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Chandigarh News: सील फैक्टरी से चंडीगढ़ पहुंच रहा था नकली दूध-पनीर, सेक्टर-31 में तड़के छापा

Sun, 27 Sep 2026 01:40 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2026 01:40 AM IST
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Adulterated milk and paneer were being supplied to Chandigarh from a clandestine unit; a raid was conducted in Sector-31 at the crack of dawn.
चंडीगढ़। डेराबस्सी में मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले दूध-पनीर की फैक्टरी सील होने और वहां से चंडीगढ़ भेजी जा रही संदिग्ध खेप पकड़े जाने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर में भी कार्रवाई तेज कर दी है। शनिवार तड़के खाद्य सुरक्षा टीम ने सेक्टर-31 सी की बूथ मार्केट स्थित मैसर्स अभिनव ट्रेडर पर सुबह 5:30 बजे छापा मारा। करीब ढाई घंटे चली जांच में टीम ने पनीर, दही और दूध समेत छह दुग्ध उत्पादों के सैंपल लिए। सभी सैंपल मान्यता प्राप्त खाद्य प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही उत्पादों में मिलावट या मानकों के उल्लंघन की पुष्टि होगी।
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इससे एक दिन पहले स्वास्थ्य विभाग ने डेराबस्सी के गांव सुंडरा स्थित पनीर फैक्टरी पर कार्रवाई की थी। विभाग ने पहले लिए गए सैंपल मानकों पर फेल पाए जाने के बाद फैक्टरी से करीब 1200 किलो पनीर और 1800 लीटर दूध नष्ट कराया और फैक्टरी सील कर दी। जांच में खाद्य पदार्थ तैयार करने वाली जगह पर गंदगी समेत कई खामियां मिली थीं।
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इससे तीन दिन पहले जीरकपुर में डेराबस्सी से चंडीगढ़ भेजी जा रही संदिग्ध पनीर और दूध की खेप भी पकड़ी गई थी। इसके सैंपल लिए गए और उत्पाद नष्ट कराए गए। डेराबस्सी की फैक्टरी में बड़ी मात्रा में सूखा पाउडर भी मिला था। विभाग के अनुसार, इसका इस्तेमाल पनीर तैयार करने में किए जाने की आशंका है। गंदे पानी के पास पनीर तैयार किया जा रहा था और फैक्टरी के बाहर कोई बोर्ड भी नहीं लगा था। फैक्टरी संचालक और वहां से सप्लाई लेने वाले प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत की जा रही है।
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पनीर का प्रकार और गुणवत्ता बताना जरूरी
खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य खाद्य कारोबारियों को निर्देश दिए हैं कि वे खाने में इस्तेमाल होने वाले पनीर का प्रकार और गुणवत्ता मेन्यू या परिसर में स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करें। बाजार में पारंपरिक पनीर के अलावा लो-फैट पनीर और डेयरी एनालॉग उत्पाद भी उपलब्ध हैं जो दिखने में पनीर जैसे हो सकते हैं लेकिन उनकी संरचना अलग होती है।

मिलावट की सूचना मिले तो यहां करें शिकायत
विभाग की टीमें दूध और दुग्ध उत्पादों की सप्लाई करने वाले प्रतिष्ठानों के अलावा होटल, रेस्तरां, ढाबों, फास्ट-फूड सेंटर और मिठाई की दुकानों पर भी औचक जांच करेंगी। उपभोक्ता खाद्य संबंधी शिकायतें एफएसएसएआई के फूड सेफ्टी कनेक्ट एप के जरिये दर्ज करा सकते हैं। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की हेल्पलाइन 0172-2782457 पर भी शिकायत की जा सकती है।
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