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40 साल बाद 200 परिवारों को न्याय की आस जगी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 07 Jul 2014 11:21 PM IST
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के हस्तक्षेप के बाद 40 सालों से प्लॉट की राह जोह रहे बरनाला और मुक्तसर जिलों के 200 एससी ग्रामीणों को प्लॉट मिलने की उम्मीद बंध गई है।
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दोनों जिलों के उपायुक्तों ने हाईकोर्ट में दायर जवाब में कहा है कि प्लॉट देने के प्रयास किए जा रहे हैं। बठिंडा जिले के दलजीत सिंह लोरी महमा ने एडवोकेट एचसी अरोड़ा के जरिए याचिका दायर की थी।
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इसमें कहा था कि क्षेत्र में एससी को 40 साल पहले प्लॉट आवंटित हुए थे, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं दिया गया, अलॉटमेंट कागजों तक ही सीमित रहा।
इस याचिका पर चीफ जस्टिस संजय किसन कौल की अगुवाई वाली डिवीजन बेंच ने मुक्तसर और बरनाला जिलों के उपायुक्तों को एससी परिवारों को पांच-पांच मरला के प्लॉट का आवंटन सुनिश्चित बनाने के लिए कहा था, जो 1974 में अलॉट हुए थे।
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हाईकोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा था कि अलॉटमेंट सर्टिफिकेट 40 साल पहले जारी हो चुके, तो कब्जा क्यों नहीं दिया गया। अब मुक्तसर के उपायुक्त जसकिरण सिंह ने हलफनामे में कहा कि महुआना गांव के 40 लाभार्थियों को अलॉट किए गए प्लॉट निचाई पर थे और उनके लिए कोई रास्ता नहीं था।
उपायुक्त ने कहा है कि गांव की पंचायत और ब्लॉक डेवलपमेंट अफसर पंचायत की जमीन के साथ इन प्लॉटों की जमीन की अदला-बदली कर रहे हैं, ताकि लाभार्थियों को प्लॉट आवंटित किए जा सकें।
उधर, उपायुक्त बरनाला गुरलवलीन सिंह सिद्धू ने कहा है कि कालेके गांव में 162 लाभार्थियों को प्लॉट आवंटित किए गए थे, लेकिन इस स्थान पर मंडी बन गई। अब ब्लॉक डेवलपमेंट अफसर लाभार्थियों को वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। इस मामले की सुनवाई 24 जुलाई को होगी।