ओह! मौत के बाद भी मासूम को नसीब नहीं हो रही कब्र
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के पटियाला के गांव अबलोवाल में बीते दिनों हाइटेंशन तार की चपेट में आई 12 साल की सानिया को मौत के बाद कब्र भी नसीब नहीं हो रही है।
सानिया इस हादसे में बुरी तरह से झुलस गई थी, जिसकी उपचार के दौरान सोमवार को पीजीआई, चंडीगढ़ में मौत हो गई। सूचना मिलते ही परिजनों ने शव को दफनाने के लिए गांव में कब्र खोद ली, लेकिन पीजीआई ने बॉडी वारिसों के हवाले नहीं की।
गांव अबलोवाल के जिस एरिया में यह हादसा हुआ, वहां के पार्षद गुरविंदर धीमान ने माना कि परिवार वालों ने सानिया के लिए गांव के कब्रिस्तान में कब्र भी खोद दी है, लेकिन बॉडी न मिलने से दिक्कत हुई है। कल वह खुद जाकर मामले को सुलझाएंगे। हाईटेंशन तार की चपेट में सात लोग आ गए थे।
सात लोग हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए थे
अबलोवाल में 10 अप्रैल को सानिया (12) और उसके पिता गुलाम सबीर खान समेत कुल सात लोग उस समय हाइटेंशन तार की चपेट में आ गए थे, जब गुलाम सबीर खान के नए घर में बिजली का मीटर लग रहा था। इस हादसे में सभी लोग बुरी तरह से झुलस गए थे।
सभी को राजिंदरा अस्पताल लाया गया। जहां से सानिया और उसके पिता को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया था। जांच अधिकारी सिविल लाइन थाने के एएसआई मनजीत सिंह ने बताया कि परिवार वाले सानिया को चंडीगढ़ के सेक्टर 32 अस्पताल में ले गए थे। वहां से 13 अप्रैल को सानिया को पीजीआई चंडीगढ़ ले जाया गया था। जहां सोमवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
क्या है नियम
पीजीआई का नियम है कि बिना एमएलआर के वहां के डॉक्टर पोस्टमार्टम नहीं करते हैं। 32 अस्पताल से पीजीआई ले जाते समय सानिया के परिवार वालों ने एमएलआर नहीं ली थी। इसलिए पीजीआई के डॉक्टर सानिया की बॉडी उसके परिवार वालों को नहीं दे रहे हैं।