फाइलें सचिवालय में देखेंगे प्रशासक, दो दिन आएंगे सेक्रेटेरिएट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूटी प्रशासन से जुड़ी अधिकतर फाइलें अब प्रशासक वीपी सिंह बदनौर यूटी सेक्रेटेरिएट में आकर देखेंगे। सेक्रेटेरिएट में ही विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर अधिकारियों से चर्चा करेंगे। अभी भी प्रशासक सप्ताह में सेक्रेटेरिएट आते ही रहते हैं।
बदनौर पहले ऐसे प्रशासक हैं जो सप्ताह भर में सेक्रेटेरिएट आते रहते हैं। पहले अधिकारी राजभवन ही फाइलों को लेकर जाते थे। वहीं पर मीटिंग के बाद इन पर फैसला होता था। लेकिन, अब यह पता चल रहा है कि प्रशासक सप्ताह में दो दिन सेक्रेटेरिएट आएंगे और फाइलें देखेंगे।
पिछले 15 दिनों में दो बार प्रशासक यूटी सेक्रेटेरिएट आ चुके हैं। यहीं पर उनके सामने बिल्डिंग बायलाज के सरलीकरण की प्रजेंटेशन भी हुई। इसके अलावा चंडीगढ़ से जुड़ी कई चीजों का उद्घाटन और लांचिंग भी प्रशासक सेक्रेटेरिएट में आकर ही कर रहे हैं।
एडवाइजरी काउंसिल से लेंगे सुझाव
इस कारण अधिकारियों की भाग दौड़ लगी रहती है। जब तक वह अपने ऑफिस में रुकते हैं तो अधिकारियों के हाथ-पांव फूले रहते हैं। इससे पहले प्रशासक बहुत कम सेक्रेटेरिएट आए हैं। कई तो ऐसे प्रशासक आए जो कभी सेक्रेटेरिएट आए ही नहीं।
एडवाइजरी काउंसिल से लेंगे सुझाव
प्रशासक वीपी सिंह बदनौर करुणा सदन में आयोजित कार्यक्रम में कह चुके हैं कि वह एडवाइजरी काउंसिल के सुझावों को ध्यान में रखते हुए कार्य करवाएंगे। बदनौर ने कहा था कि पार्षदों से भी उनके एरिया का प्लान मांगेंगे।
फिर उन सभी कार्यों की जमीनी हकीकत देखने के बाद अगली प्रक्रिया शुरू होगी। एडवाइजरी काउंसिल गठन होने के बाद इसकी पहली मीटिंग हो चुकी है। हालांकि इस मीटिंग में सभी का परिचय ही हो पाया था। प्रशासक ने जल्द ही काउंसिल की दूसरी मीटिंग करने की बात भी कही थी।