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प्रशासक बदनौर बोले- आमदनी बढ़ाने को नया टैक्स लगाओ; मेयर ने कहा- हरगिज नहीं
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Sep 2017 12:04 AM IST
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Administrator VP Singh Badnore & Mayor Asha Jaiswal
- फोटो : File Photo
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प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने आमदनी बढ़ाने के लिए नगर निगम की मेयर आशा जसवाल को नया टैक्स लगाने को कहा है लेकिन मेयर ने दो टूक कहा कि वह कोई नया टैक्स नहीं लगाएगी। जसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार ने हाल ही में नगर निगम को मनोरंजन टैक्स लगाने का अधिकार दिया है। अधिसूचना जारी होने के बाद ही मनोरंजन कर लगाया जाएगा।
प्रशासन नगर निगम पर दबाव बनाया हुए है कि वह अपने आय के साधन बढ़ाए। हाल ही में मेयर और कमिश्नर के साथ हुई मुलाकात में प्रशासक ने मेयर को नया टैक्स लगाने को कहा। इस पर मेयर ने प्रशासक को कहा कि सेक्टर-17, मौलीजागरा के अलावा कई जगह खाली दुकानें पड़ी हैं, जिन्हें किराए पर या कम रेट पर बेचने की मंजूरी दी जाए। अगर ऐसा होता है तो नगर निगम का खजाना भर जाएगा।
इतनी राशि आ जाएगी कि इसके ब्याज से ही नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो जाएगा। नगर निगम के पास पांच साल पहले 500 करोड़ रुपये की एफडी थी, जो कि अब मुश्किल से 200 करोड़ रुपये रह गई है। जबकि नगर निगम को प्रशासन से हर साल मिलने वाला बजट भी कम हो रहा है।
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प्रशासन नगर निगम पर दबाव बनाया हुए है कि वह अपने आय के साधन बढ़ाए। हाल ही में मेयर और कमिश्नर के साथ हुई मुलाकात में प्रशासक ने मेयर को नया टैक्स लगाने को कहा। इस पर मेयर ने प्रशासक को कहा कि सेक्टर-17, मौलीजागरा के अलावा कई जगह खाली दुकानें पड़ी हैं, जिन्हें किराए पर या कम रेट पर बेचने की मंजूरी दी जाए। अगर ऐसा होता है तो नगर निगम का खजाना भर जाएगा।
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इतनी राशि आ जाएगी कि इसके ब्याज से ही नगर निगम के कर्मचारियों के वेतन का भुगतान हो जाएगा। नगर निगम के पास पांच साल पहले 500 करोड़ रुपये की एफडी थी, जो कि अब मुश्किल से 200 करोड़ रुपये रह गई है। जबकि नगर निगम को प्रशासन से हर साल मिलने वाला बजट भी कम हो रहा है।
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254 दुकानें खाली पड़ी है पिछले कई सालों से खाली
मेयर आशा जसवाल
- फोटो : File Photo
लिहाजा प्रशासन चाहता है कि नगर निगम खुद भी आय के साधन के बढ़ाए। जबकि कमिश्नर बी पुरूषार्था भी कई बार सदन की बैठक में पार्षदों को इस ओर कदम उठाने के लिए कह चुके हैं।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि एक बात स्पष्ट है कि जब शहरवासियों को नई सुविधाएं मिलेगी अब तभी कोई नया टैक्स लगाने पर विचार किया जाएगा।
254 दुकानें खाली पड़ी है पिछले कई सालों से खाली
शहर में इस समय नगर निगम की करोड़ों रुपये की ऐसी 254 दुकानें है जो कि कई सालों से खाली पड़ी हैं। इनमें से 197 दुकानें ऐसी है जो कि अभी तक इंजीनियरिंग विंग की लापरवाही के कारण पालिसी न बनने के कारण किराए पर नहीं चढ़ी है। अगर यह किराए पर भी चढ़ जाए तो हर माह लाखों रुपये इकट्ठा हो जाए।
मेयर आशा जसवाल का कहना है कि एक बात स्पष्ट है कि जब शहरवासियों को नई सुविधाएं मिलेगी अब तभी कोई नया टैक्स लगाने पर विचार किया जाएगा।
254 दुकानें खाली पड़ी है पिछले कई सालों से खाली
शहर में इस समय नगर निगम की करोड़ों रुपये की ऐसी 254 दुकानें है जो कि कई सालों से खाली पड़ी हैं। इनमें से 197 दुकानें ऐसी है जो कि अभी तक इंजीनियरिंग विंग की लापरवाही के कारण पालिसी न बनने के कारण किराए पर नहीं चढ़ी है। अगर यह किराए पर भी चढ़ जाए तो हर माह लाखों रुपये इकट्ठा हो जाए।