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पंजाब: निजी स्कूलों में शिक्षा की आड़ में ठगी का कारोबार, सीटें भरने के बावजूद बेचे जा रहे हैं दाखिला फार्म

Mon, 28 Mar 2022 02:01 PM IST
ajay kumar अमित जेतली, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
अमित जेतली, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Mon, 28 Mar 2022 02:01 PM IST
सार

पंजाब के निजी स्कूलों में दाखिले के नाम पर प्रतिदिन लाखों की ठगी चल रही है। प्रत्येक स्कूल रोजाना 100 से 150 अभिभावकों को अपने जाल में फंसाता है। इनसे दाखिला फार्म के बदले 500 से 1000 रुपये और एंट्री परीक्षा के लिए 500 से 800 रुपये फीस के रूप में वसूले जाते हैं।

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Admission forms being sold despite filling seats in private schools of Punjab
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

पंजाब के निजी स्कूलों में शिक्षा की आड़ में लूटखसोट का सीजन शुरू हो चुका है। इसमें राज्य के सीबीएसई मान्यता प्राप्त स्कूल सबसे आगे हैं। बेलगाम होती स्कूल फीस, हर वर्ष वसूला जाने वाला भारी भरकम डेवलपमेंट फंड और प्रकाशक के मनमाने दाम वाली महंगी किताबें पहले ही अभिभावकों की कमर तोड़ रही हैं। ऊपर से दाखिला फार्म और एंट्री परीक्षा फीस के नाम पर नई ठगी शुरू हो चुकी है। इसमें फंसकर प्रतिदिन हजारों अभिभावक अपनी खून पसीने की कमाई गंवा रहे हैं। 

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सत्र खत्म होते ही निजी स्कूलों की लूटखसोट से परेशान ज्यादातर अभिभावक अपने बच्चे का स्कूल बदलने की कोशिश करते हैं। यहीं से वह स्कूल माफिया की संगठित ठगी के जाल में फंसते हैं। वह जिस भी स्कूल में जाते हैं, उनको कुछ ही सीट खाली होने की बात कहकर जल्द से जल्द दाखिला फार्म भरने और एंट्री परीक्षा बुक करवाने को कहा जाता है। इतना सुनकर अभिभावक तुरंत निर्णय लेने को मजबूर हो जाते हैं और उसी समय दाखिला फार्म खरीदकर एंट्री परीक्षा की फीस भर देते हैं, जो कि निजी स्कूलों का मुख्य मकसद होता है।
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इसके बाद बच्चे की एंट्री परीक्षा होती है। इस परीक्षा का नतीजा आने पर पता चलता है कि बच्चे के नंबर कम हैं। नंबर कम होने का बहाना बनाकर बच्चे को अयोग्य करार दिया जाता है। इसके बाद अभिभावक अपने बच्चे को अयोग्य समझते हुए हजारों रुपये लुटवाकर चुपचाप पुराने स्कूल की शरण में वापस लौट जाते हैं, जबकि इसके पीछे की असलियत कुछ और ही होती है।

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अधिकतर निजी स्कूलों की सीटें दिसंबर और जनवरी माह के अंत तक पूरी भर जाती हैं। इनके पास सीट उपलब्ध नहीं होती लेकिन इसके बावजूद दाखिला फार्म बेचने और एंट्री परीक्षा लेने का फर्जीवाड़ा अप्रैल महीने तक जारी रखते हैं और अभिभावकों को आभास तक नहीं होने देते कि वह ठगी का शिकार हो रहे हैं। 

दाखिले के फर्जीवाड़े से प्रतिदिन कमाते हैं लाखों रुपये
पंजाब के निजी स्कूलों में दाखिले के नाम पर प्रतिदिन लाखों की ठगी चल रही है। प्रत्येक स्कूल रोजाना 100 से 150 अभिभावकों को अपने जाल में फंसाता है। इनसे दाखिला फार्म के बदले 500 से 1000 रुपये और एंट्री परीक्षा के लिए 500 से 800 रुपये फीस के रूप में वसूले जाते हैं। ऐसा करके हरेक निजी स्कूल रोजाना 5 से 6 लाख रुपये झटक रहा है।

यह मामला अभी हमारे संज्ञान में आया है। शिक्षा विभाग की ओर से भी स्पष्ट निर्देश हैं, जो भी स्कूल ऐसा कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोमवार से चेकिंग शुरू कर देंगे। - जिला शिक्षा अधिकारी, लुधियाना, जसविंदर कौर

जब पक्ष लेने के लिए फोन किया तो कहा कि वे किसी मीटिंग में व्यस्त हैं, थोड़ी देर बाद फोन करेंगे लेकिन रात तक फोन नहीं आया। - जिला प्रधान फेडरेशन ऑफ ऑल प्राइवेट स्कूल पंजाब, मनमोहन सिंह

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