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Chandigarh News: बाइक टैक्सी सेवाएं बंद होने से रोजी-रोटी पर संकट, प्रशासन को चाबियां सौंपेंगे चालक
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चंडीगढ़। शहर में चारों ऐप आधारित बाइक टैक्सी सेवाएं बंद होने से परेशान चालकों ने अब अपनी बाइक की चाबियां प्रशासनिक अधिकारियों को सौंपने का फैसला लिया है। शनिवार को ऐप बेस्ड वर्कर्स यूनियन के प्रतिनिधियों ने बताया कि सेवाएं बंद होने से चालकों का कामकाज पूरी तरह ठप हो गया है। इसी के विरोध में बाइक टैक्सी चालकों ने शनिवार शाम इंडस्ट्रियल एरिया स्थित एलांते मॉल के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया और प्रशासन से समाधान की मांग की।
चालकों ने कहा कि आमदनी का कोई दूसरा साधन नहीं होने से परिवार के पालन-पोषण और बाइक की मासिक किस्तें चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। यूनियन के अनुसार अधिकांश चालकों ने बैंक या फाइनेंस कंपनियों से किस्तों पर बाइक खरीदी हैं। इसी बाइक से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाकर होने वाली कमाई से वे परिवार का गुजारा करते थे। अब रोजाना की कमाई बंद है, जबकि बाइक की किस्त, मकान का किराया, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च जारी हैं।
चालकों का कहना है कि वे काम करना चाहते हैं, लेकिन ऐप आधारित सेवाएं बंद होने से रोजगार का रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर बाइक टैक्सी सेवाओं के संचालन का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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किस्तें भरना बनी सबसे बड़ी चिंता
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि कई चालकों ने रोजगार के उद्देश्य से बाइक खरीदी थी। अब काम बंद होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट है। उनका सवाल है कि जब बाइक से कमाई का अवसर नहीं मिलेगा तो मासिक किस्तें कैसे भरी जाएंगी। चाबियां प्रशासन को सौंपने का फैसला इसी परेशानी को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए लिया गया है। यूनियन ने तत्काल हस्तक्षेप कर चालकों को दोबारा काम करने का अवसर देने की मांग की है।
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चालकों ने कहा कि आमदनी का कोई दूसरा साधन नहीं होने से परिवार के पालन-पोषण और बाइक की मासिक किस्तें चुकाने का संकट खड़ा हो गया है। यूनियन के अनुसार अधिकांश चालकों ने बैंक या फाइनेंस कंपनियों से किस्तों पर बाइक खरीदी हैं। इसी बाइक से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाकर होने वाली कमाई से वे परिवार का गुजारा करते थे। अब रोजाना की कमाई बंद है, जबकि बाइक की किस्त, मकान का किराया, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के खर्च जारी हैं।
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चालकों का कहना है कि वे काम करना चाहते हैं, लेकिन ऐप आधारित सेवाएं बंद होने से रोजगार का रास्ता नहीं बचा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द समाधान निकालकर बाइक टैक्सी सेवाओं के संचालन का रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की है।
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किस्तें भरना बनी सबसे बड़ी चिंता
यूनियन प्रतिनिधियों ने कहा कि कई चालकों ने रोजगार के उद्देश्य से बाइक खरीदी थी। अब काम बंद होने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट है। उनका सवाल है कि जब बाइक से कमाई का अवसर नहीं मिलेगा तो मासिक किस्तें कैसे भरी जाएंगी। चाबियां प्रशासन को सौंपने का फैसला इसी परेशानी को अधिकारियों तक पहुंचाने के लिए लिया गया है। यूनियन ने तत्काल हस्तक्षेप कर चालकों को दोबारा काम करने का अवसर देने की मांग की है।