संकट: पंजाब व चंडीगढ़ में पढ़ रहे अफगान छात्र अपने वतन में फंसे, बोले- खतरे में है जिंदगी, लौटेंगे या नहीं... कुछ पता नहीं
अफगानिस्तान में बिगड़े हालत और तालिबान की सत्ता को लेकर वहां के नागरिक काफी चिंचित हैं। चंडीगढ़ और पंजाब में पढ़ने वाले कई अफगानी छात्र अब अपने भविष्य को लेकर काफी परेशान हैं। उनका कहना है कि पता नहीं अब तालिबान उन्हें पढ़ाई पूरी करने के लिए भारत भेजेगा या नहीं। साथ ही भारत सरकार का अब क्या रुख होगा, यह भी नहीं पता।
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अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद भारत में पढ़ने वाले हजारों विद्यार्थियों का भविष्य अब अधर में है। पंजाब और चंडीगढ़ के शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले 200 से अधिक अफगानी छात्र कुछ समय पहले अपने वतन गए थे और अब वहीं पर फंस गए हैं। फ्लाइट और वीजा न मिलने के कारण वह भारत नहीं आ पा रहे। वहां पर उनकी जान को खतरा है। साथ ही उन्हें भविष्य की भी चिंता सता रही है।
उनका कहना है कि पता नहीं अब तालिबान उन्हें पढ़ाई पूरी करने के लिए भारत भेजेगा या नहीं। साथ ही भारत सरकार का अब क्या रुख होगा, यह भी नहीं पता। हालांकि उन्होंने भारत सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें तत्काल अफगानिस्तान से भारत लाया जाए ताकि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सकें। फोन पर बातचीत में अफगानी छात्रों ने अपना दर्द बयां किया।
सपने चकनाचूर हो रहे, भारत से उम्मीदें बहुत
अफगानिस्तान के हालात अचानक बदल चुके हैं। इसे लेकर हम चिंतित हैं। मैं मोहाली के ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं। कुछ ही समय पहले अपने वतन आया था। सोमवार को वापसी की फ्लाइट थी, जो अब रद्द हो गई है। अब भारत कैसे आऊंगा, पता नहीं। मेरा भविष्य का क्या होगा, यह भी पता नहीं। ऐसा लग रहा है सारे सपने चकनाचूर हो गए हैं। अब भारत से ही उम्मीद है कि वह फ्लाइट की व्यवस्था करके छात्रों को बुलाएगा। परिवार में बहनें हैं, उनकी भी चिंता है। - नासिर खान, एमबीए छात्र
यहां हालात ठीक नहीं, पढ़ाई के लिए आना चाहते
मोहाली के एक शिक्षण संस्थान से एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं। दो माह पहले ही अफगानिस्तान स्थित अपने घर आया था लेकिन अब अचानक यहां के हालात खराब हो गए हैं। भारत जाने वाली फ्लाइटें भी बंद हो गई हैं। अपने साथ पूरे परिवार की चिंता सता रही है। लगातार तनाव बढ़ रहा है। यहां कब क्या होगा, कुछ पता नहीं। आगे की पढ़ाई कैसे होगी, इसका भी कुछ पता नहीं। कॉलेज की ओर से परीक्षा कराई जा रही है, जो फिलहाल ऑनलाइन ही दे रहा हूं लेकिन बिजली व इंटरनेट की दिक्कतें खड़ी हो रही हैं। - मिरानी पाचा
तालिबान भारत में पढ़ने वाले युवाओं को शायद ही पसंद करे
दोआबा ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से एमबीए की पढ़ाई कर रहा हूं। कुछ समय पहले ही भारत से अपने घर आया था। अब यहां फिर से तालिबान का कब्जा हो गया है। ऐसे में आगे की पढ़ाई को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई है। तालिबान शायद ही चाहे कि यहां के युवा भारत में जाकर पढ़ाई करें। ऐसे में भविष्य का क्या होगा, पता नहीं। हम डरे हुए हैं। जिंदगी खतरे में है। पिता सेना में रहे हैं। ऐसे में हमारी इच्छा है कि परिवार सहित भारत आ जाएं लेकिन रास्ता नहीं मिल रहा। भारत सरकार हमारी मदद करे। - हसीब
फ्लाइट रद्द हो गई, यहां फंस गया
लांडरा के एक कॉलेज से पढ़ाई कर रहा हूं। स्नातक की पढ़ाई पूरी हो गई है। अब परास्नातक में दाखिला लेना है लेकिन यहां से निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है। फ्लाइट्स रद्द हो गई हैं। कोई दूसरा माध्यम यहां से निकलने का नहीं है। बड़े अरमान लेकर भारत पढ़ाई के लिए आया था लेकिन लगता नहीं कि पूरे होंगे। यहां जो हालात बन गए हैं, उसमें जान की भी चिंता सता रही है। साथ ही भविष्य क्या होगा, यह भी नहीं जानते। अब तो भारत सरकार से ही उम्मीदें हैं। - राशिद
पीयू छात्रों के संपर्क में, धैर्य रखने की अपील
पीयू में 150 से अधिक अफगानी विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अफगानिस्तान के हालात देखकर चिंतित होना लाजमी है। पीयू की ओर से अफगानी छात्रों को धैर्य बनाए रखने के लिए कहा गया है। अधिकारी फोन के जरिए यहां रह रहे अफगानी छात्रों से बात कर रहे हैं। उधर, अफगानी छात्रों का कहना है कि डिग्री या अन्य प्रमाणपत्र ऑनलाइन कर दिए जाएं ताकि वह अपने देश से ही ऑनलाइन निकाल सकें। डीयूआई प्रो. वीआर सिन्हा ने डीएसडब्ल्यू प्रो. एसके तोमर से कहा है कि वह छात्रों की समस्याओं को सुनें और उनका समाधान करें।
अफगानी विद्यार्थियों की हरसंभव सहायता की जाएगी। इसके लिए मंथन चल रहा है। जल्द ही निर्णय ले लिया जाएगा। छात्रों को कोई परेशानी नहीं होने दी जाएगी। अफगानी छात्र मेरे संपर्क में हैं। -प्रो. अंजू सूरी, डीन इंटरनेशनल स्टूडेंट्स।