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Hindi News ›   Chandigarh ›   Administrator's response to Mayor's allegation, said - If you don't have to meet, then why would you give an appointment?

Chandigarh News: मेयर के आरोप पर प्रशासक का जवाब, बोले- मिलना नहीं होता तो अप्वाइंटमेंट क्यों देता

Fri, 12 Apr 2024 02:50 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 12 Apr 2024 02:50 AM IST
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Administrator's response to Mayor's allegation, said - If you don't have to meet, then why would you give an appointment?
चंडीगढ़। शहर के मेयर कुलदीप कुमार ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रशासक ने उन्हें समय देने के बाद भी मिलने से इन्कार कर दिया, जिसकी वजह से उन्हें राजभवन के गेट से लौटना पड़ा। अब पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने वीरवार को जवाब दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें मिलना नहीं होता तो वह अप्वाइंटमेंट क्यों देते। शिष्टाचार भेंट की आड़ में मेयर के वास्तविक इरादे जानने के बाद ही मुलाकात रद्द की गई।प्रशासन ने मेयर के बयान को निंदनीय बताया है। राजभवन की तरफ से वीरवार को इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया गया। बताया गया कि निर्धारित मुलाकात से एक घंटा पहले मेयर को मुलाकात के रद्द होने की जानकारी दे दी गई थी। मेयर ने मुलाकात के किसी विशेष उद्देश्य का उल्लेख किए बिना, राज्यपाल के कार्यालय से ‘शिष्टाचार भेंट’ के रूप में मुलाकात का समय मांगा था। सुबह मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यह बात सामने आई कि मेयर की इच्छा प्रशासक के साथ हर घर को 20,000 लीटर मुफ्त पानी, पानी की दरों में वार्षिक बढ़ोतरी और अन्य विकासात्मक कार्यों सहित कई मुद्दों पर चर्चा करने की थी।
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मुलाकात रद्द होने के बावजूद मेयर पंजाब राजभवन पहुंचे, जहां उन्हें फिर से यह समझाया गया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण ऐसे किसी भी एजेंडे पर चर्चा नहीं की जा सकती। चूंकि यह जानकारी मुलाकात से एक घंटे पहले उनके साथ साझा की गई थी, इसलिए उनके पंजाब राजभवन जाने का कोई कारण नहीं बनता था। राजभवन की तरफ से बताया गया कि अगर प्रशासक का मेयर से मिलने का कोई इरादा नहीं होता तो उन्होंने मेयर को मुलाकात का समय ही नहीं दिया होता। शिष्टाचार भेंट की आड़ में मुलाकात के उनके वास्तविक इरादे अखबारों में पढ़ने के बाद ही मुलाकात रद्द की गई। मेयर के मीडिया बयान के मद्देनजर तथ्यों का स्पष्ट होना आवश्यक है इसलिए यह स्पष्टीकरण जारी किया गया।
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पांच अप्रैल को किया था ई-मेल, अहलूवालिया के साथ मिलने का मांगा था समय
मेयर की ओर से आरोप लगाने के बाद पंजाब राजभवन की तरफ से शुक्रवार को उस ई-मेल की जानकारी भी सार्वजनिक की गई, जिसमें मेयर ने प्रशासक से मिलने का समय मांगा था। पांच अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 51 मिनट पर मेयर के पीए की तरफ से राज्यपाल के एडीसी को ईमेल भेजा गया था, जिसमें मेयर ने आम आदमी पार्टी के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस अहलूवालिया के साथ शिष्टाचार भेंट के लिए समय मांगा था।
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यह भी नहीं बताया गया कि प्रशासक कब मिलेंगेः मेयर
मेयर कुलदीप कुमार ने कहा है कि वह जनता के चुने हुए प्रतिनिधि हैं और जनता से जुड़े मुद्दों उठाना उनका कर्तव्य है। वह एक बार फिर कोशिश करेंगे कि प्रशासक से मिलकर शहरवासियों को 20 हजार लीटर मुफ्त पानी और हाल में बढ़े पानी के दामों पर चर्चा कर सकें। कुलदीप ने कहा कि उन्हें यह भी नहीं बताया गया कि प्रशासक अगली बार कब मिलेंगे। आप के प्रदेश सह-प्रभारी डॉ. एसएस अहलूवालिया ने कहा है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि राज्यपाल ने इस तरह मेयर कुलदीप कुमार से मिलने से इन्कार कर दिया। मेयर निजी काम से राज्यपाल से मिलने नहीं गए थे, वह शहरवासियों को सुविधाएं दिलाने के लिए उनसे मिलने गए थे।
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