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Punjab: राजौरी में खन्ना के अग्निवीर अजय सिंह ने दिया बलिदान, फरवरी में आना था छुट्टी.. गम में डूबा परिवार

Fri, 19 Jan 2024 04:08 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, खन्ना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 19 Jan 2024 04:08 PM IST
सार

23 साल के अजय सिंह फरवरी 2022 में फौज में अग्निवीर भर्ती हुए थे। राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया था जिसकी चपेट में अजय सिंह आ गए थे। उनके घर में बुजुर्ग माता-पिता और 6 बहनें हैं। 4 की शादी हो गई है। 2 बहनें अभी भी कुंवारी हैं। 

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Agniveer Ajay Singh resident of Khanna martyred in Jammu and Kashmir
भाई की तस्वीर गले से लगाकर रोती बहन - फोटो : संवाद

विस्तार

खन्ना के नजदीकी गांव रामगढ़ सरदार के रहने वाले अग्निवीर अजय सिंह (23) जम्मू-कश्मीर में शहीद हो गए। गुरुवार को राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में बारूदी सुरंग में विस्फोट हो गया था जिसकी चपेट में अजय सिंह आ गए थे। शाम को उनका पार्थिव शरीर पंजाब पहुंचेगा। शनिवार को उनके पैतृक गांव रामगढ़ सरदारां में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
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लुधियाना के पायल की एसडीएम पूनमप्रीत कौर परिवार से मिलने पहुंची और उन्होंने अग्निवीर की मां को गले लगाया। अंतिम संस्कार के लिए भी प्रशासन ने अपने स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। गांव के लोग भी शहीद को श्रद्धांजलि देने के लिए अपने स्तर पर तैयारी कर रहे हैं।
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मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अजय सिंह के शहीद होने पर दुख प्रकट किया है। मान ने कहा कि इस मुसीबत की घड़ी में सरकार परिवार के साथ है। सरकार की नीति के अनुसार परिवार को पूरी वित्तीय मदद दी जाएगी।
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छह बेटियों के बाद पैदा हुआ था बेटा 
शहीद अजय सिंह के पिता चरणजीत सिंह ने बताया कि छह बेटियों के बाद उन्होंने बेटा पाया था। वे खुद मजदूरी करते थे। कड़ी मेहनत करके बेटे का पालन पोषण किया। पत्नी भी काम करती थी। बेटियां भी प्राइवेट नौकरी करती थीं। बेटा खुद कभी पेंट करने जाता था तो कभी राजमिस्त्री के साथ दिहाड़ी पर जाता था।

12वीं पास करने के बाद फरवरी 2022 में बेटा भर्ती हुआ। अब आस थी कि बेटा परिवार का सहारा बन गया है, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि ऐसे बेटा शहीद हो जाएगा। शहादत पर गर्व है, लेकिन बेटे का दुख कभी नहीं भूला जा सकता।

फरवरी में आना था छुट्टी
शहीद अजय ने अगस्त 2023 में परिवार के साथ बर्थडे मनाया था। इस दौरान सेना की वर्दी पहन उन्होंने सैल्यूट भी मारा था। वह अगले महीने यानी फरवरी में घर छुट्टी आने वाले थे।

अग्निवीर भर्ती पर उठाए सवाल
पिता चरणजीत सिंह ने अग्निवीर भर्ती पर सवाल उठाए। शहीद के पिता ने कहा कि 4 साल के लिए भर्ती किया जाता है। कोई पेंशन और कोई लाभ नहीं है। आज उनका बेटा शहीद हुआ है। बाकी भी जवान देश के बेटे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार को अग्निवीरों को पहले की तरह सभी सुविधाएं देनी चाहिए। उन्होंने पंजाब सरकार से मुआवजे के साथ साथ एक बेटी को नौकरी की मांग की है।


ऐसे हुआ हादसा
गुरुवार को सुबह करीब साढ़े दस बजे सेना की एक टीम नौशहरा सेक्टर के कलाल इलाके में पोखरा चौकी के पास गश्त कर रही थी। इस दौरान बारूदी सुरंग में जोरदार धमाका हुआ। मौके पर मौजूद 3 जवान चपेट में आ गए। तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें अस्पताल में ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान अजय सिंह ने दम तोड़ दिया। बाकी दो जवान सूबेदार धरमिदंर और बलवंत सिंह का इलाज चल रहा है 

 
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