फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   After the Carmel accident, the administration reached to see the dead heritage tree in the Vatika school

जागा प्रशासन: कार्मल स्कूल हादसे के बाद वाटिका स्कूल में मृत हेरिटेज पेड़ को देखने पहुंचे अधिकारी

Sun, 10 Jul 2022 02:18 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: पंचकुला ब्‍यूरो Updated Sun, 10 Jul 2022 02:18 AM IST
सार

अमर उजाला ने दिसंबर 2019 में जब मूक-बधिर बच्चों की जिंदगी के लिए खतरा बने सूखे हेरिटेज पेड़ का मुद्दा उठाया था तो उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पेड़ के एक हिस्से की टहनियां काटकर कहा था कि यह हरा हो जाएगा, इसका इलाज किया जाएगा।

विज्ञापन
After the Carmel accident, the administration reached to see the dead heritage tree in the Vatika school
कार्मल कान्वेंट स्कूल में गिरा पेड़। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

चंडीगढ़ कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसे के बाद शनिवार को प्रशासनिक अधिकारी सेक्टर-19 स्थित वाटिका स्कूल में मृत हेरिटेज आम के पेड़ को देखने पहुंचे। अधिकारियों की टीम ने स्कूल प्रिसिंपल को फोन कर जानकारी दी कि यह पेड़ पूरी तरह मृत है, जिंदा नहीं हो सकता है। यही बात प्रिंसिपल पिछले तीन साल से प्रशासनिक अधिकारियों को पत्र लिखकर बता रही हैं। उन्होंने पत्र में लिखा है कि उनके स्कूल में मूक-बधिर बच्चे हैं। हेरिटेज पेड़ मृत है। यह बहुत विशाल है, कभी भी हादसा हो सकता है।

विज्ञापन


अमर उजाला ने दिसंबर 2019 में जब मूक-बधिर बच्चों की जिंदगी के लिए खतरा बने सूखे हेरिटेज पेड़ का मुद्दा उठाया था तो उस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने पेड़ के एक हिस्से की टहनियां काटकर कहा था कि यह हरा हो जाएगा, इसका इलाज किया जाएगा। इस दौरान जड़ों में दीमक की दवाइयां लगाने के साथ जहां से टहनियां काटी गई थीं, उनके सिरों पर भी दवाई लगाई थी लेकिन इसके बाद पेड़ की सुध ही नहीं ली। बस नाम का हेरिटेज का बोर्ड लगा रहा। पिछले दो साल में पेड़ पूरी तरह मृत हो गया। जड़ों को दीमक खा चुके हैं। अब प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यह पेड़ मृत है, इसे हटाया जाएगा।

विज्ञापन

हादसे के बाद जागा प्रशासन

प्रशासन को कई बार मृत हेरिटेज पेड़ को लेकर शिकायतें की गई थीं, लेकिन एक बार प्रूनिंग और दवाई लगाई गई। इसके बाद पेड़ को उसके हालात पर छोड़ दिया गया। स्कूल ने पेड़ को हटाने की मांग की थी, क्योंकि स्कूल में मूक-बधिर बच्चे पढ़ते हैं, उन्हें खतरा हो सकता है। अब कार्मल कॉन्वेंट में हादसे के बाद आंखें खुली हैं। -नीलम दत्ता, प्राचार्य, वाटिका स्कूल
विज्ञापन
विज्ञापन


सभी स्कूलों का कर रहे सर्वे

कमेटी सभी स्कूलों का सर्वे कर रही है। मैं खुद कुछ स्थानों पर गया था। वाटिका स्कूल में भी पेड़ को देखा। पेड़ का ज्यादातर हिस्सा सूखा हुआ है, लेकिन कुछ हरा भी है। उसे विभाग कटवा देगा। - सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर, यूटी प्रशासन

जागे अफसर : सूखे पेड़ों की पहचान के लिए दिनभर भागदौड़

कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसे के बाद यूटी प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुल गई है। आनन-फानन में शनिवार को छुट्टी वाले दिन प्रशासन, नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी शहर के कई हिस्सों में सूखे पेड़ों की पहचान करते दिखे।

विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में पेड़ गिरने की कोई घटना न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए शहर भर में सूखे व मृत पेड़ों की पहचान की गई। बताया कि एक बार सर्वे पूरा होने के बाद इन पेड़ों को हटाने का काम किया जाएगा। जो पेड़ लोगों के लिए ज्यादा खतरनाक होंगे, उसे प्राथमिकता के आधार पर हटाया जाएगा। शनिवार को प्रशासन के चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने भी कई सेक्टरों का दौरा किया।

बागवानी, वन और प्रशासन के अधिकारियों की जिम्मेदारी, दर्ज हो एफआईआर : मेहताब सिंह गिल

कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में हादसे पर सेवानिवृत्त जज व पंजाब के चीफ विजिलेंस कमिश्नर मेहताब सिंह गिल ने यूटी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में प्रशासन की लापरवाही है, इसलिए एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। 

शनिवार को मेहताब गिल का एक वीडियो काफी वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने हादसे के लिए यूटी प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। वीडियो में कहा है कि स्कूल से 25 गज दूर उनका घर है, उनके घर के सामने करीब 300 साल पुराना एक पीपल का हेरिटेज पेड़ है। इसकी छंटाई के लिए उन्होंने छह महीने पहले हॉर्टिकल्चर विभाग के अधिकारियों से अपील की थी, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। 

उन्होंने कहा कि अभी स्कूल का ये पेड़ गिरा है, जबकि कुछ साल पहले पेड़ का एक हिस्सा टूटकर सड़क की तरफ गिर गया था, तब भी किसी ने ध्यान नहीं दिया। आरोप लगाया कि पूरे मामले में हॉर्टिकल्चर और वन विभाग की लापरवाही है और उनकी जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने कहा कि उनके घर के सामने वाले पेड़ की टहनियां जमीन पर लग रही हैं, लेकिन मेरी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्रशासन मामले में कितना गंभीर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed