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Chandigarh News: अहिल्या बाई के जीवन को दर्शकों के सामने किया प्रस्तुत
Sun, 20 Apr 2025 11:33 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़
Updated Sun, 20 Apr 2025 11:33 PM IST
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चंडीगढ़। सेक्टर-18 के टैगोर थिएटर में रविवार को राजमाता अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। यह आयोजन चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, संस्कार भारती मोहाली और महिला समन्वय वंश मंच चंडीगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में हुआ।
इस मौके पर नाटक अहिल्या का मंचन हुआ। इसे विनोदानंद नृत्य संस्थान उज्जैन द्वारा मंचित किया गया। नाटक की पटकथा, संवाद एवं निर्देशन सतीश देव द्वारा किया गया था। यह प्रस्तुति राजमाता के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को अत्यंत प्रभावी ढंग से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करने में सफल रही। संस्कार भारती मोहाली और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित एक सामूहिक गान भी प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण राष्ट्रीय सेवा भारती की महामंत्री रेणु पाठक ने दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शोभा शॉप कौशल उपस्थित हुई। उन्होंने अहिल्याबाई के सामाजिक मूल्यों एवं योगदान को रेखांकित किया।
महिलाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम की सामूहिक प्रस्तुति से हुआ। ट्राइसिटी की विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को समाज सेवा, कला, शिक्षा व खेल क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं में दीवान, पूनम, भारती वंदना और गुरमीत बोल शामिल रहीं।
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इस मौके पर नाटक अहिल्या का मंचन हुआ। इसे विनोदानंद नृत्य संस्थान उज्जैन द्वारा मंचित किया गया। नाटक की पटकथा, संवाद एवं निर्देशन सतीश देव द्वारा किया गया था। यह प्रस्तुति राजमाता के जीवन, संघर्ष और समाजसेवा को अत्यंत प्रभावी ढंग से दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत करने में सफल रही। संस्कार भारती मोहाली और चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी की ओर से अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित एक सामूहिक गान भी प्रस्तुत किया गया। स्वागत भाषण राष्ट्रीय सेवा भारती की महामंत्री रेणु पाठक ने दिया। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शोभा शॉप कौशल उपस्थित हुई। उन्होंने अहिल्याबाई के सामाजिक मूल्यों एवं योगदान को रेखांकित किया।
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महिलाओं को किया सम्मानित
कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम की सामूहिक प्रस्तुति से हुआ। ट्राइसिटी की विभिन्न संस्थाओं से जुड़ी महिलाओं को समाज सेवा, कला, शिक्षा व खेल क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। सम्मानित महिलाओं में दीवान, पूनम, भारती वंदना और गुरमीत बोल शामिल रहीं।
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