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अब एजेंटों के हवाले होगा डीटीओ आफिस
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Thu, 17 Apr 2014 08:24 AM IST
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जिला परिवाहन विभाग (डीटीओ) ने दलालों से राहत पाने के लिए उनका नाम बदलने का फैसला किया है। परिवहन विभाग ने दफ्तर में कामकाज देखने के लिए मान्यता प्राप्त एजेंटों की भर्ती डीसी रेट पर करने का फैसला किया है।
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हालांकि विभाग के अधिकारी डीटीओ परमजीत सिंह इस कदम को लोगों के लिए राहत भरा बता रहे हैं। हैरानी तो यह है कि पहले भी डीटीओ आफिस का सारा काम एजेंटों के ही हवाले है।
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आफिस में मौजूदा सरकार कर्मचारियों ने अपनी सीटों पर दलालों को बिठा रखा है। यह बात नहीं है कि दलालों की दादागिरी के बारे में विभाग को पता नहीं है, पता होने के बावजूद विभाग उन्हें तो हटाने में कामयाब नहीं हो सका है लेकिन अब उन्हें अधिकारिक मान्यता देने की तैयारी जरूर हो चुकी है।
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पत्रकारों के साथ बातचीत में डीटीओ परमजीत सिंह ने कहा है कि जिला परिवाहन दफ्तर में अब मान्यता प्राप्त एजेंटों की नियुक्ति की जाएगी। यह फैसला कर्मचारियों की कमी के कारण लोगों को आ रही मुश्किलों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
उन्होंने कहा कि जब से सरकार ने उपमंडलों से वाहनों की रजिस्ट्रेशन का काम जिला परिवाहन को सौंप दिया है, उस समय से आफिस में कर्मचारियों की कमी खलने लगी है।
वर्क लोड बढ़ चुका है। इसी कारण अब विभाग ने आधा दर्जन के करीब एजेंट नियुक्त करने का फैसला किया है। पत्रकारों की तरफ से पूछे जाने पर की क्या एजेंट रखने की नियमों मुताबिक मंजूरी मिल सकती है तो उन्होंने कहा कि अगर राज्य में मान्यता प्राप्त ट्रैवल एजेंट काम कर सकते हैं तो फिर डीटीओ आफिस में मान्यता प्राप्त एजेंट क्यों नहीं नियुक्त हो सकते।
उन्होंने डीलरों को हिदायत दी है कि उनके पास वाहन की रजिस्ट्रेशन के आने वाले आवेदनों पर महज तीन दिनों में पूरी प्रक्रिया करते हुए आवेदक को रजिस्ट्रेशन कापी मिलनी चाहिए।
अगर कोई भी आवेदक शिकायत करता है तो उस वाहन डीलर के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ, उसे प्रति दिन 20 रुपए जुर्माना किया जाएगा।