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टिकट लेने का हलफनामा ही प्रथमदृष्टया वैध यात्री साबित करने काे पर्याप्त : हाईकोर्ट

Wed, 20 Nov 2024 02:24 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2024 02:24 AM IST
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Affidavit of taking ticket is prima facie sufficient to prove a legitimate passenger: High Court
-दुर्घटना का शिकार वैध यात्री नहीं, यह साबित करना रेलवे की जिम्मेदारी
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-झटके के कारण रेल से गिरे व्यक्ति को 11 साल बाद मुआवजे का आदेश

अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया कि रेल दुर्घटना का शिकार हुए व्यक्ति का टिकट लेना का हलफनामा ही प्रथम दृृष्टया उसे वैध यात्री साबित करने के लिए काफी होता है। इसके बाद यह रेलवे की जिम्मेदारी बनती है कि वह क्लेम के दावेदार को अवैध यात्री साबित करे। हाईकोर्ट ने 2013 में झटके के कारण रेल से गिरने के कारण घायल हुए व्यक्ति को 11 साल बाद 4 लाख रुपये 9 प्रतिशत ब्याज के साथ सौंपने का रेलवे को आदेश दिया है।


जगाधरी निवासी जोगिंदर ठाकुर ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए रेलवे क्लेम ट्रिब्यूनल के उस आदेश को चुनौती दी थी जिसके तहत उसका मुआवजे का दावा खारिज कर दिया गया था। ट्रिब्यूनल ने याची को वैध यात्री नहीं माना था तथा ट्रेन के गेट पर मौजूद होने के चलते लापरवाह भी। याची झटके के कारण रेल से गिर गया था और उसका एक पैर काटना पड़ा था। याचिका पर फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ''रेलवे की कोई गलती नहीं'' या ''पीड़ित की लापरवाही'' यह दलील रेलवे प्रशासन नहीं दे सकता है। रेलवे घायल यात्री या रेलवे से जुड़ी किसी अप्रिय घटना में मारे गए यात्री के आश्रितों को भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। यात्री की परिभाषा में ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी, ऐसा व्यक्ति जिसने किसी भी तिथि को यात्रियों को ले जाने वाली ट्रेन से यात्रा करने के लिए वैध टिकट खरीदा है या वैध प्लेटफॉर्म टिकट है और किसी अप्रिय घटना का शिकार हो जाता है। याची ने दरभंगा से जगाधरी की यात्रा के लिए 23 सितंबर 2013 को जारी की गई यात्रा टिकट सौंपी है। चलती ट्रेन के डिब्बे के खुले दरवाजों पर खड़ा होना एक लापरवाही और यहां तक कि एक जल्दबाजी वाला काम भी हो सकता है, लेकिन यह निश्चित रूप से एक आपराधिक कृत्य नहीं है। ऐसे में हाईकोर्ट ने 4.00 लाख रुपये आवेदन की तिथि से 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज सहित सौंपने का रेलवे को आदेश दिया है।
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