यूटी मास्टर प्लान के बाद अब ट्राइसिटी प्लान
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सलाहकार समिति की बैठक में चंडीगढ़ के ड्राफ्ट मास्टर प्लान के अलावा कई नए सुझाव भी आए और इन पर चर्चा हुई। बैठक में तय हुआ कि मास्टर प्लान को फाइनल करने से पहले पड़ोसी राज्यों से सलाह ली जाएगी और चंडीगढ़ के आसपास के शहरों में बुनियादी ढांचे का प्रावधान करने को कहा जाएगा। इसके लिए ट्राइसिटी प्लान बनाया जाएगा।
इससे पहले अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रशासक शिवराज पाटिल ने कहा कि शहर में शिक्षा और स्वास्थ्य की जरूरतों को पूरा करने के साथ साथ पंजाब और हरियाणा सरकारों और न्यायिक गतिविधियों की भविष्य की जरूरतों का मास्टर प्लान में पूरा ध्यान रखा जाएगा। इसके साथ ही उद्योगों का भी ध्यान रखा जाएगा। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने मास्टर प्लान पर कई बार एक्सटेंशन दी है। ऐसे में मास्टर प्लान को जल्द फाइनल करना जरूरी है।
लावारिस कुत्तों के आतंक से लेकर नशे का मुद्दा
पाटिल के संबोधन के बाद प्रशासक के सलाहकार केके शर्मा ने मास्टर प्लान पर प्रेजेंटेशन दी। बैठक में 20 सदस्यों को बोलने का मौका मिला। अधिकतर ने मास्टर प्लान पर राय देने के साथ कई और मुद्दे भी उठाए।
बैठक में फासवेक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू और सीपीआई के सचिव देवी दयाल ने लावारिस कुत्तों के आतंक का मामला उठाया। देवी दयाल ने शहर में बढ़ते नशे के धंधे को रोकने के लिए भी उचित कदम उठाने की बात कही। साथ ही कुछ सदस्यों ने सीएचबी के मकानों में नीड बेस्ड चेंजेस को नियमित करने का मुद्दा भी उठाया।
बैठक में यह मांगे उठीं
-इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 और 2 में ऑटो मार्केट बनानी चाहिए।
- इंडस्ट्रियल एरिया और आईटी पार्क का सर्वे हो ताकि मौजूदा प्लाटों के यूटीलाइजेशन पर फैसला हो सके।
- अपार्टमेंट ओनरशिप एक्ट को दोबारा से लागू नहीं किया जाना चाहिए।
- सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए उचित जगह का प्रावधान करना चाहिए।