CTU: गाड़ियां बेच कर्मियों को एरियर देंगे अफसर
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सीटीयू के कर्मचारियों के एरियर का भुगतान करने के लिए प्रशासन के अफसरों को अपनी सरकारी गाड़ियां बेचनी होंगी। सेशन कोर्ट के एक फैसले के मुताबिक, एडवाइजर, होम सेक्रेटरी, ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट और जनरल मैनेजर सीटीयू की सरकारी गाड़ियां अटैच की जाएंगी।
इन गाड़ियों की नीलामी 16 फरवरी को होगी। गाड़ियों की नीलामी से जो राशि जमा होगी, उससे कर्मचारियों के एरियर का भुगतान होगा। नीलामी के बाद भी राशि कम पड़ी तो अफसरों की प्रॉपर्टी भी अटैच हो सकती है। सेशन कोर्ट ने ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी, डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट, दो अकाउंट ऑफिसर और एक डीलिंग क्लर्क की सैलरी भी अटैच कर दी है।
ऐसे होगी कार्रवाई
-19 जनवरी को सभी विभागों को नोटिस
-30 जनवरी तक इन अफसरों की गाड़ियां कोर्ट में पेश करनी होंगी
-16 फरवरी को गाड़ियों की ऑक्शन होगी
-27 फरवरी को ऑक्शन की पूरी रिपोर्ट कोर्ट को देनी होगी।
अफसरों की गाड़ियां और सैलरी अटैच करने का फैसला
सीटीयू के कई कर्मचारियों को जनवरी, 2006 से जून, 2009 तक एरियर का भुगतान नहीं हुआ। तीन साल का एरियर लगभग 12 करोड़ रुपये बनता है। सीटीयू कंडक्टर यूनियन ने 2009 में लेबर कोर्ट में केस फाइल किया।
लेबर कोर्ट ने यूनियन के पक्ष में फैसला सुनाया। फैसले के खिलाफ प्रशासन ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट की सिंगल और डबल दोनों बेंच ने प्रशासन की अपील ठुकरा दी। मामला सेशन कोर्ट में चला गया, जहां 15 दिसंबर को प्रशासन और सीटीयू के अफसरों की गाड़ियां और सैलरी अटैच करने का फैसला सुनाया गया।
ये हैं गाड़ियों के नंबर
एडवाइजर---------------सीएच01जी-0001
होम सेक्र्रेटरी------------सीएच01जी-0005
ट्रांसपोर्ट सेक्रेटरी---------सीएच01जी-0004
डायरेक्टर ट्रांसपोर्ट--------सीएच01जी-0335
जीएम सीटीयू------------सीएच01जी-0006
सतिंदर सिंह, जनरल सेक्रेटरी सीटीयू कंडक्टर यूनियन ने बताया कि एरियर के बकाए के लिए हम वर्षों से कानूनी लड़ाई लड़ रहे थे। लेबर कोर्ट ने हमारे हक में फैसला सुनाया था, जिसके आधार पर सेशन कोर्ट ने अब अफसरों की गाड़ियां अटैच करने के ऑर्डर दिए हैं।
टीपीएस फुलका, डायरेक्टर सीटीयू के मुताबिक ये कोर्ट का फैसला है। मैं इस पर ज्यादा कुछ नहीं बोल सकता। हम कोर्ट से रिक्वेस्ट करेंगे।