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अमृतसर से टोरंटो की फ्लाइट से एयर इंडिया का इनकार, कहा- बहुत घाटा होता है
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 19 Jul 2017 12:10 AM IST
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एयर इंडिया
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एयर इंडिया ने घाटे की दलील देते हुए अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से टोरंटो की फ्लाइट शुरू करने से साफ इनकार कर दिया है। हालांकि एयर इंडिया ने बताया कि 29 अक्तूबर से वह चंडीगढ़ इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बैंकॉक की फ्लाइट शुरू करने जा रही है, जो सप्ताह में चार दिन की होगी।
मंगलवार को एयर-इंडिया के स्टेशन मैनेजेर जीएस तोमर ने हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी है। साथ ही अमृतसर से अन्य इंटरनेशनल फ्लाइट्स से हुए घाटे की भी एयर-इंडिया ने हाई कोर्ट को जानकारी दी है। अमृतसर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स के कारण एयर इंडिया को हुए नुकसान के ब्यौरे पर अमृतसर विकास मंच के एडवोकेट ने कहा कि यह जानकारी बड़ी चालाकी से दी गई है। एयर-इंडिया की 59 में से 57 इंटरनेशनल फ्लाइट्स घाटे में है। ब्यौरा उन उड़ानों का दिया गया जो अमृतसर से दिल्ली होकर विदेश जाती हैं, जबकि अगर फ्लाइट दिल्ली से अमृतसर होकर विदेश जाएं तो इन्हें बड़ा फायदा हो सकता है। एयर-इंडिया का दावा है कि अमृतसर से बर्मिंघम के लिए अमृतसर से केवल 35 प्रतिशत यात्री हैं जो गलत है। असल में 35 प्रतिशत वे यात्री हैं जो बाया एयर आते हैं। पंजाब से बड़ी संख्या में लोग सड़क और रेल के जरिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते हैं।
हाईकोर्ट को बताया गया कि तुर्कमेनिस्तान की एयरलाइंस इसी रूट से फायदे में है। यहां तक की इंडिगो भी फायदे में है लेकिन एयर-इंडिया घाटे में है क्योंकि दिल्ली से अमृतसर जाने की बजाय अमृतसर से दिल्ली जाती है। चाहे टोरंटो हो या बर्मिंघम दोनों ही पहले अमृतसर से दिल्ली, फिर उसके बाद पंजाब के ऊपर से ही आगे जाती हैं। अमृतसर से दिल्ली की फ्लाइट में 5 लाख का फ्यूल लग जाता है। जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने इस जानकारी पर याचिकाकर्ता को पूरा डाटा उपलब्ध करवाए जाने के आदेश दिए हैं।
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मंगलवार को एयर-इंडिया के स्टेशन मैनेजेर जीएस तोमर ने हाईकोर्ट को इसकी जानकारी दी है। साथ ही अमृतसर से अन्य इंटरनेशनल फ्लाइट्स से हुए घाटे की भी एयर-इंडिया ने हाई कोर्ट को जानकारी दी है। अमृतसर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स के कारण एयर इंडिया को हुए नुकसान के ब्यौरे पर अमृतसर विकास मंच के एडवोकेट ने कहा कि यह जानकारी बड़ी चालाकी से दी गई है। एयर-इंडिया की 59 में से 57 इंटरनेशनल फ्लाइट्स घाटे में है। ब्यौरा उन उड़ानों का दिया गया जो अमृतसर से दिल्ली होकर विदेश जाती हैं, जबकि अगर फ्लाइट दिल्ली से अमृतसर होकर विदेश जाएं तो इन्हें बड़ा फायदा हो सकता है। एयर-इंडिया का दावा है कि अमृतसर से बर्मिंघम के लिए अमृतसर से केवल 35 प्रतिशत यात्री हैं जो गलत है। असल में 35 प्रतिशत वे यात्री हैं जो बाया एयर आते हैं। पंजाब से बड़ी संख्या में लोग सड़क और रेल के जरिए दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचते हैं।
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हाईकोर्ट को बताया गया कि तुर्कमेनिस्तान की एयरलाइंस इसी रूट से फायदे में है। यहां तक की इंडिगो भी फायदे में है लेकिन एयर-इंडिया घाटे में है क्योंकि दिल्ली से अमृतसर जाने की बजाय अमृतसर से दिल्ली जाती है। चाहे टोरंटो हो या बर्मिंघम दोनों ही पहले अमृतसर से दिल्ली, फिर उसके बाद पंजाब के ऊपर से ही आगे जाती हैं। अमृतसर से दिल्ली की फ्लाइट में 5 लाख का फ्यूल लग जाता है। जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस अवनीश झिंगन की खंडपीठ ने इस जानकारी पर याचिकाकर्ता को पूरा डाटा उपलब्ध करवाए जाने के आदेश दिए हैं।
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आगे बढ़ने की बजाय पीछे जा रहा एयर-इंडिया
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
आगे बढ़ने की बजाय पीछे जा रहा एयर-इंडिया
सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन ने हाई कोर्ट को बताया की एयर-इंडिया अब पीछे जा रहा है। हाल ही में घरेलू फ्लाइट्स में नॉन वेज पर रोक इसका उदाहरण है। यह समाचार अमेरिका के प्रसिद्ध अख़बार न्यू यॉर्क टाइम्स में भी प्रकाशित हुआ। इस फैसले से सभी हैरत में है। इससे अन्य एयरलाइंस को ही फायदा होगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा की जब तक एयर-इंडिया के अधिकारी बाबुओं की तरह सोचते रहेंगे तब तक आगे नहीं बढ़ पाएंगे। अन्य सभी एयरलाइंस फायदे में हैं, यहां तक कि अब कई एयरलाइंस एयर-इंडिया को खरीदने के लिए भी तैयार हैं जो कभी एयर-इंडिया से प्रर्तिस्पर्धा करती थीं।
रनवे की रीकार्पेटिंग का काम नवंबर से
केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया की अक्तूबर अंत या नवंबर से ही एयरपोर्ट के रनवे की रीकार्पेटिंग का काम शुरू हो सकता है। तब तक सुबह से रात 8 बजे तक फ्लाइट्स चल सकेंगी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह काम जल्द से जल्द शुरू क्यों नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने बताया कि इसके लिए हैवी मशीनरी लगेगी इस मशीनरी को लगाए जाने में ही तीन से चार महीने लग जाएंगे। इस काम में इसलिए भी देर हो गई है क्योंकि पहले जिस कंपनी ने रनवे के रीकार्पेटिंग में रुचि दिखाई थी उस कंपनी ने बाद में काम करने से इंकार कर दिया था।
केंद्र कर रहा हिसार में इंटनेशनल एयरपोर्ट बनाने पर गौर
केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा सरकार ने हिसार में लगभग 3500 एकड़ जमीन पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने का जो प्रस्ताव दिया है। उस पर केंद्र सरकार गौर कर रहा है। इस पर एमएल सरीन ने बताया की केंद्र सरकार तो नोएडा में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने का विचार कर रही है। जबकि यह दिल्ली एयरपोर्ट के पास ही है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा की केंद्र सरकार हिसार में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में गौर कर निर्णय ले।
सीनियर एडवोकेट एमएल सरीन ने हाई कोर्ट को बताया की एयर-इंडिया अब पीछे जा रहा है। हाल ही में घरेलू फ्लाइट्स में नॉन वेज पर रोक इसका उदाहरण है। यह समाचार अमेरिका के प्रसिद्ध अख़बार न्यू यॉर्क टाइम्स में भी प्रकाशित हुआ। इस फैसले से सभी हैरत में है। इससे अन्य एयरलाइंस को ही फायदा होगा। इस पर हाईकोर्ट ने कहा की जब तक एयर-इंडिया के अधिकारी बाबुओं की तरह सोचते रहेंगे तब तक आगे नहीं बढ़ पाएंगे। अन्य सभी एयरलाइंस फायदे में हैं, यहां तक कि अब कई एयरलाइंस एयर-इंडिया को खरीदने के लिए भी तैयार हैं जो कभी एयर-इंडिया से प्रर्तिस्पर्धा करती थीं।
रनवे की रीकार्पेटिंग का काम नवंबर से
केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट को बताया की अक्तूबर अंत या नवंबर से ही एयरपोर्ट के रनवे की रीकार्पेटिंग का काम शुरू हो सकता है। तब तक सुबह से रात 8 बजे तक फ्लाइट्स चल सकेंगी। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि यह काम जल्द से जल्द शुरू क्यों नहीं किया जा सकता। केंद्र सरकार ने बताया कि इसके लिए हैवी मशीनरी लगेगी इस मशीनरी को लगाए जाने में ही तीन से चार महीने लग जाएंगे। इस काम में इसलिए भी देर हो गई है क्योंकि पहले जिस कंपनी ने रनवे के रीकार्पेटिंग में रुचि दिखाई थी उस कंपनी ने बाद में काम करने से इंकार कर दिया था।
केंद्र कर रहा हिसार में इंटनेशनल एयरपोर्ट बनाने पर गौर
केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट को बताया गया कि हरियाणा सरकार ने हिसार में लगभग 3500 एकड़ जमीन पर इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने का जो प्रस्ताव दिया है। उस पर केंद्र सरकार गौर कर रहा है। इस पर एमएल सरीन ने बताया की केंद्र सरकार तो नोएडा में भी इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाए जाने का विचार कर रही है। जबकि यह दिल्ली एयरपोर्ट के पास ही है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा की केंद्र सरकार हिसार में इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में गौर कर निर्णय ले।