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Chandigarh News: लोकसभा चुनावों में मिले झटके बाद अब पीपीपी और प्रॉपर्टी आईडी ठीक कराने को समाधान शिविर लगाएगी सरकार
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-सरकार की समीक्षा में सामने आया लोकसभा चुनाव में दस मुद्दों से परेशान हुए लोगों की नाराजगी पड़ी भारी
-मुख्य सचिव कार्यालय में भी स्थापित किया गया है समाधान प्रकोष्ठ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों में पांच सीटों पर मिली हार के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लोगों को आ रही दिक्कतों को लेकर समीक्षा की है। समीक्षा में ऐसे दस मुद्दे सामने आए हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी और उनकी नाराजगी ही सरकार पर भारी पड़ी। इनमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और प्रॉपर्टी आईडी मुख्य हैं। इनके साथ ही रजिस्ट्री नहीं होना, स्थानीय निकायों से बकाया प्रमाण पत्र लेने में परेशानी, नगर पालिकाओं से नक्शा स्वीकृति नहीं होना, पेंशन और राशन कार्ड कटना, अपराध, बिजली और पानी की शिकायतें शामिल हैं। अब इन तमाम मुद्दों में सुधार को लेकर हरियाणा सरकार विशेष रूप से समाधान शिविर लगाने जा रही है। सोमवार से सुबह 9 से 11 बजे तक जिला स्तर और उपमंडल स्तर पर ये शिविर लगाए जाएंगे और मौके पर ही लोगों को काम नहीं होने का कारण और होने का समय बताया जाएगा। इसके लिए बाकायदा लोगों को पर्ची दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद इस कार्य की कमान प्रदेश के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने संभाली है। मुख्य सचिव ने सभी डीसी की वीसी के माध्यम से बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं। बाकायदा मुख्य सचिव कार्यालय में समाधान प्रकोष्ठ का स्थायी गठन किया गया है और आईएएस डॉ. प्रियंका सोनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। रोजाना जिलों से कितनी शिकायतें आईं और कितनी शिकायतों का समाधान किया गया, इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास भेजनी होगी।
पुलिस अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
समाधान शिविरों में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), अतिरिक्त उपायुक्त, जिला नगर आयुक्त, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), (मुख्यालय) और एसडीओ (सिविल) और पुलिस उप अधीक्षक और जिले के उपमंडलों के अन्य अधिकारी प्रतिदिन उपायुक्त और एसडीएम कार्यालय में एक साथ बैठेंगे और जनता की शिकायतों का समाधान करेंगे। इसके अलावा, संबंधित उपायुक्त आवश्यकतानुसार किसी अन्य अधिकारी की भी ड्यूटी लगा सकते हैं।
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विभागों में समन्वय नहीं, हर सप्ताह बैठकें करेंगे मुख्य सचिव
समीक्षा में ये भी सामने आया कि लोगों की दिक्कतें इसलिए दूर नहीं हो रही हैं, क्योंकि विभागों में आपसी तालमेल ठीक नहीं है। इसलिए मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद पॉलिसी से संबंधित दिक्कत होगी तो उसको दूर करने के लिए वह खुद प्रशासनिक सचिवों के साथ हर सप्ताह बैठकें करेंगे। वहीं, सभी डीसी दैनिक रिपोर्ट मंडल आयुक्तों को प्रस्तुत करेंगे, जिसमें सभी उप-मंडलों से संबंधित अनुरोध शामिल होंगे। इसमें प्राप्त शिकायतों की संख्या, शिकायतों का समाधान, लंबित शिकायतों की संख्या और कारणों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
ऑनलाइन ही होगा सुधार, ऑफलाइन नहीं : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने साफ कर दिया है कि सरकार किसी ऑनलाइन सेवा को बदलने नहीं जा रही है। पीपीपी और प्रॉपर्टी आईडी में सुधार को लेकर भी ऑनलाइन प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी, इसमें ऑफलाइन का विकल्प नहीं है। क्योंकि ऑफलाइन करने के बाद फिर से इसे ऑनलाइन ही किया जाएगा। जहां भी खरका संबंधित या आय संबंधित कोई दिक्कत है तो इनका मिलान करके इसे ठीक किया जाएगा।
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-मुख्य सचिव कार्यालय में भी स्थापित किया गया है समाधान प्रकोष्ठ
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। लोकसभा चुनावों में पांच सीटों पर मिली हार के बाद हरियाणा सरकार ने प्रदेश के लोगों को आ रही दिक्कतों को लेकर समीक्षा की है। समीक्षा में ऐसे दस मुद्दे सामने आए हैं, जिसके चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी और उनकी नाराजगी ही सरकार पर भारी पड़ी। इनमें परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और प्रॉपर्टी आईडी मुख्य हैं। इनके साथ ही रजिस्ट्री नहीं होना, स्थानीय निकायों से बकाया प्रमाण पत्र लेने में परेशानी, नगर पालिकाओं से नक्शा स्वीकृति नहीं होना, पेंशन और राशन कार्ड कटना, अपराध, बिजली और पानी की शिकायतें शामिल हैं। अब इन तमाम मुद्दों में सुधार को लेकर हरियाणा सरकार विशेष रूप से समाधान शिविर लगाने जा रही है। सोमवार से सुबह 9 से 11 बजे तक जिला स्तर और उपमंडल स्तर पर ये शिविर लगाए जाएंगे और मौके पर ही लोगों को काम नहीं होने का कारण और होने का समय बताया जाएगा। इसके लिए बाकायदा लोगों को पर्ची दी जाएगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशों के बाद इस कार्य की कमान प्रदेश के मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने संभाली है। मुख्य सचिव ने सभी डीसी की वीसी के माध्यम से बैठक कर सख्त निर्देश दिए हैं। बाकायदा मुख्य सचिव कार्यालय में समाधान प्रकोष्ठ का स्थायी गठन किया गया है और आईएएस डॉ. प्रियंका सोनी को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। रोजाना जिलों से कितनी शिकायतें आईं और कितनी शिकायतों का समाधान किया गया, इसकी पूरी रिपोर्ट मुख्य सचिव के पास भेजनी होगी।
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पुलिस अधिकारी भी रहेंगे मौजूद
समाधान शिविरों में उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), अतिरिक्त उपायुक्त, जिला नगर आयुक्त, उपमंडल अधिकारी (नागरिक), (मुख्यालय) और एसडीओ (सिविल) और पुलिस उप अधीक्षक और जिले के उपमंडलों के अन्य अधिकारी प्रतिदिन उपायुक्त और एसडीएम कार्यालय में एक साथ बैठेंगे और जनता की शिकायतों का समाधान करेंगे। इसके अलावा, संबंधित उपायुक्त आवश्यकतानुसार किसी अन्य अधिकारी की भी ड्यूटी लगा सकते हैं।
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विभागों में समन्वय नहीं, हर सप्ताह बैठकें करेंगे मुख्य सचिव
समीक्षा में ये भी सामने आया कि लोगों की दिक्कतें इसलिए दूर नहीं हो रही हैं, क्योंकि विभागों में आपसी तालमेल ठीक नहीं है। इसलिए मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद पॉलिसी से संबंधित दिक्कत होगी तो उसको दूर करने के लिए वह खुद प्रशासनिक सचिवों के साथ हर सप्ताह बैठकें करेंगे। वहीं, सभी डीसी दैनिक रिपोर्ट मंडल आयुक्तों को प्रस्तुत करेंगे, जिसमें सभी उप-मंडलों से संबंधित अनुरोध शामिल होंगे। इसमें प्राप्त शिकायतों की संख्या, शिकायतों का समाधान, लंबित शिकायतों की संख्या और कारणों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
ऑनलाइन ही होगा सुधार, ऑफलाइन नहीं : मुख्य सचिव
मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने साफ कर दिया है कि सरकार किसी ऑनलाइन सेवा को बदलने नहीं जा रही है। पीपीपी और प्रॉपर्टी आईडी में सुधार को लेकर भी ऑनलाइन प्रक्रिया ही अपनाई जाएगी, इसमें ऑफलाइन का विकल्प नहीं है। क्योंकि ऑफलाइन करने के बाद फिर से इसे ऑनलाइन ही किया जाएगा। जहां भी खरका संबंधित या आय संबंधित कोई दिक्कत है तो इनका मिलान करके इसे ठीक किया जाएगा।