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Chandigarh News: राजकीय माॅडल संस्कृति विद्यालयों में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में हो सकेगा दाखिला
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हसला ने जताया था विरोध, निदेशक से फोन पर ली अनुमति, पत्र जारी
चंडीगढ़। राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक और राजकीय माॅडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में अब अंग्रेजी माध्यम की बाध्यता नहीं रहेगी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी माध्यम की शर्त को हटा दिया है। अब अंग्रेजी व हिंदी दोनों माध्यमों वाले विद्यार्थियों का इन स्कूलों में दाखिला हो सकेगा।
वीरवार को हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधू की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल विभाग के सह निदेशक नीरज शर्मा से मिले। हसला ने मांग रखी कि माध्यम की शर्त को हटाया जाए, ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सके। बैठक में विभाग और हसला के बीच सहमति बन गई। बाद में अतिरिक्त निदेशक मनीषा शर्मा ने इस संंबंध में चुनाव आयोग की ड्यूटी पर निदेशक से फोन पर बात की और फोन पर ही निदेशक ने माध्यम हटाने की मंजूरी दे दी। इसके बाद दोपहर बाद विभाग ने नए सिरे से सभी डीईओ और डीईईओ को पत्र भी जारी कर दिया।
बता दें कि पहले 26 मार्च को विभाग ने पत्र जारी कर कहा था कि पहली, छठी, नौंवी और 11वीं में नए दाखिले केवल अंग्रेजी माध्यम से ही किए जाएंगे। अब केवल पहली कक्षा में अंग्रेजी माध्यम अनिवार्य होगा, शेष कक्षाओं में सीटों के आधार पर स्कूल निर्णय लेगा। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया, पवन मोर, शशिकांत, सुनील वर्मा, अजेंद्र कुंडू मौजूद रहे। इन स्कूलों में 23 मार्च से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 10 अप्रैल तक स्कूल मुखिया आवेदन लेंगे, इसके बाद 12 अप्रैल को ड्रॉ होगा। प्रतीक्षा सूची 18 अप्रैल को जारी की जाएगी।
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चंडीगढ़। राजकीय माॅडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक और राजकीय माॅडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालयों में अब अंग्रेजी माध्यम की बाध्यता नहीं रहेगी। हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन के विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने अंग्रेजी माध्यम की शर्त को हटा दिया है। अब अंग्रेजी व हिंदी दोनों माध्यमों वाले विद्यार्थियों का इन स्कूलों में दाखिला हो सकेगा।
वीरवार को हसला के राज्य प्रधान सतपाल सिंधू की अध्यक्षता में प्रतिनिधिमंडल विभाग के सह निदेशक नीरज शर्मा से मिले। हसला ने मांग रखी कि माध्यम की शर्त को हटाया जाए, ताकि स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ सके। बैठक में विभाग और हसला के बीच सहमति बन गई। बाद में अतिरिक्त निदेशक मनीषा शर्मा ने इस संंबंध में चुनाव आयोग की ड्यूटी पर निदेशक से फोन पर बात की और फोन पर ही निदेशक ने माध्यम हटाने की मंजूरी दे दी। इसके बाद दोपहर बाद विभाग ने नए सिरे से सभी डीईओ और डीईईओ को पत्र भी जारी कर दिया।
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बता दें कि पहले 26 मार्च को विभाग ने पत्र जारी कर कहा था कि पहली, छठी, नौंवी और 11वीं में नए दाखिले केवल अंग्रेजी माध्यम से ही किए जाएंगे। अब केवल पहली कक्षा में अंग्रेजी माध्यम अनिवार्य होगा, शेष कक्षाओं में सीटों के आधार पर स्कूल निर्णय लेगा। प्रतिनिधिमंडल में हसला के प्रेस सचिव अजीत चंदेलिया, पवन मोर, शशिकांत, सुनील वर्मा, अजेंद्र कुंडू मौजूद रहे। इन स्कूलों में 23 मार्च से दाखिला प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। 10 अप्रैल तक स्कूल मुखिया आवेदन लेंगे, इसके बाद 12 अप्रैल को ड्रॉ होगा। प्रतीक्षा सूची 18 अप्रैल को जारी की जाएगी।
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