानी हो सकती है। जिन इलाकों में चार नवंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 260 दर्ज किया गया था, वहां पर आठ सितंबर को एयर क्वालिटी इंडेक्स 362 दर्ज किया गया है। मात्र चार दिन में एयर क्वालिटी इंडेक्स 100 को पार कर गया है।
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प्रदूषण विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, सभी जगहों का प्रदूषण स्तर बढ़ चुका है। आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं। फिलहाल, अगले 48 हफ्ते तक कोई राहत मिलने के आसार नहीं है। विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रदूषण बढ़ने के पीछे एक नहीं बल्कि कई कारण हैं। पराली, वाहनों का धुआं और मौसम का बदला मिजाज जैसे कारणों से मौसम में बदलाव आया है।
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इंडस्ट्रियल एरिया और सेक्टर-17 में सबसे ज्यादा प्रदूषण
प्रदूषण विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक इंडस्ट्रियल एरिया और सेक्टर 17 में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया है। इंडस्ट्रियल एरिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 375 दर्ज किया गया, जबकि सेक्टर-17 का क्वालिटी इंडेक्स 362 दर्ज किया गया। चार नवंबर को सेक्टर-17 का एयर क्वालिटी इंडेक्स मात्र 260 रिकार्ड किया गया था, जबकि इंडस्ट्रियल एरिया का एयर क्वालिटी इंडेक्स 306 था।
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तीन गुना से ज्यादा दर्ज किया जा रहा पीएम 2.5

air pollution in chandigarh
pollution
पीएम 2.5 का बढ़ना शहरवासियों के लिए खतरनाक हो सकता है। आठ नवंबर को यह तय मानक  से तीन गुना ज्यादा दर्ज किया गया। दरअसल पीएम 2.5 बहुत छोटे कण होते हैं, जो आसानी से फेफड़े तक पहुंच जाते हैं। इसमें धूल, गर्द और धातु के सूक्ष्म कण शामिल होते हैं।

इन कणों को रोकने का हमारे शरीर में कोई सिस्टम नहीं है। ऐसे में पीएम 2.5 फेफड़े तक सीधा पहुंचता है। यह बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। इससे आंख, गले और फेफड़े की तकलीफ बढ़ती है। खांसी और सांस लेने में भी तकलीफ होती है। लगातार संपर्क में रहने से फेफड़े का कैंसर भी हो सकता है।

इन कारणों से बिगड़ा हुआ है शहर का मिजाज
1.पंजाब में पराली जलाने का धुआं शहर में आना।
2. बारिश व हवा का न चलना
3. दिन के पारे में गिरावट आना
4.मौसम की स्थिति एक जैसी होना

कई साल बाद नवंबर में आई धुंध

air pollution in chandigarh
प्रदूषण - फोटो : SELF
मौसम विभाग का कहना है कि कई साल बाद देखा गया है कि नवंबर में धुंध आई है, जबकि धुंध का मौसम दिसंबर के आखिरी हफ्ते से शुरू होता है। मौसम में आया बदलाव भी इसकी एक वजह है। वीरवार को अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से एक डिग्री कम है। न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ, जो सामान्य से एक डिग्री ज्यादा था। अगले 48 घंटे पंजाब व हरियाणा में धुंध का असर जारी रहेगा।

ऐसे करें बचाव
1.सुबह के वक्त मास्क लगाकर सैर करें।
2.अस्थमा रोगी दवा लेना न भूलें
3.ठंडा पानी बिल्कुल न पीएं
4.अस्थमा रोगी डाक्टर से जरूर सलाह लें।

301-400 एयरक्वालिटी इंडेक्स सबसे खतरनाक
प्रदूषण विभाग के मुताबिक जिन इलाकों का एयर क्वालिटी इंडेक्टस 301-400 तक होता है, वह सबसे खतरनाक स्थिति होती है। ज्यादा समय तक रहने पर सांस की बीमारी तक हो सकती है। फिलहाल आठ नवंबर तक सभी इलाकों का एयरक्वालिटी इंडेक्स 300 से ऊपर रहा है।

जब तक पंजाब और हरियाणा में पराली जलना बंद नहीं होगी, तब तक इसका हल नहीं निकल सकता। आगे क्या स्थिति होगी, इस बारे में अभी बता पाना मुश्किल होगा।
- पीजेएस डढवाल, मेंबर सेक्रेटरी चंडीगढ़ प्रदूषण कंट्रोल कमेटी
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