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Haryana News: 159 करोड़ रुपये की कृषि योजनाओं को मंजूरी, 10 जिलों में फसल विविधीकरण को बढ़ावा
Thu, 21 Jul 2022 11:27 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 21 Jul 2022 11:27 PM IST
सार
किसानों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए पोर्टल बनाया गया है। किसान स्वेच्छा से पोर्टल पर अपलोड कर अपनी कृषि भूमि से जल निकासी करवा सकते है। इस वर्ष झज्जर, रोहतक, सोनीपत के किसानों की 20 हजार एकड़ भूमि को जलभराव समस्या से निजात दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : istock
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विस्तार
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हरियाणा में कृषि योजनाओं के लिए 150 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत 38.50 करोड़ रुपये फसल विविधीकरण योजना अपनाने के लिए स्वीकृत किए गए हैं। सरकार का लक्ष्य है कि 10 जिलों में 50 हजार एकड़ में फसल विविधीकरण अपनाया जाएगा।
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इसके तहत मक्का उगाने वाले किसानों को 2400 रुपये प्रति एकड़ और दलहन फसलों के लिए 3600 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में तिलहनी और दलहनी फसलों को बढावा मिलेगा। इसके अलावा फसल विविधिकरण के लिए 38.50 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है।
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ये फैसले गुरुवार को हरियाणा मुख्य सचिव संजीव कौशल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय अनुमोदन समिति की बैठक में लिए गए। मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश के किसानों का जोखिम कम करने और कृषि व्यापार, उद्यमिता को बढ़ावा देने के माध्यम से खेती को एक लाभकारी आर्थिक गतिविधि बनाने के लिए कारगर योजनाएं क्रियान्वित की जा रही हैं।
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किसानों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए पोर्टल बनाया गया है। किसान स्वेच्छा से पोर्टल पर अपलोड कर अपनी कृषि भूमि से जल निकासी करवा सकते है। इस वर्ष झज्जर, रोहतक, सोनीपत के किसानों की 20 हजार एकड़ भूमि को जलभराव समस्या से निजात दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
मृदा जांच को 25 लाख सैंपल
उन्होंने कहा कि सॉयल हेल्थ कार्ड योजना के तहत मिट्टी (मृदा) की जांच की जा रही है और किसानों को भूमि की गुणवत्ता अनुसार खाद, बीज आदि का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए 100 मिट्टी जांच लैबोरेटरी संचालित की जा रही है। इनके माध्यम से अब तक 25 लाख सैंपल लिए गए हैं और किसानों, किसान सहायकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इसके साथ ही स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से प्रदर्शन प्लांट भी लगाए जा रहे है। बैठक में एसीएस पीके दास, एसीएस वित्त टीवीएसएन प्रसाद, एसीएस कृषि विभाग सुमिता मिश्रा सहित कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। एसीएस सिंचाई देवेंद्र सिंह, आयुक्त एवं सचिव पशुपालन विभाग पंकज अग्रवाल, एमडी डेरी विकास विभाग ए श्रीनिवास सहित कई कृषि विशेषज्ञ ऑनलाईन जुडे़।