{"_id":"5d36b6418ebc3e6ca435e5e5","slug":"affidavit-in-court-regarding-patna-sahib-and-akal-takht-sahib","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोर्ट में हलफनामा- ‘तख्त पटना साहिब सर्वोच्च, लागू नहीं होते अकाल तख्त साहिब के आदेश’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोर्ट में हलफनामा- ‘तख्त पटना साहिब सर्वोच्च, लागू नहीं होते अकाल तख्त साहिब के आदेश’
Tue, 23 Jul 2019 12:54 PM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 23 Jul 2019 12:54 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
तख्त श्री पटना साहिब प्रबंधक कमेटी के महासचिव मोहिंदर पल सिंह ढिल्लों ने अदालत में एक हलफनामा देकर कहा है कि तख्त पटना साहिब सर्वोच्च तख्त है। इस तख्त साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश लागू नहीं होते। तख्त श्री पटना साहिब के पूर्व जत्थेदार ज्ञानी इकबाल सिंह द्वारा अपनी बहाली के लिए पटना की अदालत में एक याचिका दायर की हुई है।
इस याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रबंधक कमेटी के महासचिव से ज्ञानी इकबाल सिंह को हटाए जाने के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने एक हलफनामा देकर कहा कि तख्त पटना साहिब पर अकाल तख्त का कोई भी निर्णय लागू नहीं होता है। न ही प्रबंधक कमेटी अकाल तख्त साहिब के निर्णय को मानने के लिए बाध्य है।
ढिल्लों ने ज्ञानी इकबाल सिंह का उस समय भी समर्थन किया था जब प्रबंधक कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश की पलना करते हुए उन्हें पदमुक्त किया था। यह दूसरी बार है जब तख्त पटना साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी हो।
विज्ञापन
वर्ष 2002 अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती व ज्ञानी इकबाल सिंह के बीच पैदा हुए विवाद में भी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी थी। बाद में ज्ञानी इकबाल सिंह ने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को स्वीकार कर लिया था।
ढिल्लों से मांगा है जवाब : ज्ञानी हरप्रीत सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मोहिंदर सिंह ढिल्लों को पत्र लिख कर 10 दिन के भीतर उत्तर देने के लिए कहा है। अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाले ढिल्लों के जवाब के बाद ही वे निर्णय करेंगे।
विज्ञापन
इस याचिका की सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रबंधक कमेटी के महासचिव से ज्ञानी इकबाल सिंह को हटाए जाने के बारे में पूछा। इस पर उन्होंने एक हलफनामा देकर कहा कि तख्त पटना साहिब पर अकाल तख्त का कोई भी निर्णय लागू नहीं होता है। न ही प्रबंधक कमेटी अकाल तख्त साहिब के निर्णय को मानने के लिए बाध्य है।
विज्ञापन
ढिल्लों ने ज्ञानी इकबाल सिंह का उस समय भी समर्थन किया था जब प्रबंधक कमेटी ने श्री अकाल तख्त साहिब के आदेश की पलना करते हुए उन्हें पदमुक्त किया था। यह दूसरी बार है जब तख्त पटना साहिब ने श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी हो।
विज्ञापन
वर्ष 2002 अकाल तख्त साहिब के तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह वेदांती व ज्ञानी इकबाल सिंह के बीच पैदा हुए विवाद में भी अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती दी थी। बाद में ज्ञानी इकबाल सिंह ने अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को स्वीकार कर लिया था।
ढिल्लों से मांगा है जवाब : ज्ञानी हरप्रीत सिंह
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि मोहिंदर सिंह ढिल्लों को पत्र लिख कर 10 दिन के भीतर उत्तर देने के लिए कहा है। अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने वाले ढिल्लों के जवाब के बाद ही वे निर्णय करेंगे।