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एयर इंडिया ने कहा सर्दियों में देंगे बैंकॉक की उड़ान, हाईकोर्ट ने कहा- कब बिकने जा रहे हो?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 11 Jul 2017 09:23 AM IST
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air india express
- फोटो : File Photo
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चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से एयर इंडिया सर्दियों में बैंकॉक के लिए 4 साप्ताहिक फ्लाइटें शुरू करने जा रहा है। यह जानकारी एयर इंडिया ने हाईकोर्ट की ओर से स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई के दौरान दी। एयर इंडिया की इस जानकारी पर हाईकोर्ट ने कहा कि एयर इंडिया कब बिकने जा रहा है। मौकों का फायदा नहीं उठाया गया इसी लिए घाटा हुआ और यह हालात हैं। काबिलेगौर है कि हाईकोर्ट लंबे समय से एयर इंडिया को बीएसएनएल से सीख लेने की बात कह रहा था।
कोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को बेचने की तैयारी कर ली है। एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि कभी एयर इंडिया विश्व की 16 बड़ी एयरलाइंस में शामिल थी लेकिन अपने आपको संभाल नहीं पाई और आज यह हालत हो गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि बीएसएनएल के पास अपनी साख बनाने का और मुनाफा कमाने का मौका था परंतु सरकारी तौरतरीके से काम करने की प्रवृत्ति ने उनसे मौका छीन लिया। ठीक यही स्थिति एयर इंडिया की भी है। अभी एयर इंडिया के पास अपनी मार्केट बनाने का मौका है और एयर इंडिया इस मौके का लाभ नहीं उठा पा रही है।
दिल्ली ही क्यों चंडीगढ़ से क्यों नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि अमेरिका के लिए दिल्ली से हाल ही में एक नई उड़ान आरंभ की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि दिल्ली से तो पहले ही उड़ानें हैं क्यों नहीं यह चंडीगढ़ या अमृतसर से आरंभ करने का प्रयास किया गया। इसका केंद्र सरकार कोई ठोस जवाब नहीं दे पाई। हाईकोर्ट ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पंजाब क्षेत्र से विदेश जाने वालों की अच्छी खासी संख्या है फिर भी दिल्ली को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है।
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कोर्ट को सुनवाई के दौरान बताया गया कि केंद्र सरकार ने एयर इंडिया को बेचने की तैयारी कर ली है। एमिकस क्यूरी ने कोर्ट को बताया कि कभी एयर इंडिया विश्व की 16 बड़ी एयरलाइंस में शामिल थी लेकिन अपने आपको संभाल नहीं पाई और आज यह हालत हो गई है। हाईकोर्ट ने कहा कि बीएसएनएल के पास अपनी साख बनाने का और मुनाफा कमाने का मौका था परंतु सरकारी तौरतरीके से काम करने की प्रवृत्ति ने उनसे मौका छीन लिया। ठीक यही स्थिति एयर इंडिया की भी है। अभी एयर इंडिया के पास अपनी मार्केट बनाने का मौका है और एयर इंडिया इस मौके का लाभ नहीं उठा पा रही है।
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दिल्ली ही क्यों चंडीगढ़ से क्यों नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि अमेरिका के लिए दिल्ली से हाल ही में एक नई उड़ान आरंभ की गई है। इस पर हाईकोर्ट ने पूछा कि दिल्ली से तो पहले ही उड़ानें हैं क्यों नहीं यह चंडीगढ़ या अमृतसर से आरंभ करने का प्रयास किया गया। इसका केंद्र सरकार कोई ठोस जवाब नहीं दे पाई। हाईकोर्ट ने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि पंजाब क्षेत्र से विदेश जाने वालों की अच्छी खासी संख्या है फिर भी दिल्ली को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है।
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अंडरपास के सर्वे को लगा ब्रेक
Punjab And Haryana Highcourt Chandigarh
- फोटो : File Photo
कतर एयरवेज ने किया अप्रोच
कोर्ट को बताया गया कि कतर एयरवेज अमृतसर से उड़ान आरंभ करना चाहती है। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की सुस्ती पर जवाब मांगा। केंद्र सरकार ने बताया कि जो एग्रीमेंट वर्तमान में मौजूद है उसके तहत दुबई के लिए उड़ान की इजाजत दी जा सकती है। इस बारे में वे वरिष्ठ अधिकारियों को अप्रोच करेंगे। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
ज्वाइंट कॉर्डिनेशन कमेटी की होगी बैठक
हाईकोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि पूर्व के आदेशों के अनुरूप ज्वाइंट कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन कर लिया गया है। कमेटी अगस्त के पहले सप्ताह में बैठक करेगी। इस कमेटी के सामने वे सभी मुद्दे रखे जाएंगे जिनको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहंी है। वर्तमान में कैट 3, हब एंड स्पोक, पैरलल रनवे, टैक्सी ट्रैक, री सर्फेसिंग आदि मुद्दे लंबित हैं। कमेटी इन सभी पर चर्चा कर इनके निवारण हेतू सुझाव देगी जिसे हाईकोर्ट में सौंपा जाएगा।
कैट-3 के लिए बजट की मंजूरी की प्रक्रिया आरंभ
कम से कम विजिबिलिटी में भी फ्लाइट्स को एयरपोर्ट पर उतरने की सुविधा देने वाले कैट 3 के लिए फंड की व्यवस्था करने का प्रयास आरंभ कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बताया कि अब यह मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आगे भेज दिया है और शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक फैसला आएगा।
अंडरपास के सर्वे को लगा ब्रेक
सुनवाई के दौरान बताया गया कि नेशनल हाईवे 21 से सीधे एयरपोर्ट के लिए अंडरपास के सर्वे की इजाजत नहंी दी गई। इस पर बताया गया कि जो लोग सर्वे के लिए आए थे उनको लेकर कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन कुछ ऐसी मशीनें थी जिनको अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। एयरफोर्स ने बताया कि इन उपकरणों की सूची को एयर मुख्यालय भेजा गया है और वहां से इनसे जुड़ी अनुमति मिलने के बाद ही डीएमआरसी को इन मशीनों के साथ सर्वे करने की अनुमति दी जा सकेगी।
कोर्ट को बताया गया कि कतर एयरवेज अमृतसर से उड़ान आरंभ करना चाहती है। इस पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार की सुस्ती पर जवाब मांगा। केंद्र सरकार ने बताया कि जो एग्रीमेंट वर्तमान में मौजूद है उसके तहत दुबई के लिए उड़ान की इजाजत दी जा सकती है। इस बारे में वे वरिष्ठ अधिकारियों को अप्रोच करेंगे। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर इस बारे में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
ज्वाइंट कॉर्डिनेशन कमेटी की होगी बैठक
हाईकोर्ट को केंद्र सरकार ने बताया कि पूर्व के आदेशों के अनुरूप ज्वाइंट कोआर्डिनेशन कमेटी का गठन कर लिया गया है। कमेटी अगस्त के पहले सप्ताह में बैठक करेगी। इस कमेटी के सामने वे सभी मुद्दे रखे जाएंगे जिनको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहंी है। वर्तमान में कैट 3, हब एंड स्पोक, पैरलल रनवे, टैक्सी ट्रैक, री सर्फेसिंग आदि मुद्दे लंबित हैं। कमेटी इन सभी पर चर्चा कर इनके निवारण हेतू सुझाव देगी जिसे हाईकोर्ट में सौंपा जाएगा।
कैट-3 के लिए बजट की मंजूरी की प्रक्रिया आरंभ
कम से कम विजिबिलिटी में भी फ्लाइट्स को एयरपोर्ट पर उतरने की सुविधा देने वाले कैट 3 के लिए फंड की व्यवस्था करने का प्रयास आरंभ कर दिया गया है। केंद्र सरकार ने बताया कि अब यह मामला नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आगे भेज दिया है और शीघ्र ही इस दिशा में सकारात्मक फैसला आएगा।
अंडरपास के सर्वे को लगा ब्रेक
सुनवाई के दौरान बताया गया कि नेशनल हाईवे 21 से सीधे एयरपोर्ट के लिए अंडरपास के सर्वे की इजाजत नहंी दी गई। इस पर बताया गया कि जो लोग सर्वे के लिए आए थे उनको लेकर कोई आपत्ति नहीं थी लेकिन कुछ ऐसी मशीनें थी जिनको अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती थी। एयरफोर्स ने बताया कि इन उपकरणों की सूची को एयर मुख्यालय भेजा गया है और वहां से इनसे जुड़ी अनुमति मिलने के बाद ही डीएमआरसी को इन मशीनों के साथ सर्वे करने की अनुमति दी जा सकेगी।